सर्दी में भी आधे से अधिक खाली कोतवाल बांध, कोटा से आये पानी से भरा जा सकता है
ग्वालियर. स्टेट टाइम में बनाया गया कोतवाल डेम इस बार सर्दियों में 41 प्रतिशत खाली है। इस वजह से इससे जुड़ा पिलुआ बांध भी 44 प्रतिशत खाली है। इस बार कोटा बैराज से चंबल नहर में पानी कम छोड़ा जा रहा है। पानी की कमी की वजह से कोतवाल डेम लबालब नहीं हो सका। आपको बता दें िकइस समय सरसों व गेहूं की फसलों में सिंचाई की अवस्था में है। लेकिन अटेर, भिण्ड जिले के किसानों को नहर से पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बुधवार से कोतवाल बांध को भरने के लिये ओअर मैन नहर में कोटा बैराज से आये 1552 क्यूसैक पानी चलाकर उसे आसन फॉल में डाला जा रहा है। आसन के पानी से कोतवाल बांध को भरा जा रहा है।
4500 हैक्टर जमीन की मुरैना जिले में सिंचाई होती है।
1552 क्यूसैक पानी छोड़कर भरा जा रहा कोतवाल बांध।
1.05 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन भिण्ड की सिंचित।
दोनों बांधों वर्ष 2000 में गेट खोलने की व्यवस्था थी
कोतवाल बांध से भिण्ड मैन नहर में पानी छोड़ने केलिये 13 गेट व पिलुआ बांध से पानी डिस्चार्ज करने के लिये 21 गेट खोले जा सकते है। स्टेट टाइम में तैया किया गया बांध में पानी के ओवरफ्लो होने की स्थिति में गेट खोलने प्रबंध नहीं थे यह सुविधा वर्ष 2000में तैयार की जा सकी है।
पांच दिन में देंगे दोनों बांध
पांच दिन के अन्दर कोताल बांध को पूरी क्षमता 57.45 मिलियन क्यूबिक मीटर आर पिलुआ बांध को 16.95 मिलियन क्यूबिक मीटर तक भर लिया जायेगा।
आरपी झा, सीई, यमुना कछार, ग्वालियर

