नितेन्द्र सिंह पृथ्वीपुर से कांग्रेस उम्मीदवार घोषित
भोपाल. मप्र के निवाड़ी जिले की विधानसभा सीट पृथ्वीपुर पर कांग्रेस ने शनिवार को प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने पृथ्वीपुर से स्वर्गीय बृजेन्द्रसिंह राठौर के बेटे नितेन्द्रसिंह का उम्मीदवार बनाया है। नितेन्द्र होटल कारोबारी भी है। इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के जनरल सेक्रेटरी मुकुल वासनिक ने पत्र जारी किया है । पूर्व मंत्री बृजेन्द्रसिंह राठौर के कोरोना से निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। नितेन्द्र ने बताया कि वह बीजेपी सरकार के 15 साल के राज में महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को जनता के बीच लेकर जायेंगे।
उम्मीदवारी के बारे में मीडिया से पता चला नितेन्द्र को
नितेन्द्रसिंह ने बताया कि उनको पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनाने का पता मीडिया के माध्यम से चला। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताया है। इसके लिये पार्टी का आभारी हूं। चुनावी मुद्दों को लेकर कहा है कि बीजेपी सरकार के 15 साल के राज में महंगाई भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर जायेंगे। जिससे जनता परेशान है। नितेन्द्र सिंह ने कहा है कि यदि जनता का मुझे आर्शीवाद देती है तो युवाओं को रोजगार दिलाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये प्रयास करूंगा।
कौन है नितेन्द्र
नितेंद्र सिंह ने प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर से और फिर केंद्रीय विद्यालय भोपाल से हायर सेकेंडरी की है। इसके बाद पूसा इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट किया है। ओरछा में एक होटल अमरमहल का संचालन करते हैं। वर्ष 2015 में नगर परिषद ओरछा चुनाव में नितेंद्र सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसमें कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नितेंद्र ने पिता ब्रजेन्द्र सिंह राठौर के समर्थन में सक्रिय भी सक्रिय रहे। इसके बाद लगातार स्थानीय राजनीतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे। फरवरी 2016 में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के नेतृत्व में पृथ्वीपुर विधानसभा के दिगौड़ा क्षेत्र में करीब 10 किमी की पदयात्रा की थी।
बता दें कि विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी। 2 नवंबर को मतगणना होनी है। मध्य प्रदेश में खंडवा लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है। वहीं, पृथ्वीपुर, जोबट और रैगांव विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। खण्डवा लोकसभा सीट पर सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के कोरोना से निधन होने पर सीट खाली हुई थी।

