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पेट्रोल 100 रूपये के पार, डीजल के दाम भी 2.71 रूपये प्रतिलीटर की वृद्धि, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल के कीमतों में एक बार फिर से वृद्धि की गयी है। पिछले 10 दिनों में चौथी बार फ्यूल प्राइस में वृद्धि की गयी है। पेट्रोल के दाम में 2.61 रूपये-डीजल की दामों में 2.71 रूपये की वृद्धि की हुई है। दिल्ली में डीजल के दाम बढ़कर 95.20 रूपये प्रतिलीटर और पेट्रोल के दाम बढ़कर 102.12 रूपये हो गयी है।
नयी दरों के बाद देश के चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गये है। जिससे आम लोगों पर महंगाई का असर और बढ़ सकता है। 25 मई की सुबह 6 बजे से लागू नयी दरों के बाद अलग-अलग शहरों में फ्यूल में वृद्धि देखने को मिली है।
पेट्रोल के नए दाम
दिल्ली: 102.12 रुपये (+2.61), कोलकाता: 113.51 रुपये (+2.87), मुंबई: 111.21 रुपये (+2.72), चेन्नई: 107.77 रुपये (+2.46)
डीजल के नए दाम
दिल्ली: 95.20 रुपये (+2.71), कोलकाता: 99.82 रुपये (+2.80), मुंबई: 97.83 रुपये (+2.81), चेन्नई: 99.55 रुपये (+2.57)

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SBI कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित, 25-26 मई को बैंक शाखायें खुलेगी

नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कर्मचारियों की 125-26 मई को प्रस्तावित 2 दिवसीय देशव्यापाी हड़ताल को टाल दिया गया है। बैंक मैनेजमेंट और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है। अब दोनों दिन बैंक शाखाओं में सामान्य रूप से कामकाज संपादित किया जायेगा।


एसबीआई मैनेजमेंट और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को मुंबई स्थित कॉपोरेट सेंटर में बैठक हुई। एसबीआई स्टाफ एसोसियेशन (बंगाल सर्किल) के सचिव सुदीप दत्ता ने पीटीआई को बताया है कि मैनेजमेंट के साथ बैठक सकारात्मक रही और महासंघ की उठाई गयी कई मांगों पर प्रोग्रेस हुई है। इसे देखते हुए प्रस्तावित हड़ताल को फिलहाल टाल दिया गया है।
27-28 मई को बैंक बंद रहेंगे
वहीं, 27-28 मई को बकरीद की छुट्टी के चलते एसबीआई की ब्रांचों में कामकाज प्रभावित होगा। दरअसल, भारत के अलग-अलग राज्यों में बकरीद का त्यौहार अलग-अलग दिनों मनाया जायेगा। जिसके लिये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बकरीद ईद-उल-अजहा के लिये 2 दिन का अवकाश रखने का ऐलान किया है।
क्यों हड़ताल पर जाना चाहते थे SBI कर्मचारी
ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने अपनी 16 मांगों को लिए हड़ताल का ऐलान किया था। यह हड़ताल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, काम करने की बेहतर स्थिति तय करने और ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई थी। AISBISF, स्टेट बैंक के कर्मचारियों का देशव्यापी प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन है, जो कर्मचारियों के अधिकारों, सैलरी और वर्किंग कंडीशन को लेकर मैनेजमेंट से बातचीत करता है।

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फलता विधानसभा सीट भाजपा 1 लाख वोटों से आगे चल रही, जहांगीर खान चौथे नम्बर पर

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को हुए पुनर्मतदान की मतगणना आज सुबह 8 बजे से जारी है। इस सीट पर री‘-पोलिंग से 2 दिन पूर्व टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान ने पीछे हटने का ऐलान कर दिया था। जिससे पूरा माहौल बदल गया। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इसे उनका व्यक्तिगत फैसला बताया गया है। वहीं, री-पोलिंग के बाद भाजपा प्रत्याशी के लिये फलता में जीत काफी आसान बताई जा रही है। 21 मई का फलता में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक शांतिपूर्ण पुनर्मतदान हुआ था। शाम 5 बजे तक 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जो 29 अप्रैल को हुए पहले मतदान के मुकाबलिे थोड़ा कम था।
29 अप्रैल को हुए पहलें चुनाव में ईवीएम में परफ्यूम (इत्र) जैसी चीजें और एडहेसिव टेप लगाने के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने फलता में पुनर्मतदान का आदेश दिया था। चुनाव आयोग के निर्देश पर फलता में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी। 285 मतदान केन्द्रों 35 कम्पनियों के केन्द्रीय बल तैनात किये गये थे। पूरे दिन लम्बी-लम्बी कतारें लगी रहीं।
आपको बता दें कि अगर भाजपा जीतती है तो उसकी 2026 विधानसभा चुनाव में सीटों की संख्या 207 हो जायेगी। क्योंकि भाजपा ने चुनाव में 207 सीटों पर जीत दर्ज थी। हालांकि सीएम शुभेंदु अधिकारी ने 2 सीटों -नंदीराम और भवानीपुर से चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। अब उन्होंने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया है।
फलता की जनता को शीश झुकाकर प्रणाम-शुभेंदु
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘कुख्यात ‘डायमंड हार्बर’ मॉडल अब ‘तृणमूल के लॉस-बार’ (घाटे का बार) मॉडल में बदल चुका है! सबसे पहले, मैं फलता के देवतुल्य जनमानस के चरणों में शीश झुकाकर प्रणाम करता हूं, जिन्होंने भारी जनादेश के साथ भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवांशु पांड्या को फलता विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जिताकर विधानसभा भेजा है। मैं फलता के मतदाताओं का विशेष रूप से आभारी हूं. मैंने उनसे भाजपा उम्मीदवार को एक लाख वोटों के अंतर से जीत दिलाने की अपील की थी, और जीत का यह अंतर एक लाख आठ हजार को भी पार कर गया है. हम विकास के माध्यम से आपके इस कर्ज को चुकाएंगे. हम एक स्वर्णिम फलता के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’

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अब SAIL की जमीन बने TMC कार्यालय को बुंलडोजर से किया ध्वस्त

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद राज्यभर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्यवाही लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल जिले के आसनसोल के बर्नपुर इलाके में एक और तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पर बुलडोजर चलाया गया है।
शनिवार को बर्नपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएमसी पार्षद रूद्र के पार्टी कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि यह कार्यालय सेल-आईएसपी (इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी) की जमीन पर बना हुआ था। स्थानीय प्रशासन और सेल अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्यवाही के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। पिछले कुछ दिनों में बर्नपुर इलाके में यह चौथा टीएमसी पार्टी कार्यालय है। जिसे बुलडोजर से चलाकर हटाया गया है।

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हनीट्रैप-2 में आया डीआईजी का नाम, 100 से अधिक वीडियो, करोड़ों की ब्लैकमेलिंग, दिल्ली -गुजरात तक नेटवर्क

इन्दौर. एक बासर फिर चर्चित हनीट्रैप मामले केन्द्र में है। जिसने 2019 के हनीट्रैप कांड की यादें ताजा कर दी है। हनीट्रैप-2 की गूंज मध्यप्रदेश्पा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और दिल्ली के राजनीतिक और प्रशासनिक हलको तक पहुंच गयी है। मामले में गिरफ्तार श्वेता विजय जैन, रेशू चौधरी और अलका दीक्षित से पूछताछ में लगातार ऐसे खुलासे हो रहे हैं जिनसे कई रसूखदरों की चिंता बढ़ गयी है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल और अन्य डिजीटल डिवाइस से 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो पाये गये है। जांच में सामने आया है कि ब्लैकमेलिंग के जामध्यम से करोड़ों रूपये वसूले गये है। जबकि कई अन्य सौंदों पर भी काम चल रहा था।


प्लांड तरीके से चल रहा था रैकेट
जांच में सामने आया है कि रैकेट प्लांड तरीके से चलाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार भोपाल से श्वेता विजय जैन पूरा नेटवर्क चलाती थी। श्वेता सीधे सामने आने के बजाय रेशू चौधरी को निर्देश और ट्रेनिंग देती थी। रेशू चौधरी अपने संपर्को की जानकारी भी देती थी। जिसके आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाती थी।
एमपी से दिल्ली तक फैले नेटवर्क की जांच
सिंडिकेट का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
मध्य प्रदेश में जांच के दायरे में एक विधायक, मालवा-निमाड़ के कुछ नेता और एक पूर्व अधिकारी हैं।
छत्तीसगढ़ के एक डीआईजी रैंक के अधिकारी का नाम भी है।
दिल्ली के एक वरिष्ठ नेता और गुजरात के एक उद्योगपति भी इसके शिकार बताए जा रहे हैं।
दिल्ली के एक नेता से 4 करोड़ रुपए वसूलने की साजिश भी जांच के दायरे में है।
वीडियो को बड़े स्तर पर बेचने की तैयारी में थे
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वीडियो को बड़े स्तर पर बेचने की तैयारी में थे। जांच एजेंसियों को राजनीतिक संपर्कों और संभावित आर्थिक सौदों के संकेत मिले हैं। जांच में ये भी संकेत मिले हैं कि एक विधायक से जुड़ा वीडियो राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से साझा किया गया था।

 

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सयानी घोष का फ्लैट अभिषेक के साथ, भाजपा के आरोप पर आया टीएमसी, MP का बयान


नई दिल्ली बंगाल भाजपा ने 43 ऐसी प्रॉपर्टीज की एक सूची जारी की है। जिनका कथित तौर पर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से संबंध है। इनमें से कई प्रॉपर्टीज ऐसी बताई जा रही है जो उनक सहयोगियों और परिवार क सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से उनके नाम पर है। बंगाल की नयी भाजपा सरकार इन संपत्तियों के मालिकाना हक से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच करेगी। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब टीएमसी के कंट्रोल वाली कोलकाता नगरनिगम ने ममता बनर्जी के भतीजे से जुड़ी 17 प्रॉपर्टीज को लेकर नोटिस जारी किया है।
हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस लिस्ट को झूठा और अविश्वनीय बताकर खारिज कर दिया है। लेकिन जिस बात पर खासतौर पर सबका ध्यान गया है। वह है ‘‘सयोनी घोष’’ से जुड़ी एक संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति सोशल मीडिया के कई यूजर्स ने यह अनुमान लगाया है कि यह जाधवपुर की सांसद, सयोनी घोष हो सकती है। भाजपा की तरफ से जारी दस्तावेज से एक संपतित ऐसी है। जिसके मालिक संयुक्त रूप से अभिषेक बनर्जी नाम शख्स और श्रीमति सयानी घोष नाम की महिला है।
BJP ने TMC के नंबर 2 नेता पर शिकंजा कसा
यह नया विवाद KMC द्वारा अभिषेक से जुड़े 17 पतों पर कथित तौर पर बिना मंजूरी के किए गए निर्माण को लेकर नोटिस भेजे जाने के एक दिन बाद सामने आया है।  इन पतों में हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित ‘शांतिनिकेतन’ भी शामिल है, जो उनका आवास भी है।  इस नोटिस में KMC VS बिल्डिंग प्लान की मंज़ूरी से जुड़े दस्तावेज़ मांगे है।  KMC ने लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी चीजों को लगाने से जुड़ी जानकारी भी मांगी है।  KMC ने निर्देश दिया है कि बिना मंजूरी के किए गए निर्माण को सात दिनों के भीतर गिरा दिया जाए। अभिषेक को निशाना बनाते हुए CM शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को ज़ोर देकर कहा कि सरकार “सभी भ्रष्ट लोगों” को जेल भेजेगी। अधिकारी ने दावा किया कि अभिषेक की 14 संपत्तियां उनकी कंपनी, ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के नाम पर रजिस्टर्ड थीं।
अधिकारी ने दावा किया, “अभिषेक बनर्जी के पास ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के नाम पर 14 संपत्तियां हैं, 4 उनके अपने नाम पर और 6 उनके पिता के नाम पर हैं।  ” इन आरोपों का जवाब देते हुए अभिषेक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।  जिसमें उन्होंने बेबाकी से दावा किया कि अगर सरकार उनका घर भी गिरा देती है, तो भी वह “झुकेंगे नहीं”. उन्होंने कहा, “उन्हें जो करना है, करने दो… मेरा घर गिरा दें, नोटिस भेज दें।  मैं इन बातों के आगे झुकूंगा नहीं।  चाहे कुछ भी हो जाए, BJP के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी। ” अभिषेक की कथित संपत्तियों को लेकर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब BJP पिछली ममता बनर्जी सरकार के दौरान बड़े पैमाने पर हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर अपना शिकंजा कस रही है।

 

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस और डम्पर के बीच हुई टक्कर में 2 की मौत, 15 घायल

फिरोजाबाद. उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद के थाना मटसेना इलाके में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार की सुबह यह दुःखद हादसा हुआ है। फिरोजाबाद के थाना मटसेना इलाके में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पिलर नम्बर 46 किमी के पास कानपुर से ग्रुरूग्राम जा रही एक प्रायवेट बस की टैंकर से टक्कर हो गयी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी बस में अचानक आग लग गयी। जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गयी। महिला यात्री की मानें तो आगे सड़क पर एक डम्पर पलट गया था और हमारी बस डम्पर से टकरा गयी।
दुर्घटना में घायल डेढ दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गये। जिसमें 2 की मौत हो गयी। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि इसमें ड्रायवर और कंडक्टर की मौत हुई है। 5 घायलों को मेडीकल कॉलेज फिरोजाबाद एम्बूलेंस से भेजा है। 15 घायलों को सैफई मेडीकल कॉलेज भेजा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने राहत कार्य शुरू किया है।
चश्मदीदों ने क्या बताया?
घायल महिला यात्री उषा ने बताया कि बस कानपुर से गुरुग्राम जा रही थी।  रोड पर डंपर पलट गया था हमारी बस उसी में टकरा गई। बस में 40 से 45 लोग सवार थे बस प्राइवेट थी, हमें शीशा तोड़ कर पीछे से निकाला गया । बस पर सफर करने वाले यात्री सत्य बिश्नोई कहते हैं, “हम सो रहे थे। लोगों ने हिलाया कि बस में आग लग रही है। हमने देखा कि पहले बस लहराई और उसके बाद डिवाइडर से टकरा गई। सबको नीचे उतारा, बस में आग लग गई।”
फिरोजाबाद के नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडे ने कहा कि ऐक्सप्रेस-वे पर डबल डेकर प्राइवेट बस का एक्सीडेंट हुआ है, जिसमें आग लग गई। करीब 20 लोग घायल हुए हैं। 5 घायलों को फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज और 15 को सैफई मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेजा गया है। ड्राइवर और कंडक्टर की मौत हो गई है।

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पीएम मोदी की मंत्रियों के साथ 4 घंटे तक चली महाबैठक, मुद्दा मिडिल ईस्ट संकट सहित इन मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार की शाम 5 बजे सभी मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक की। यह बैठक लगभग 4.30 घंटे तक चली। इसमें देश की तरक्की से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी । मंत्रालयों का काम देखा गया और आगे की प्लानिंग तय की गयी। यह बैठक शाम 5 बजे सेवातीर्थ में शुरू हुई। इसमें केन्द्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री और बाकी राज्यमंत्री भी शामिल हुए। यह इस साल की पहली पूरी कैबिनेट बैठक थी। यह उस समय हुई जब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के 2 वर्ष पूरे होने वाले हैं।
बैठक क्यों बुलाई
यह बैठक सरकार का एक तरह का मिड टर्म रिव्यू था। अलग-अलग मंत्रालयों ने क्या किया है। पिछले कुछ महीनों में कौन से बड़े फैसले लिये गये। उनका नतीजा क्या रहा और आगे क्या करना है। यह सब पर चर्चा की गयी है। 9 मंत्रालयों ने अपना -अपना काम बैठक में पेश किया है। सबसे पहले कॉमर्स मत्रालय ने प्रेजेंटेशन दिया और इसके बाद पेट्रोलियम, गृह मंत्रालय, वित्त और विदेश मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों के काम का भी रिव्यू किया गया। मंत्रालयों से पहले ही कहा गया था कि वह अपने सुधारों को 4 हिस्सों में बांटकर बतायें। पहला, कानून में बदलाव, दूसरा -नियमों में बदलाव, तीसरा-नीति में बदलाव और चौथा-काम करने के तरीके में बदलाव। यह भी बताना था कि इन बदलावों का आम लोगों पर क्या असर पड़ा।
पीएम ने मंत्रियों से क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिये है कि 2047 को ध्यान में रखकर काम करें। यानी भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाने का जो लक्ष्य है। उसे सदैव सामने रखें। उन्होंने ‘‘ईज ऑफ लिविंग’’ यानी आम लोगों की जिन्दगी को आसान बनाने पर और सुधारों पर जोर दिया है। बड़ी सरकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस रहा है कि काम ठीक से हो रहा है या नहीं और मंत्रालयों के बीच तालमेल कैसा है।
पश्चिम एशिया संकट पर भी हुई बात
इस समय मिडिल ईस्ट यानि पश्चिम एशिया में जो तनाव चल रहा है, उसका असर भारत की इकोनॉमी पर भी पड़ रहा है।  बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई।  प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे इस संकट की वजह से आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।  खासतौर पर एनर्जी, खेती, खाद, एविएशन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों पर खास ध्यान दिया गया ।   पहले से ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में मंत्रियों का एक ताकतवर अनौपचारिक समूह इस मिडिल ईस्ट संकट पर नजर रख रहा है।  हालांकि राजनाथ सिंह गुरुवार की बैठक में नहीं थे क्योंकि वे साउथ कोरिया के दौरे पर हैं।  इसी तरह स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी जिनेवा में होने के चलते बैठक में नहीं आ सके।
विदेश मंत्री ने पीएम के 5 देशों के दौरे की जानकारी दी
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक में पीएम मोदी की हाल की पांच देशों की विदेश यात्रा के बारे में सभी मंत्रियों को जानकारी दी।  इस दौरे में क्या हासिल हुआ और आगे के लिए क्या रास्ता बना, यह सब बताया गया।

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अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रक के ड्राइवर और हेल्परों तक कार्यवाही सीमित नहीं रखे, बड़ी मछलियों को भी पकड़ो

भोपाल. राष्ट्रीय चम्बल घडि़याल अभ्यारण में अवैध रेत खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मप्र सरकार को सख्त संकेत दिये है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कार्यवाही सिर्फ ट्रकों के चालकों और हेल्परों तक सीमित नहीं रहनी चाहिये। बल्कि अवैध खनन में शामिल बड़ी मछलियों तक पहुंचना आवश्यक है।
दरअसल, अवैध रेत खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। बुधवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने एमपी, राजस्थान और यूपी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेशों के पालन पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखने के लिये कहा है कि 26 मई को विस्तृत आदेश जारी किया जायेगा। मप्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जंगल इलाके में बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों की निगरानी बढ़ाई है। कई वाहनों के चालान काटे गये हैं। अवैध खनन रोकने के लिये कार्यवाही की जा रही है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ ड्रायवरों और हेल्परों पर कार्यवाही पर्याप्त नहीं है। बल्कि अवैध खनन में शामिल बड़ेे नेटवर्क और मुख्य आरोपियों तक पहुंचना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि तनों राज्यों ने जीपीएस सिस्टम और हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने का रोडमैप पेश किया है। अमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट निखिल गोयल ने कहा है कि राज्यों ने अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कर दी है। लेकिन निगरानी और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिये कुछ और वक्त चाहिये।
राजस्थान सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले राजस्थान में वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की भारी कमी पर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा कि प्रशिक्षित वनकर्मियों की जगह होमगार्ड से काम लिया जा रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उसे जानकारी मिली है कि होमगार्ड वन विभाग की गाड़ियां तक चला रहे हैं।राजस्थान सरकार ने कोर्ट को बताया कि अवैध रेत खनन में इस्तेमाल होने वाले 40 संवेदनशील रास्तों की पहचान कर ली गई है। वहां हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाने के लिए फंड मंजूर हो चुका है। राज्य सरकार के मुताबिक यह काम एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। कैमरों की लाइव फीड ‘अभय कमांड कंट्रोल सेंटर’ से जोड़ी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश भी दिए।
मुरैना बॉर्डर पर पुल को लेकर NHAI से भी सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को भी पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने NHAI से मुरैना-धौलपुर बॉर्डर के पास बने पुल की सुरक्षा पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है, क्योंकि उसके आसपास लगातार अवैध खनन हो रहा है।

 

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विदेश यात्रा से लौटते ही आज पीएम मोदी की महत्वपूर्ण बैठक, सभी मंत्रियों को दिल्ली में ही रूकने का निर्देश

नई दिल्ली विदेश यात्रा से लौटते ही पीएम नरेन्द्र मोदी एक बार फिर बड़े एक्शन मोड में नजर आने वाले है। गुरूवार की शाम 4 बजे दिल्ली के सेवा तीर्थ में केन्द्रीय मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गयी है। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि इसमें सभी केन्द्रीय मंत्रियों का दिल्ली में मौजूद रहने के निर्देश है। यानी साफ है कि सरकार इस बैठक का किसी सामान्य बैठक की तरह नहीं देख रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे ही अपनी विदेश यात्रा से वतन वापिस लौटेंगे। वह सीधे इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में कैबिनेट के तमाम बड़े चेहरों से लेकर सभी जूनियर मंत्री भी शामिल होने वाले है। अचानक मंत्रियों का दिल्ली में ही रूकने के लिये कहा गया है। उसने इस बैठक को लेकर सस्पेंस काफी बढ़ा दिया है। इस समय देश और दुनिया के हालात को देखते हुए सरकार के अन्दर कई बड़े मुद्दों पर मंथन चल रहा है। जिसके चलते यह बड़ा कदम उठाया गया है।
इस बैठक में देश से जुड़े अहम राजनीतिक और अंर्तराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। जिनका असर आम लोगों की जिन्दगी और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और पीएम देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति से जुड़े अहम पहलुओं पर मंत्रियों के सामने विस्तृत जानकारी रख सकते हैं। इस बैठक के समय को लेकर भी कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। क्योंकि इस वक्त दुनिया के एक बड़े हिस्से में तनाव का माहौल बना हुआ है।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर जाने के बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक हाई-पावर ग्रुप बनाया गया था, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं. यह ग्रुप चौबीसों घंटे हालात पर नजर रख रहा है।  राजनाथ सिंह ने हाल ही में भरोसा भी दिया था कि हमारे पास कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं  है।

 

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