मप्र में विधानसभा सत्र से पहले मिल सकती है कर्मचारियों को वेतनवृद्धि की सौगात
भोपाल. शिवराज सरकार ने प्रदेश के 14 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को दो साल से वेतनवृद्धि व महंगाई भत्ते का लाभ नहीं दिया है इससे कर्मचारी नाराज है और आंदोलन की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए सरकार विधानसभा सत्र से पहले कर्मचारियों को राहत देने की तैयारी में जुटी है। कमलनाथ सरकार ने जुलाई 2019 में कर्मचारियों का डीए 5 प्रतिशत बढ़ाकर 17 प्रतिशत किया था जिसका भुगतान मार्च 2020 से होना था पर कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने अप्रैल 2020 में आदेश निरस्त कर दिए। हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों का डीए 11 प्रतिशत बढ़ा दिया। इस हिसाब से राज्य के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में 16 प्रतिशत कम डीए मिल रहा है जिससे कर्मचारी नाराज है और आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
वेतनवृद्धि मिलने की ज्यादा उम्मीद
सरकार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए रूकी हुई दो वेतनवृद्धि मिलने की ज्यादा उम्मीद है क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर महज 80 करोड़ रुपये बोझ आएगा जबकि महंगाई भत्ता 17 प्रतिशत भी दिया तो 1250 करोड़ रुपये सालाना खर्च करना पड़ेंगे। वर्तमान में सरकार कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में जुटी है जिस पर भारी राशि खर्च हो रही है जिसे देखते हुए दो वेतनवृद्धि मिलने की उम्मीद ज्यादा है। यदि सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई और महंगाई भत्ता दिया तो भुगतान तुरंत नहीं दिया जाएगा वहीं एरियर मिलने की उम्मीद भी कम ही है।

