MP में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी कर रहे लोगों को झटका, हजारों नेता अयोग्य घोषित
भोपाल. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लडने के नियमों का पालन नहीं करने पर 2022 का चुनाव लड चुके 3500 अभ्यर्थियों को आगामी 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग की ओर से ये कार्रवाई लगातार सुनवाई के बाद की गई है। ये वे प्रत्याशी है जो चुनव खर्च का सही ब्यौरा पेश नहीं कर पाए है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अक्टूबर से नवंबर 2026 में प्रस्तावित उपचुनाव के साथ साल 2027 में होने वाले पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी है। 2022 के चुनाव मे जिन अभ्यर्थियों ने निर्धारित 30 दिन की अवधि में निर्वाचन व्यय का ब्योरा नहीं दिया था उन्हें सुनवाई का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए उन्हें आयोग के भोपाल स्थित कार्यालय आने की जरूरत भी नहीं है।
कुछ लोगों को 2 साल तो कुछ को 5 साल का प्रतिबंध लगाया
आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने संबंधित अभ्यर्थी के जिला मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय सूचना केंद्र से जुडकर पक्ष रखने की व्यवस्था की है। हर गुरूवार सुनवाई के लिए डेढ घंटे निर्धारित किए है। अब तक करीब 3500 अभ्यर्थियों के मामलों का निराकरण कर उन्हें अयोग्य घोषित किया गया है। इसमें कुछ लोगों को 2 साल तो कुछ को 5 साल के लिए चुनाव लडने से प्रतिबंधित किया गया है। यानी इस हिसाब से ये सभी 2027 के जून से जुलाई में होने वाले निकाय चुनाव तक अयोग्यता अवधि पूरी नहीं कर पाएंगे, इसलिए ये चुनाव भी नहीं लड सकेंगे।
खर्च का हिसाब न देने वाले अयोग्य घोषित
यही नहीं, जिन नेताओं को 5 साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया है, वो 2031 तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। नियम के मुताबिक, चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों में हर प्रत्याशी को अपने चुनावी खर्च का पाई-पाई का ब्यौरा देना जरूरी होता है। लेकिन, आयोग की जांच में सामने आया कि, इन 3500 अभ्यर्थियों ने या तो खर्च का हिसाब दिया और ना ही ऐसी जानकारी दी, जिसे पूरा और संतोषजनक माना जाए। आयोग ने इन सभी को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया, लेकिन साक्ष्य पेश न कर पाने के चलते उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।

