ग्वालियर में नवंबर में शुरू होगा फिटनेस ट्रैक, पीडब्ल्यूडी ने बिजली के खम्भे शिफ्ट नहीं किये, एक साथ लगेगा आरटीओ कार्यालय
ग्वालियर. परिवहन विभाग नवंबर से फोरलेन ट्रैक पर ही ट्रक, डंपर जैसे हैवी व्हीकल की फिटनेस चेक करेगा। ट्रैक पर ही लाइसेंस के लिए भी टेट होगा। भूमि सीमांकन विवाद के चलते लंबे समय से काम बंद पड़ा था। विवाद सुलझने के बाद पीआईयू ने काम शुरू करा दिया है।
फिटनेस सेंटर का बजट-1.11 करोड़
हुरावली पहाड़ी पर 1.11 करोड़ रुपए की लागत से फिटनेस शाखा तैयार हो रहा है। यहां पहले गेट को लेकर परेशानी आ रही थी लेकिन अब एक गेट से प्रवेश रहेगा और दूसरे से निकासी। परिसर में बाउंड्रीवाल, सिस्टम का जो काम बचा है उसे पूरा किया जा रहा है। वहीं परिवहन विभाग के फिटनेस शाखा का जो काम बचा था उसे हम शीघ्र पूरा कराने की कोशिश कर रहे है। नवंबर में काम पूरा होते ही इसे हम परिवहन विभाग को हैंडओवर कर देंगे। लाइसेंस शाखा का काम पूरा हो चुका है उसके लिए हमने परिवहन विभाग को पत्र भी लिख दिया है।
30 किमी का लंबा चक्कर बचेगा
फिटनेस के लिए ट्रक, डंपर या बड़े वाहनों को बायपास से 30 किमी का चक्कर लगाकर कंपू आना पड़ता है। कंपू पर कई बार इन वाहनों के कारण जाम लग जाता है। वहीं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए फॉर्म पर आरटीओ के हस्ताक्षर होते है। आवेदक पहले कंपू से फॉर्म भरकर हुरावली जाता था और वहां से साइन कराकर फिर वापस कंपू आता था। कई बार अधिकारियों के न मिलने पर परेशानी और बढ़ जाती है।
लाइसेंस शाखा तैयार
परिवहन विभाग के लाइसेंस शाखा का ऑफिस बनकर तैयार है। पीआईयू ने इस बारे में आरटीओ को सूचित भी कर दिया है लेकिन आरटीओ ने कहा है कि एक शाखा शिफ्ट करने में हमें दिक्कत आएगी। हम दोनों शाखाएं एक साथ शिफ्ट करेंगे इसलिए फिटनेस शाखा के ऑफिस को जल्द तैयार करें।
फिटनेस ट्रैक में मुख्य बाधा है रास्ते में लगे खम्भे
फिटनेस ट्रैक के रास्ते में लगे बिजली के खम्भे 6 माह पूर्व पीडब्ल्यूडी ने शिफ्ट करने का वादा किया था लेकिन आज दिनांक तक शिफ्ट नहीं हुए हैं। इसी कारण से निर्माण कार्य बिलंब हो रहा है। श्री सांईनाथ कंस्ट्रक्शन के संचालक ने बताया कि एक माह पूर्ण कर विभाग को हैण्डओवर कर देंगे। आरटीओ कार्यालय के निर्माण कार्य के बाद भी व्यवस्थाओं को को क्रियान्वित करने के लिये आवश्यक कदम नहीं उठाये गये, पहुंच मार्ग आज भी संकरा है बड़ी गाडि़यों के आवागमन मतें कठिनाई होगी, पार्किंग भी व्यवस्था नहीं की गयी।
संचालक, श्रीसांईनाथ कन्स्ट्रक्शन कंपनी

