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MP के 1 लाख 20हजार युवाओं को नौकरियां देंगे-जीत अडाणी

शिवपुरी. एमपी के शिवपुरी अब देश के उभरते रक्षा उत्पादन केन्द्रों में शामिल होने जा रहा है। यहां अदाणी समूह की 2500 करोड़ रूपये की डिफेंस फैक्ट्री का शिलान्यास कर दिया गया है। इस मेगा प्रोजेक्ट में गोला-बारूद, हाईटेक हथियार, मिशन रेडी मिसाइलें और हाईटेक डिफेंस प्रॉडक्ट्स तैयार किये जायेंगे। फैक्ट्री में लगभग 10 हजार लोगों का नौकरियां दी जायेगी। जीत अडाणी ने कहा है कि अडाणी ग्रुप के चैयरमैन ने एमपी में 1 लाख 10 हजार करोड़ रूपये का इन्वेस्टमेंट अनाउंस किया था। यह इंवेस्टमेंट पंप हाइड्रो स्टोरेज, सीमेंट, मायनिंग, लॉजिस्टिक्स और थर्मल एनर्जी सेक्टर्स में किया जायेगा।
उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में 2030 तक लगभग 1 लाख 20 हजार जॉब्स देंगे। हम जो भी कर रहे है। वह इस कमिटेंट को आगे बढ़ाने के लिये है। हउस कमिटमेंट को पूर्ण करने के लिये कर रहे हैं। हम कटनी डिस्ट्रिक के आमेठा को 1200 मेगावाट पॉवर सप्लाई कर रहे है। शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अदाणी समूह के निदेशक करण अदाणी औ जीत अडाणी भी उपस्थित रहे। शिलान्यास के पूर्व सीएम और केन्द्रीय मंत्री ने प्रदर्शनी टेंट में हाईटेक हथियारों, मिसाइलों और डिफेंस इक्विपमेंट का निरीक्षण किया। पाली गांव में नेशनल हाईवे-27 के किनारे बनने वाली यह डिफेंस फैक्ट्री मध्य प्रदेश के औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र के लिए गेमचेंजर मानी जा रही है। परियोजना से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। शिवपुरी देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में अपनी मजबूत पहचान दर्ज करेगा।

कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद।
शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद।
शिलान्यास कार्यक्रम में मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का स्वागत किया गया।
शिलान्यास कार्यक्रम में मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का स्वागत किया गया।
शिलान्यास कार्यक्रम में हाईटेक मिसाइल और हाथियारों की प्रदर्शनी।
शिलान्यास कार्यक्रम में हाईटेक मिसाइल और हाथियारों की प्रदर्शनी।
डिफेंस फैक्ट्री की शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
डिफेंस फैक्ट्री की शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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भारत में चीन की खुफिया नजर से बढ़ा तनाव, 5 हजार किमी रेंज वाला रडार हुआ एक्टिव

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच तनाव के दौरान चीन म्यांमार सीमा से लगे अपने यूनान प्रांत में लार्ज फेस्ड एरे रडार (एलपीएआर) चालू कर दिया है। इस रडार की रेंज 5 हजार किमी से अधिक है। ऐसा दावा किया है कि यह भारत के मिसाइल टेस्टों को ट्रैक करने और हिंद महासागर के बड़े हिस्से पर नजर रखने में सक्षम है। ऐसे में इसे भारत की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
चीन ने पिछले कुछ सालों से अपनी निगरानी व्यवस्था लगातार मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में यूनान में लगाया गया है। यह नया एलपीएआर रडार भी अहम माना जा रहा है। यह रडार दूर से ही बैलिस्टिक मिसाइल का पता लगा सकता है। उसकी उड़ान पर नजर रख सकता है। उसकी जानकारी जुटा सकता है। इसकी रेंज 5 हजार किमी से अधिक है। चीन भारत के पूर्वी हिस्से, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के बड़े इलाके पर नजर रख सकता है।

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ग्वालियर को मिली 2 नई ट्रेन, ग्वालियर-रीवा और 6 जुलाई से नांदेड ट्रेन भी प्रारंभ होगी

ग्वालियर यात्रियों की सुविधा के लिये ग्वालियर स 2 नयी विशेष रेल सेवायें दी है। इन ट्रेनों के संचालन से मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। नयी सेवाओं में ग्वालियर-रीवा साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन और टनकपुर-नांदेड उद्घाटनल विशेष एक्सप्रेस शामिल हैं
ग्वालियर-रीवा स्पेशल ट्रेन 8 जुलाई से
ट्रेन संख्या 04191 ग्वालियर -रीवा साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 8 जुलाई-25 नवम्बर तक प्रत्येक बुधवार को संचालित होगी। यह ट्रेन सुबह 7.40 बजे ग्वालियर चलकर शाम को 7.40 बजे रीवा पहुंचेगी। वापिसी में 04192 रीवा-ग्वालियर स्पेशल प्रत्येक बुधवार की रात 9 बजे रीवा से रवाना होकर अगले दिन सुबह 9.40 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। दोनो दिशाओं में कुल 20-20 चक्कर लगायेगी।
यह ट्रेन डबरा, दतिया, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, निवाड़ी, मऊरानीपुर, हरपाल पुर, महोबा, बांदा, अंतर्रा, चित्रकूटधाम कर्वी, टिकरिया, मझगवां, जैतवार और सतना समेत विभिन्न स्टेशनों पर रूकेगी। यात्रियों की सुविधा के लिये इसमें 22 एचएचबी कोच लगाये गये हैं। जो सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करेंगें
इसके अलावा टनकपुर‘-नांदेड उद्घाटन विशेष एक्सप्रेस नम्बर 05012 का संचालन 6 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह ट्रेन सुबह 10.45 बजे टनकपुर से रवाना होकर मत 9.55 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। ग्वालियर में 5 मिनट के हॉल्ट के बाद, यह वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, बीना, रानी कमलापति, इटारसी, खण्डवा, अकोला, हिंगोली होते हुए अगले दिन शाम को 6 बजे नांदेड पहुंचेगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन नयी रेल सेवाओं से ग्वालियर के यात्रियों को रीवा-महाराष्ट्र के नांदेड तक सीधा रेल संपर्क मिलेगा। इससे धार्मिक, शेक्षणिक, व्यावसायिक और पारिवारिक यात्रायेंअ धिक आसान और सुविधाजनक होगी। विशेष रूप से बुन्देलखंड और विंध्यक्षेत्र के लोगों को अब गंतव्य तक पहुंचने के लिये बार-बार ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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दतिया उपचुनाव को लेकर भोपाल में जुटेगा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व

भोपाल. दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने रविवार को भोपाल में दिग्गज नेताओं की बड़ी बैठक प्रस्तावित की है। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश भी रविवार को भोपाल में रहेंगे। शिवप्रकाश भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ बैठक करेंगे।
30 जुलाई है मतदान
बता दें कि चुनाव आयोग ने दतिया उपचुनाव की घोषणा कर दी है, यहां 30 जुलाई को मतदान है। ऐसे में चुनाव प्रचार को केवल 24 दिन शेष है। इन 24 दिनों की चुनावी रणनीति तय कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जाएगी। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार 2 जुलाई को बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया जाएगा। यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी।
राजेंद्र भारती को आर्थिक अनियमितता से जुड़े एक मामले में अदालत ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी। उन्होंने इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी है, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची के आधार पर उपचुनाव कराया जाएगा।
उपचुनाव कार्यक्रम
– 6 जुलाई – अधिसूचना जारी, नामांकन प्रक्रिया शुरू
– 13 जुलाई – नामांकन की अंतिम तिथि
– 14 जुलाई – नामांकन पत्रों की जांच
– 16 जुलाई – नाम वापसी की अंतिम तिथि
– 30 जुलाई – मतदान
– 3 अगस्त – मतगणना

 

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अचानक दिल्ली पहुंचे नरोत्तम मिश्रा, प्रत्याशी के लिए हलचल तेज

दतिया. दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर हलचलें तेज होती जा रही हैं। दोनों प्रमुख दलों में अभी उम्मीदवार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बीजेपी और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों का चयन नहीं किया है। कांग्रेस में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती अपने बेटे के लिए कवायद कर रहे हैं। उनकी पत्नी के नाम की भी चर्चा है। कांग्रेस में विधानसभा टिकट के 2 अन्य बड़े दावेदार भी हैं। इधर बीजेपी से नरोत्तम मिश्रा सक्रिय हैं। हालांकि अभी पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इसी गहमागहमी में नरोत्तम मिश्रा शनिवार को अचानक दिल्ली पहुंच गए जिससे सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गईं। बाद में मालूम चला कि मिश्रा, पंडित धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लेने दिल्ली गए थे।
पार्टी कार्यालय में बैठक बुधवार को
नरोत्तम मिश्रा ने दतिया विधानसभा सीट रिक्त होते ही क्षेत्र में दौरे पहले से बढ़ा दिए थे। अब बुधवार को पार्टी कार्यालय में प्रस्तावित बैठक में पार्टी स्तर पर जीत की रणनीति तैयार की जाएगी। बता दें, भाजपा में दतिया सीट को लेकर सक्रियता 5 जुलाई के बाद तेज हो सकती है। अपने निजी कार्यक्रम से लौटने के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में सत्ता-संगठन की अहम बैठक भी प्रस्तावित है। सूत्रों का कहना है कि इसमें प्रत्याशी के चयन की औपचारिकता भी पूरी होगी और वरिष्ठ नेताओं को दतिया में मैदान पर उतारा जाएगा।
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव की निगरानी के लिए आयोग ने तीन प्रेक्षकों की नियुक्ति कर दी। इसमें जनरल प्रेक्षक पश्चिम बंगाल कैडर आइएएस अफसर शरद द्विवेदी और पुलिस प्रेक्षक कर्नाटक के आइपीएस अफसर डॉ. एमबी बोरलिंगैया को बनाया है। चुनावी खर्च की निगरानी के लिए आइएएस विशाल मालानी को प्रेक्षक बनाया है।

 

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MP में अब भोपाल से नहीं मेडिकल कॉलेज के डीन तय करेंगे डॉक्टरों की पोस्टिंग

भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने जिला रेजिडेंट प्रोग्राम (डीआरपी) नीति में तीन साल बाद बड़ा बदलाव किया है। अब जिला अस्पतालों में तीन माह की सेवा देने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की पोस्टिंग राज्य स्तर से नहीं होगी। इसके बजाय संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय डीआरपी प्लेसमेंट एलोकेशन कमेटी पोस्टिंग का निर्णय करेगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार डॉक्टरों की तैनाती करना और जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, नई नीति में आवास भत्ता समाप्त किए जाने से रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच असंतोष भी देखा जा रहा है।
डीन की अध्यक्षता वाली समिति करेगी पोस्टिंग
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में गठित पांच सदस्यीय समिति रेजिडेंट डॉक्टरों के जिला आवंटन का फैसला करेगी। पहले यह प्रक्रिया राज्य स्तर पर होती थी। अब जिस मेडिकल कॉलेज में जिस क्षेत्र के मरीज अधिक आते हैं, उसी क्षेत्र के जिला अस्पतालों में वहां के रेजिडेंट डॉक्टरों को भेजा जाएगा।
क्षेत्र के अनुसार होगा जिला आवंटन
नई नीति के अनुसार गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती भोपाल, विदिशा, रायसेन और सीहोर जैसे जिलों में होगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के डॉक्टरों को इंदौर, धार, झाबुआ और आसपास के जिलों में सेवाएं देनी होंगी। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
आवास भत्ता खत्म, खुद करनी होगी व्यवस्था
नीति में सबसे बड़ा बदलाव आवास भत्ते को समाप्त करना है। अब रेजिडेंट डॉक्टरों को अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। जिला प्रशासन केवल सुरक्षित आवासों की सूची उपलब्ध कराएगा। वहीं महिला और दिव्यांग रेजिडेंट डॉक्टरों को सुविधा के अनुसार नजदीकी जिलों में पदस्थापना देने का प्रयास किया जाएगा। जिला अस्पतालों में मेंटर और रेजिडेंट डॉक्टरों का अनुपात 1:3 रखा गया है।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने रखीं मांगें
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि पहले की तरह आवास भत्ता जारी रखा जाना चाहिए। साथ ही अधिक मेडिकल कॉलेजों वाले क्षेत्रों से बाहर भी जिलों को डीआरपी में शामिल किया जाए। उन्होंने पूरे प्रदेश में डिवीजन से बाहर म्युचुअल ट्रांसफर की सुविधा लागू करने की भी मांग की है।

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सरकारी कोषालय से असली गोल्ड ज्वेलरी गायब, हाइ्रकोर्ट ने लगाई फटकार

मुरैना. जौरा उप-कोषालय और कलेक्टर ऑफिस में सरकारी अभिरक्षा में रखे गये सोने के आभूषण गायब होने के मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। हाईाकोर्ट के समक्ष यह तथ्य आया कि सरकार सुरक्षा में रखे गये असली सोने के गहने गायब हो गये। जबकि उनकी जगह नकली गहने रख दिये गये। इस पूरे मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी वर्षो तक हाईकोर्ट से छिपाई जाती रहीं।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारी या तो अत्याधिक लापरवाह रहें या फिर इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों के साथ उनकी मिली भगत रहीं। हाईकोर्ट ने अधिकारियों के आचरण को गंभीर और चिंताजनक बताया।
सरकार सीआईडी जांच वापिस लेने की मांग
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने आवेदन पेश कर पहले दिये गये सीआईडी जांच के आदेश को वापिस लेने का अनुरोध किया है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी। वर्ष 2019 में निचली अदालत आरोपियों को बरी कर चुकी है। सरकारी पक्ष की दलील हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए पूछा कि यदि एफआईआर दर्ज थीं ट्रायल चल रहा था। यह जानकारी पहले कभी न्यायालय के समक्ष क्यों नहीं रखी गयी। इस पर सरकारी पक्ष ने स्वीकार किया कि यह तथ्य न तो लिखित रूप में और न ही मौखिक रूप से अदालत का बताया गया था।
सरकार से मांगा वरिष्ठ अधिकारी का शपथपत्र
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कई अहम सवाल पूछे हैं। अदालत ने जानना चाहा कि जौरा उप-कोषालय अधिकारी और तत्कालीन मुरैना कलेक्टर ने एफआईआर और लंबित ट्रायल की जानकारी न्यायालय से क्यों छिपाई। साथ ही यह भी पूछा कि रिट अपील दायर करते समय इस महत्वपूर्ण तथ्य का उल्लेख क्यों नहीं किया गया और आरोपियों के बरी होने के बाद भी अदालत को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि मुरैना कलेक्टर से वरिष्ठ अधिकारी—संभागायुक्त या शासन के सचिव स्तर के अधिकारी—व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर पूरे घटनाक्रम का जवाब दें। अदालत ने स्पष्ट किया कि इतने गंभीर मामले में केवल अधीनस्थ अधिकारियों का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं होगा। रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच यह मामला कई बार हाईकोर्ट में सूचीबद्ध हुआ, लेकिन हर सुनवाई में संबंधित अधिकारियों ने लंबित आपराधिक प्रकरण की जानकारी अदालत से छिपाए रखी। यहां तक कि आरोपियों के बरी होने के बाद भी इस तथ्य की जानकारी न्यायालय को नहीं दी गई।
20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की है। तब तक राज्य सरकार को सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब और संबंधित रिकॉर्ड न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

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कश्मीर में 2 लश्कर आतंकी मारे जाने की खबर, 3 घंटे चला एनकाउंटर

जम्मू कश्मीर. कश्मीर के शोपियां के सैदपोरा इलाके में शनिवार शाम स ेचल रही मुठभेड में लश्कर के म आतंकियों के मारे जाने की खबर है। सुरक्षाबलों ने इसकी पुष्टि नहीं की है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार मारे गए दोनों आतंकी लश्कर ए तैयबा के टॉप ऑपरेटिव थे। एक आतंकी जाकिर अहमद गनी उन 14 आतंकियों की लिस्ट में शामिल था जिसे पहलगाम हमले के बाद खुफिया एजेंसियों ने जारी किया था। दूसरा आतंकी जाकिर का साथी लतीफ भट है। सुरक्षाबलों को शोपियां के सैदपोरा पायीन के पास छानपोरा इलाके में आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। घेराबंदी के दौरान जब जवान आतंकियों के ठिकाने के करीब पहुंचे तो उन्होंने फायरिंग कर दी। मुठभेड 4 जुलाई की शाम 7.45 बजे शुरू हुई थी। अंधेरे के कारण एनकाउंटर और सर्च ऑपरेशन रात में रोक दिया गया, अभी तक आतंकियों के शव भी बरामद नहीं हुए है।

जिन आतंकियों के मारे जाने की खबर है, उनका एक CCTV फुटेज भी सामने आया है। - Dainik Bhaskar
आतंकी दिखे तो 4 गांव खाली कराए
यह ऑपरेशन शुक्रवार दोपहर को शुरू किया गया था जब 7 गांव वाले मीमंदर इलाके के एक बाग में लगे सेना के कैमरे में ये दो आतंकी दिखाई दिए। सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की कई टुकडियों की टीम ने इलाके की घेराबंदी की और शाम तक 4 गांव खाली करा लिए। सेना की खास एंटी टेरेरिज्म यूनिट, विक्टर फोर्स ने बाग के घने पेडों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए और इलाके में रोशनी का इंतजाम भी किया। जब सेना के जवान उनकी ओर बढे तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी जिसके जवाब में सेना ने भी प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड शुरू हो गई।

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हमारे शिक्षक एप ई-अटेंडेंस करने में उलझे 8 हजार लिपिक, एप ने अवकाश के दिन किया गैर हाजिर

भोपाल. स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 जुलाई 2026 से लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों की उपस्थिति भी ‘हमारे शिक्षक’ एप से दर्ज करने के निर्देश दिये है। लेकिन इससे नयी विसंगति सामने आयी है। मध्यप्रदेश के 8 हजार लिपिकों का कार्य सप्ताह सोमवार-शुक्रवार है। जबकि एप् में 6 दिन उपस्थिति अनिवार्य शो कर रहा है। नतीजतन शनिवार को अवकाश होने पर भी कई कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज हो गयी है। कर्मचारियों ने संकुल प्राचार्यो व जिला शिक्षा अधिकारियों से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है।
5 दिन की ड्यूटी, एप मांग रहा 6 दिन
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद लिपिक संवर्ग की उपस्थिति ‘हमारे शिक्षक’ एप से दर्ज की जा रही है, लेकिन इसमें तकनीकी विसंगति सामने आई है। विभागीय कार्यालयों में पदस्थ लिपिकों के लिए शनिवार अवकाश दिख रहा है, जबकि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के संकुल केंद्रों में कार्यरत लिपिकों के लिए शनिवार कार्यदिवस प्रदर्शित हो रहा है।
इससे अवकाश के दिन भी अनुपस्थित दर्ज होने की स्थिति बन रही है। लिपिक संवर्ग का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग के 20 दिसंबर 2022 के आदेश के अनुसार शासकीय कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। वहीं, शिक्षकों और लिपिकों की सेवा शर्तें व अवकाश नियम अलग-अलग हैं। ऐसे में शिक्षकों के लिए विकसित मॉड्यूल से उपस्थिति दर्ज होने पर रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका है। कर्मचारियों ने एप में अलग व्यवस्था की मांग की है। विभाग का कहना है कि यह तकनीकी खामी है और इसे जल्द ठीक किया जाएगा।

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MP में 900 कर्मचारियों का रोका वेतन, एक भी दिन नहीं लगाई फेस अटेंडेंस

भोपाल. फेस अटेंडेंस में लगातार कम उपस्थिति दर्ज कराने वाले कर्मचारियों पर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम प्रशासन ने 900 कर्मचारियों की अटेंडेंस आईडी ब्लॉक की है। इन कर्मचारियों ने पूरे महीने में पांच दिन या उससे कम दिन ही फेस अटेंडेंस के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें भी करीब 800 कर्मचारी ऐसे है जिन्होंने एक भी दिन फेस अटेंडेंस नहीं लगाई थी। इनमें इंजीनियर, एआरआई, एलडीसी, विनियमित कर्मचारी और 29 दिवसीय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शामिल है।
आईडी ब्लॉक होने से रूका वेतन
आईडी ब्लॉक होने से ये कर्मचारी फिलहाल हाजिरी दर्ज नहीं कर पा रहे है और इस महीने का वेतन भी रोक दिया गया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कर्मचारियों को पहले अपने विभागाध्यक्ष के माध्यम से निगम आयुक्त संस्कृति जैन के समक्ष उपस्थित होकर अपनी कार्यस्थली और जिम्मेदारियों की जानकारी देनी होगी। संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही उनकी अटेंडेंस आईडी दोबारा चालू की जाएगी और वेतन जारी होगा।
कार्रवाई की जद में इंजीनियर, एआरआई व जेडओ भी
कार्रवाई की जद में केवल दैनिक वेतनभोगी ही नहीं बल्कि विभिन्न विभागों में पदस्थ इंजीनियर, राजस्व विभाग के एआरआई, वार्ड प्रभारी और जोनल अधिकारी भी आए है। निगम प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित कर्मचारियों से यह स्पष्ट कराया जाएगा कि वे वर्तमान में किस स्थान पर और किस कार्य के लिए तैनात हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि बडी संख्या में निगम कर्मचारी मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधियों और अन्य कार्यालयों में संबद्ध होकर कार्य कर रहे है। ऐसे कर्मचारियों की वास्तविक तैनाती का भी सत्यापन किया जा रहा है।

 

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