जीवाजी विश्वविद्यालय 8.2 प्रतिशत घाटे का बजट हुआ पेश, सर्वसम्मति से मान्य
ग्वालियर.जीवाजी विश्वविद्यालय के टंडन सभागार में गुरूवार को कार्यपरिषद की बैठक हुई। कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. सुशील मंडेरिया सचिव के तौर पर मौजूद रहे। बैठक में सत्र 2022- 23 का व 2021- 22 का संशोधित बजट पेश किया गया। यह 12 करोड़ यानी कि 8.2 प्रतिशत घाटे का बजट था, जिसे सर्वसम्मति से मान्य किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के सत्र 2020- 21 के वार्षिक प्रतिवेदन का अनुमोदन किया गया साथ ही सत्र 2020- 21 के वार्षिक लेखा का भी अनुमोदन किया गया। बैठक का शुभारंभ वंदेमातरम से व समापन जनगणमन से किया गया। बैठक के प्रारंभ में 2 नए सदस्यों प्रो. वायके जायसवाल और प्रो. डीएन गोस्वामी का स्वागत भी पुष्पगुच्छ देकर किया गया।
बैठक में कार्यपरिषद सदस्य डॉ. मनेंद्र सिंह सोलंकी, डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौड़, वीरेंद्र गुर्जर, सेवंती भगत, प्रो. ओपी मिश्रा, प्रो. डीएन गोस्वामी, प्रो. संजय कुलश्रेष्ठ, प्रो. मुकुल तैलंग, प्रो. वायके जायसवाल, सेवंती भगत, विवेक भदौरिया मौजूद रहे। डॉ. संगीता कटारे ऑनलाइन रूप से मौजूद रहीं। वित्त विभाग के संयुक्त संचालक योगेंद्र सक्सेना, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. एमआर कौशल और वित्त नियंत्रक डॉ. राजीव मिश्रा बैठक में मौजूद रहे।
ये रहे मुख्य बिंदु
पूंजीगत योजनाओं के लिए 37 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया।
इंजीनियरिंग भवन के विस्तार, उसकी बांउड्रीवॉल, कंप्यूटराइजेशन आदि के लिए प्रावधान हुआ।
जेयू में संचालित होने वाले पैरामेडिकल कोर्सेस, आयुष संस्थान के लिए दस करोड़ रूपये मान्य किए गए।
विश्वविद्यालय की ऑडिट फीस के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
सत्र 2022-23 के लिए बजट अनुमानित कुल आय 1,79,79,94,000 रुपए तथा व्यय 194,55,55,500 रुपए रखा गया है।
बजट में शोध छात्रवृत्ति तथा पोस्ट डॉक्टोरल का प्रावधान किया है।
लायब्रेरी विभाग में छात्रों व शिक्षकों के लिए 1 करोड़ 10 लाख रुपए के ई-जर्नल्स हेतु सब्सक्रिप्शन की अनुमति दी गई।
विश्वविद्यालय में कम्प्यूटराइजेशन यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम (यूएमएस) के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया एवं साथ ही सभी अध्ययनशालाओं में स्मार्ट क्लासरूम बनाने का भी प्रावधान किया गया है।
वित्त समिति के कार्य विवरण का अनुमोदन किया गया।
भवन समिति की बैठक के कार्य विवरणों का अनुमोदन किया गया।
यूजीसी से अनुदान प्राप्त करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों के लिए सभी कार्य परिषद सदस्यों ने कुलपति महोदय की सराहना भी की।

