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महंगाई भत्ता और प्रमोशन की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन, 22 अक्टूबर को भोपाल में बड़ा धरना मांगें नहीं मानी तो 28-29 कार्यालयों में लॉकडाउन और फिर हड़ताल

भोपाल. महंगाई भत्ता (डीए) और प्रमोशन सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों के आन्दोलन के 2 चरण पूरे हो चुके हैं। कलेक्टर, एसडीएम को सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद अब 22 अक्टूबर को भोपाल में बड़ा प्रदेशस्तरीय धरना प्रदर्शन किया जायेगा। तब भी सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 28-29 अक्टूबर को सरकारी कार्यालयों में ‘‘लॉकडाउन’’ किया जायेगा और फिर मध्यप्रदेश के लाखों कर्मचारी हड़ताल पर चले जायेंगे।
प्रथम चरण में मप्र में सीएम और सीएस के नाम एसडीएम तहसीलदारों को ज्ञापन सौंपे गये थे। वहीं, दूसरे चरण में सभी 52 जिलों के कर्मचारी को ज्ञापन दिये जा चुके हैं। चूंकि अभी तक सरकार की तरफ से मांगों के संबंध में कोई चर्चा नहीं की गयी है। इसलिये 22 अक्टूबर को भोपाल में धरना प्रदर्शन किया जायेगा। मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले अधिकारी-कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। मोर्चा से 52 कर्मचारी संगठन जुड़े हैं।
राज्य सरकार की ओर से कोई पहल नहीं
संयुक्त मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने बताया कि 8 अक्टूबर को प्रदेशभर में कलेक्टरों को ज्ञापन दिये गये हैं। जून-जुलाई में भी प्रदर्शन किया था। जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के आश्वासन के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल नहीं की गयी थी। बावजूद सरकारी की तरफ से मांगों को पूरा करने की कोई पहल नहीं की गयी है। इसलिये अब 4 चरण में फिर से आन्दोलन कर रहे हैं। 2 चरण पूरे हो चुके हैं। तीसरे चरण में 22 अक्टूबर को भोपाल में प्रदेशस्तरीय धरना दिया जायेगा।
आन्दोलन आगे बढ़ सकता है उपचुनाव है
मप्र में लोकसभा- विधानसभा के उपचुनाव होने हैं। ऐसी स्थिति में आन्दोलन आगे भी बढ़ सकता है क्योंकि उपचुनाव वाले जिलों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। जो प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि, पदाधिकारियों का कहना है कि आन्दोलन से पीछे नहीं हटेंगे।

इन मांगों को लेकर प्रदर्शन
1 जुलाई 2020 एवं 1 जुलाई 2021 की वेतन वृद्धि में एरियर की राशि का भुगतान किया जाए।
प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान केंद्रीय तिथि से 16% प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान किया जाए।
अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रोसेस जल्द शुरू हो।
गृह भाड़ा भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों की तरह MP के अधिकारी-कर्मचारियों को भी दिया जाए
स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ भी मिलें।
विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति सेवा अवधि अनुासार पदनाम, नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के निराकरण दैनिक वेतनभोगी, संविदा कर्मचारी, स्थायीकर्मी, आउटसोर्शिंग कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
अनुकंपा नियुक्ति के सरलीकरण को लेकर वरिष्ठ मंत्री की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाए। समिति के निर्णय का तत्काल पालन हो।
प्रदर्शन में आगे यह
22 अक्टूबर को भोपाल में प्रदेश व्यापी धरना देंगे। साथ ही मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेंगे।
इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।

 

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