मप्र के सतना में पवन अहलूवालिया के 2 सीमेंट प्लांट पर जीएसटी इंटेलीजेंस के छापे में 17 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गयी
सतना. सेन्ट्रल जीएसटी इंटेलीजेंस टीम (डीजीजीआई) ने कोयला घोटाले में शामिल रहे केजेएस सीमेंट कंपनी के मालिक पवनकुमार अहलूवालिया के प्रदेश में स्थित दो प्लांट सहित 3 राज्यों के 28 ठिकानों में छापे मारकर 17.2 करोड़ रूपये की टैक्स की चोरी पकड़ी गयी है।। विभाग ने कुल 52.39 लाख रूपये की नगदी भी जब्त की है। फिलहाल इस सिलसिले में टीम ने कंपनी के एक डायरेक्टर कुशल सिंह सिंघवी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि पवन अहलुवालिया फरार हो गये हैं।
डीजी जीआई की तरफ से बयान जारी कहा गया है कि केजेएस सीमेंट ने 2 राज्यों में यह टैक्स चोरी की है और टीम ने मैहर, सतना के साथ इलाहाबाद, कुशीनगर, आगरा, कानपुर और दिल्ली में कार्यवाही की हैं। जांच में यह पता चला है कि केजेएस सीमेंट ने जनवरी से जुलाई तक 4 लाख टन अतिरिक्त लाइम स्टोन का खनन किया है। लाइम स्टोन से सीमेंट बनता है। लेकिन, कंपनी ने हिसाब में इसका उल्लेख कहीं पर नहीं किया हे। इससे सीमेंट और क्लिंकर बनाकर मप्र और यूपी के डीलर्स को भेजा गया है। इससे कुल 15.1 करोड रूपये की जीएसटी चोरी की गयी है कंपनी में 12 लाख सीमेंट की बोरियां भी कम पायी गयी है।
2018 में 7.5 करोड़ का बेहिसाब लेन-देन
विभाग को आशंका है कि अतिरिक्त मात्रा में प्राप्त किए गए लाइम स्टोन को इन्हीं बोरियों में अवैध तरीके भरकर डीलर्स को भेजा गया था। इसके अतिरिक्त विभाग को 2018 में 7.5 करोड़ के बेहिसाब लेन-देन के प्रमाण भी मिले। इन लेनदेन में 2.1 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी की गई। इसके साथ ही विभाग को 52.39 लाख रुपए की बेहिसाब नकदी भी बरामद की गई। इन छापों में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) भी शामिल रहा।
पवन के खिलाफ गैर जमानती वारंट
डीजीजीआई ने जीएसटी एक्ट की धारा 132(5) के तहत टैक्स चोरी 5 करोड़ रुपए से अधिक होने के कारण पवन अहलुवालिया समेत 2 संचालकों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। पवन इसकी जानकारी मिलने के बाद फरार है, जबकि दूसरे डॉयरेक्टर कुशल सिंह सिंघवी को गिरफ्तार कर लिया है। पवन अहलूवालिया को सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 2017 में कोयला घोटाले में दोषी पाया गया था। उसे तीन साल की सजा और 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। उसकी कंपनी पर भी 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था।

