मुंबई की इंटरनेशनल बैंक हैकिंग के तार ग्वालियर से जुड़े, 5 करोड़ 5 लाख रूपये बैंक ऑफ बहरीन एंड कुवैत का सर्वर हैक कर उड़ाये थे रूपये, एक टीचर सहित 2 छात्रों को लेकर मुंबई क्राइम ब्रांच रवाना
ग्वालियर. कोचिंग संचालक और उसके दो 12 वीं के छात्र को मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है पकड़े गये तीनों आरोपियों के तार हाल ही में मुंबई की बैंक ऑफ बहरीन एण्ड कुवैत से 5.5 करोड़ रूपये की ठगी से जुड़े हैं। कोचिंग संचालक और उसके 2 छात्र के खाते में 22.5 लाख रूपये भी आये थे। घटना को 14-15 अगस्त की दरमियानी रारत नाइजीनियर गैंग ने सर्वर हैक कर दिया था।
हैकिंग के मास्टर माइण्ड को मुंबई क्राइम ब्रांच दिल्ली से गिरफ्तार कर चुकी है। उसके खुलासा के बाद शुक्रवार को टीम ग्वालियर पहुंची थी। तीनों आरोपियों को मुरार के बंशीपुरा इलाके में रहते थे। इनका कहना है कि इनके खाते में रूपये आये जरूर थे पर उन्होंने वह अन्य खाते में ट्रांसफर किये हैं। वहां से बदले में सिर्फ 20 हजार रूपये मिले हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को प्रॉटक्शन वारंट पर मुंबई ले गयी है।
क्या है पूरा मामला
मुंबई क्राइम ब्रांच ने बताया कि ठगी के मास्टर माइंड नाइजीरियन मार्टिन को उन्होंने एक दिन पहले दिल्ली से गिरफ्तार किया थी। नाइजीरियन ने बैंक का सर्वर हैक कर 5ण्5 करोड़ रुपए देश के विभिन्न शहरों के 87 बैंक खातों में ट्रांसफर किए थे। इनमें से 3 खाते ग्वालियर के मुरार इलाके के पते पर कुछ लोगों के हैं। इस पर तत्काल एसपी सांघी ने ।ैच् राजेश डंडौतिया को मामले की कमान सौंपी है। उन्होंने सिरोल थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह धाकड़ को तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए। मुंबई क्राइम ब्रांच के साथ सिरोल पुलिस ने दबिश दी। इस पर पुलिस ने सबसे पहले 18 साल के 12वीं के छात्र प्रवांशु जाटव को हिरासत में लिया। उसे जैसे ही पुलिस ने उठाया तो उसके दो साथियों को कार्रवाई का पता चल गया। इसके बाद उनकी सर्चिंग करने में करीब 2 घंटे लग गए। इनको कोर्ट में पेश कर मुंबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
कैसे बैंक सर्वर हैक और कैसे घटना दिया अंजाम
एएसपी राजेश दण्डोतिया ने बताया कि मुंबई की बैंक ऑफ बहरीन एण्ड कुवैत में 14-15 अगस्त की दरमियानी रात छुट्टी के दिन नाईजीरियन हैकर ने अपनी टीम के साथ घटना को अंजाम दिया। गिरोह ने सबसे पहले बैंक का सर्वर हैक किया और इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग के जरिये अलग-अलग 87 बैंक खातों में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी और अगले दिन 15 अगस्त को बैंक की छुट्टी थी। 16 अगस्त को जब बैंक खुलने पर घटना का पता चला।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने 4 दिन पूर्व दिल्ली से मास्टर माइण्ड मार्टिन को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ के बाद पता लगा कि उसने अपने एजेंट बना रखे हैं। इनके माध्यम से वह देश के अलग-अलग शहरों के लोगों के अकाउंट ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिये किराये पर लेता है। इसके बाद ग्वालियर के तीन नाम सामने आये हैं जिनमें रवि राजे, दिनेश जाटव, प्रवांशु जाटव के नाम है। इनको ही पकड़ने के लिये टीम ग्वालियर आई थी।
ग्वालियर से यह पकड़े गए
प्रवांशु जाटव
बंशीपुरा की गली नंबर-2 निवासी प्रवांशु (19) भी 12वीं का छात्र है। प्रवांशु भी रवि का स्टूडेंट है। इंग्लिश की ट्यूशन इसलिए लेते हैं, जिससे आगे चलकर फ्रॉड में महारत हासिल कर सकें।
रवि राजे
मुरार के बाज सिनेमा के पास बंशीपुरा निवासी रवि राजे (28) कोचिंग संचालक है। वह इंग्लिश की ट्यूशन देता है। खुद भी इंग्लिश में MA किया हुआ है। उसके खाते में 7.5 लाख रुपए आए थे। रवि बहुत शातिर है। 7 महीने पहले उसे इंदौर क्राइम ब्रांच भी गिरफ्तार कर चुकी है।
दिनेश जाटव
बंशीपुरा गली नंबर दो निवासी दिनेश जाटव (18) 12वीं का छात्र है। यह रवि का स्टूडेंट है। घर की हालत ठीक नहीं है, लेकिन उसे पता था कि इसका खाता फ्रॉड में यूज हो रहा है। इसके खाते में भी 7.5 लाख रुपए आए थे। जिसे उसने एक अन्य खाते में ट्रांसफर किए। बदले में 20 हजार रुपए मिले थे।

