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जीवाजी विश्वविद्यालय में ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज होने के बाद भी काम कर रहे प्रोफेसर

ग्वालियर. मुरैना के झुंडपुरा में फर्जी शिवशक्ति कॉलेज के संचालन के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) द्वारा मामला दर्ज करने के एक महीने बाद जीवाजी विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी को हटाकर धारा-52 लगाने का एनएसयूआई, अभाविप, कार्यपरिषद सदस्य और इस मामले को उजागर करने वाले अरुण शर्मा ने स्वागत कर किया है और सभी इसे अपनी जीत बता रहे हैं।
हालांकि अभी इस मामले में अन्य प्रोफेसरों पर भी कार्रवाई होना बाकी है। 13 जनवरी-2025 को ईओडब्ल्यू द्वारा जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी व राजस्था न के बांसवाड़ा विवि के कुलपति डॉ. केएस ठाकुर सहित 19 प्रोफसरों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। लेकिन मामला दर्ज होने का भी प्रोफेसरों पर खास असर नहीं पड़ा था और वे जेयू में बेधड़क काम कर रहे हैं। इन प्रोफेसरों को शिवशिक्त कॉलेज का कोई भी अस्तित्व नहीं मिला था और उन्होंने फर्जी तरीके से निरीक्षण कर संबद्धता की सिफारिश जारी कर दी थी। इन पर धारा 420, 409, 467, 468 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि वह जांच कर रहे हैं और दस्तावेज व साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। इसके बाद चालान पेश किया जाएगा।
ये हैं प्रोफेसर जिन पर होनी है कार्रवाई
प्रो. अविनाश तिवारी जेयू के कुलगुरू पद से हटाए गए।
डॉ. केएस ठाकुर राजस्थान के बांसवाड़ा विवि के कुलगुरु
सपन पटेल एचओडी जूलॉजी विभाग
डॉ. एमके गुप्ता एचओडी बॉटनी विभाग
डॉ. नवनीत गरुड़ फार्मेसी
डॉ. हेमंत शर्मा डिस्टेंशन व लाइब्रेरी के डायरेक्टर
डॉ. राधा तोमर एचओडी कैमेस्ट्री विभाग
डॉ. निमिषा जादौन एचओडी पर्यावरण विज्ञान व पर्यावरण रसायन विज्ञान
एसके सिंह एचओडी मैनेजमेंट विभाग

 

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