एकीकृत बागवानी -उद्यानिकी व प्रसंस्करण अपनाकर किसान आसानी से आमदनी बढ़ा सकते हैं–भारतसिंह कुशवाह
ग्वालियर खेती की आमदनी को दोगुना करने के लिये किसान भाई रबी-खरीफ में उद्यानिकी फसलों की खेती भी करें। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण भी अपनाएँ। सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिये 35 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। यह बात उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह ने कही। श्री कुशवाह एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत मंगलवार से यहाँ मेला रोड़ स्थित उद्यानिकी विभाग की शासकीय पौधशाला परिसर में शुरू हुए किसानों के चार दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और सब्जी व मसाला क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से उद्देश्य से आयोजित हो रहे सम्मेलन के पहले दिन भितरवार जनपद पंचायत के 427 किसानों को लाभान्वित कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव ने की।
उद्यानिकी फसलों को अपनाने पर जोर देते हुए राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार ने कहा कि किसान भाई खरीफ व रबी फसलों के साथ आसानी से सालभर में उद्यानिकी की चार फसलें ले सकते हैं। उद्यानिकी फसलें कम लागत में अधिक आमदनी देने वाली होती हैं। उन्होंने कहा आगे आने वाला समय खाद्य प्रसंस्करण का है। इसलिए किसान भाई खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजना का लाभ उठाकर अपनी उपज का प्रसंस्करण जरूर करें। इससे निश्चित रूप से आमदनी बढ़ेगी। जैविक खेती करने की सामग्री सौंपी और घर पर दवा व खाद बनाने की विधि भी बताई गई
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिये नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटास बनाने वाले जीवाणुओं की किट सौंपी। साथ ही वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) व स्प्रिंकलर सहित अन्य सामग्री के किट सौंपी। इस अवसर पर विषय विशेषज्ञों द्वारा जैविक खाद और घर पर ही जैविक कीटनाशक दवाएँ तैयार करने की तकनीक सिखाई। किसानों को इसके अलावा टमाटर, भिंडी, मिर्च, लॉकी व गिलकी के बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए।

