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कोविड़ संक्रमित महिला की मौत, दो दिनपूर्व बच्चे को दिया जन्म, अंतिम सांस लेने से पहले बेटे को निहारा

ग्वालियर. बुधवार की शाम को कोविड़ से तीसरी लहर की पहली मौत हो गयी है। 2 दिन पूर्व रैपिट एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आई 25 वर्षीय महिला ने अचानक ब्लड़प्रेशन डाउन होने के बाद दम तोड़ दिया है। 2 दिन पूर्व महिला ने बेटे को जन्म दिया और जब उसकी सांसें थमने लगी तो उसने बेटे को देखने की इच्छा जताई थी। बेटै का चेहरा देखने के बाद उसने अंतिम सांस ली और हमेशा के लिये खामोश हो गयी। शादी के एक वर्ष बाद पहली डिलेवरी के 2 दिन नवविवाहिता की मौत से पूरा गुप्ता परिवार गमगीन हो गया है। डॉक्टर मौत की वजह पर जांच कर रहे है।
महिला दीपावली के बाद से यहीं डबरा अपनी ससुराल थी जबकि पति दिल्ली में जॉब करता था। वह डिलेवरी से पूर्व ही आया हे। डॉक्टरों का मानना है कि महिला को पति से ही संक्रमण मिला है। फिलहाल परिजन का कहना हे कि मृतका वर्षा को कोविड़ नहीं था। वह स्वस्थ्य थी, लेकिन उसकी मौत के बाद मासूम बच्चे के परवरिश का संकट खड़ा हो गया है।
एक साल से पहले हुई थी शादी
ग्वालियर के डबरा स्थित गोमतीपुरा निवासी अशोक उर्फ नीतेश गुप्ता दिल्ली में एक मल्टी नेशनल कम्पनी में नौकरी करते थे। नीतेश की एक वर्ष पूर्व कोविड़ के माहौल में 25 वर्षीय वर्षा गुप्ता से शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों काफी खुश थे। वर्षा, पति के साथ ही दिल्ली चली गयी थी और इसके बाद वह प्रेग्नेंट हो गयी और वह दीपावली पर नीतेश और वर्षा अपने घर आये थे। वर्षा 7 माह की गभ्रवती थी। इसलिये इस बार नीतेश उसे यहीं ससुराल में छोड़ गया जिससे उसकी अच्छे से देखभाल हो सके। अभी तक सब कुछ ठीक चल रहा था। इसी दौरान दिल्ली में तेजी से कोरोना संक्रमण फैलने लगा। इधर वर्षा की डिलेवरी का समय भी नजदीक आने लगा तो ग्वालियर में भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ गया। पत्नी के डिलेवरी से पहले नीतेश दिल्ली से घर लौटा था।
अंतिम सांस लेने से बेटे को मनभर देखा
जब वर्षा की सांसे जब थमने वाली थी और उसे लग रहा था िकवह अब जिन्दा नहीं बचेगी तो उसने अपने बेटे को देखने की बात कही थी। ऐसा डॉक्टरों ने बताया कि मौत से कुछ देर पहले उसने बेटे को देखा और अंतिम सांस ली। मृतका का पति और अन्य परिजन मानने को तैयार नहीं है कि उसे कोविड़ है। उनका कहना था कि उसकी मौत ब्लड प्रेशर अपडाउन होने की वजह से हुई है।

डबरा में किया अंतिम संस्कार
वर्षा की मौत को स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर की पहली कोविड मौत माना है, जबकि परिजन मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में वह शव को बिना कोविड प्रोटोकॉल फॉलो करे डबरा ले गए। बुधवार रात को वहां जवाहरगंज मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया गया है।

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