पार्षद – अधिकारी के बीच जनसुनवाई में हुई जमकर बहस
ग्वालियर. निगम मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान बीजेपी पार्षद बृजेश श्रीवास और निगम के भवन अधिकारी यशवंत मेकले के बीच तीखी बहस हुई। पार्षदों ने निगम अधिकारियों पर पैसे लेकर काम करने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये। इस स्थिति का अपर आयुक्त की समझाइश पर शांत किया गया। मंगलवार को आयोजित इस जनसुनवाई में पहले बीजेपी के वार्ड 29 पार्षद गिर्राज कंसाना पहुंचे। उन्होंने अपने वार्ड के कैलाशनगर में पार्क की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रूकवाने की मांग की। अधिकारियों ने इस पर गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया।
पैसों के आरोप से बढ़ा विवाद
इसके बाद बीजेपी बृजेश श्रीवास भी जनसुनवाई में पहुंचे और वार्ड में शासकीय भूमियों पर निजी लोगों द्वारा अवैध निर्माण की शिकायत की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भूमि सरकारी है तो निगम द्वारा निर्माण्सा की अनुमति कैसे दी गयी। जबकि पूर्व में भी इस तरह की परमिशन निरस्त की जा चुकी है।इसी बात को लेकर पार्षद श्रीवास और भवन अधिकारी मेकले के बीच तीखी बहस हुई। पार्षद ने आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी और कर्मचारी बिना पैसे लिए काम नहीं करते और शासकीय भूमि पर भी अवैध निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं। बृजेश श्रीवास ने बताया कि नगर निगम में कोई लगाम कसने वाला नहीं है, जिससे अधिकारी और कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल उन्हीं का काम करते हैं, जहां से उन्हें ‘माल’ (पैसे) मिलता है।
सबूत देने के बाद भी नहीं होती कार्रवाई
श्रीवास ने यह भी कहा कि लोग सड़कों पर कब्जा कर मकान बना रहे हैं, लेकिन निगम के अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि सबूत देने पर भी फाइलें विभागों के बीच घुमाई जाती हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने शासकीय घोषित भूमि पर भी मल्टी-स्टोरी इमारतों के निर्माण का आरोप लगाया।इन आरोपों और शिकायतों पर अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने कहा कि किसी तरह की कोई बहस नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पार्षद अपने क्षेत्र की शिकायतें लेकर आए थे, जिन पर गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

