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स्ट्रांगरूम में 3 घंटे रही ममता की मौजूदगी और कार्यकर्त्ताओं का पहरा

नई दिल्ली. गुरूवार की देर शाम पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया है। TMC  ने स्ट्रांगरूम में पोस्टल बैलट से छेडछाड़ का आरोप लगाया है। इसके बाद पार्टी के नेताओं के संबंधित जगह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सीएम ममता बनर्जी भी स्वयं पहुंचकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। विपक्षी भाजपा ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया है। मामले ने तूल पकड़ा तो चुनाव आयोग को पत्रकारवार्ता कर स्थिति को साफ किया। इस बीच क्या-क्या हुआ।
TMC  के आरोप
TMC ने चुनाव आयोग पर BJP  के साथ मिलकर लोकतंत्र से खिलवाड़ का आरोप लगाया और कहा कि स्ट्रॉन्गरूम के आसपास उनकी जानकारी के बगैर हलचल हो रही है।  जो गलत है. कुणाल घोष ने कहा कि तय यह हुआ था कि बिना बताए स्ट्रॉन्गरूम की सील नहीं तोड़ी जाएगी. फिर ऐसा क्यों हुआ? उन्होंने विपक्ष पर भी हमला बोला और कहा कि हम जब गलत का विरोध कर रहे हैं, तब बीजेपी को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है।
चुनाव आयोग का जवाब
टीएमसी के आरोप पर चुनाव आयोग को रात के समय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देना पड़ा. चुनाव आयोग ने TMC  के आरोप सिरे से खारिज कर दिए और कहा कि स्ट्रॉन्गरूम में रखे बैलट की छंटनी की जा रही थी।  यह प्रक्रिया का हिस्सा है. चुनाव आयोग ने दावा किया कि सभी पार्टियों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई थी।   बैलट बॉक्स के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी 7 स्ट्रॉन्गरूम पूरी तरह से सुरक्षित हैं।   पोस्टल बैलट की छंटनी का काम दूसरे कमरे में चल रहा था।

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असम में NDA को 102 सीटें मिलने का अनुमान, चाणक्य का एग्जिट पोल

नई दिल्ली. 5 राज्यों में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव 2026 की वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अलग-अलग चरणों में हुए मतदान में करोड़ो मतदाताओं ने हिस्सा लिया और अब सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिकी हुई है। चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद आज शाम इन सभी राज्यों के एग्जिट पोल के परिणाम सामने आने शुरू होंगे।
यह एग्जिट पोल आधिकारिक चुनाव परिणामों से पहले एक शुरूआती तस्वीर पेश करते हैं। जिससे यह अन्दाजा लगाया जा सकता है कि किस राज्य में किस पार्टी को बढ़त मिल रही है। इन चुनावों में पश्चिम बंगाल में 2 चरणों में मतदान हुआ है। जबकि तमिलनाडु, असम, पुडेचेरी और असम में भी अलग-अलग तारीखपों परद मतदान कराया गया हैं। 29 अप्रैल को कुछ प्रमुख एजेंसियों जैसे एक्सिस एम इंडिया, मैटराइज और पीपुल्स पल्स ने शुरूआती अनुमान जारी किये थे। जिनमें तमाम राज्यों के रूझान सामने आये थे। आज टूडे चाणक्य अपने एग्जिट पोल जारी कर रहा है। हालांकि यह ध्यान रखना आवश्यक है। एग्जिट पोल सिर्फ अनुमान होते हैं। कई बार यह वास्तविक परिणामों से अलग भी हो सकते है। 5 राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किये जायेंगे। जिसके बाद बाद ही साफ हो पायेगा कि किस राज्य में किसकी सरकार बनेगी।
पश्चिम बंगाल में ज़्यादातर चुनावी जानकारों के बीजेपी को बढ़त मिलने का अनुमान लगाने के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि तृणमूल कांग्रेस लगातार तीसरी बार और भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए एक वीडियो के ज़रिए । तृणमूल प्रमुख ने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाती हूं, तृणमूल कांग्रेस सत्ता में वापसी करेगी। हम 2026 में 226 का आंकड़ा पार करेंगे। ” उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी जानकारों ने भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आकर अपने आंकड़े जारी किए हैं।

 

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मोटर साईकिलों और कारों में उपयोग होगा ई-85 पेट्रोल, बदलेगा फ्यूल गेम, पेट्रोल में 85% होगा एथेनॉल

नई दिल्ली. पूरे देश में पेट्रोल की बढते दामों और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिये सरकासर अब बड़ा कमद उठाने जा रही है। केन्द्र सरकार ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें पेट्रोल में अधिक मात्रा में एथेनॉल मिलाने के नियमों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अगर यह लागू किया जाता है तो आने वाले समय में गाडि़या पूरी तरह से एथेनॉल पर ही चलेगी।
नया प्रस्ताव क्या है
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 27 अप्रैल को मोटर साईकिल एक्ट के तहत एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसका मकसद इमीशन से जुड़े नियमों, फ्यूल क्लासिफिकेशन और हाई इथेनॉल ब्लेंड से जुड़े तकनीकी शब्दों में बदलाव करना है। इस प्रस्ताव में सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 में संशोधन कर ई-85 या ई-100 तक के फ्यूल के लिये व्हीकल स्टैंडर्ड को शामिल करने की बात कही गयी है। इससे पहले यह सीमा केवल ई-85 तक ही थी। इन बदलावों के तहत पेट्रोल के साथ इथेनॉल की मिलावट की सीमा ई-10 से वृद्धि कर ई-20 तक की जा रही हे। बी-100 बायोडीजल के लिये भी प्रावधान जोड़े गये है। इससे स्पष्ट है कि सरकार अब हाई-ब्लेंड फ्यूल के पूरे रेंज को सपोर्ट करने के लिये नियम बना रही है। केन्द्र सरकार ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन का फिलहाल पब्लिक कमेंट के लिये जारी किया है। यानी कम लोग और इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपनी सलाह दे सकते है। सभी सुझाव मिलने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी।
गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में देशभर में E20 फ्यूल लागू किया गया था, जिसमें पेट्रोल में 20%  एथेनॉल मिलाया गया. अब सरकार इससे आगे बढ़ते हुए और ज्यादा ब्लेंडिंग की दिशा में कदम बढ़ा रही है । सरकार का मुख्य उद्देश्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट को कम करना है। ज्यादा एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की जरूरत घटेगी, जिससे देश को आर्थिक फायदा होगा और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
अगर ये नियम लागू होते हैं, तो आने वाले समय में लोगों को नए तरह के फ्यूल ऑप्शन मिलेंगे।  हालांकि इसके लिए गाड़ियों में भी बदलाव जरूरी होगा, ताकि वे हाई एथेनॉल ब्लेंड पर सही तरीके से चल सकें।  यह बदलाव धीरे-धीरे लागू होगा, लेकिन इससे देश के फ्यूल सिस्टम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
पिछले महीने संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने एथेनॉल ब्लेंडिंग के फायदे गिनाते हुए कहा था कि, “पिछले 10-11 साल में एथेनॉल के उत्पादन और उसके ब्लेंडिंग पर बहुत बढ़िया काम हुआ है।  एक दशक पहले तक पेट्रोल में केवल 1-2% तक एथेनॉल ब्लेंडिंग करते थें  । लेकिन अब हम पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग कर रहे हैं, जिसके कारण सालाना करीब साढ़े 4 करोड़ बैरल कम पेट्रोल इंपोर्ट करना पड़ रहा है। ”
गडकरी पहले ही कर चुके हैं अलर्ट
केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बीते कल दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि, “आने वाले समय में इन ट्रेडिशनल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) पर चलने वाली गाड़ियों का कोई भविष्य नहीं है।” गडकरी ने वाहन निर्माता कंपनियों से अपील की कि, वे जल्द से जल्द बायोफ्यूल और अन्य वैकल्पिक फ्यूल की तरफ शिफ्ट करें।  उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल न सिर्फ महंगे हैं बल्कि ये देश के लिए गंभीर समस्या भी बनते जा रहे हैं।

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EPFO पर आया अपडेट. जल्द ATM से होगा विड्रॉल, 7.5 गुना बढ़ी सकती हैं पेंशन

नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। केन्द्र सरकार पीएफ रजिर्स्टड कर्मचारियों को फायदा देने के लिये कई चीजों पर विचार कर रही है। खासकर पेंशन में योगदान देने वाले कर्मचारियों को बड़ा फायदा देने पर विचार कर रही है। ईपीएफ-95 पेंशन को बढ़ाने पर चर्चा कर रही है।
श्रमिक संगठन मांग कर रहे हैं कि केन्द्र सरकार EPS  के तहत पेंशन को 1 हजार रूपये से बढ़ाकर 7 हजार 500 रूपये करें। अगर केन्द्र सरकार पेंशन को लेकर इस प्रस्ताव को मान लेती है तो पेंशन में 7.5 गुना वृद्धि होगी। संसदीय समिति ने भी पेंशन बढ़ाने की अनुशंसा की है। इसके अलावा केन्द्र सरकार पीएफ कर्मचारियों के ब्याज को जल्द अकाउंट में डिपॉजिट करने की बात कहीं है। पीएम अकाउंट होल्डर्स के खाते में 8.25 प्रतिशत ब्याज जल्द डिपॉजिट हो सकता है। जिसका कर्मचारी राह देख रहे है। वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार मंजूरी मिलते ही खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया जायेगा। ऐसा माना जा रहा है कि मई में पीएफ का ब्याज बैंक खातें में आ सकता है।
ATM से PF निकालने की सुविधा
ईपीएफओ पोर्टल के तहत कई तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं, जिसे जल्‍द लागू किया जा सकता है।  खासकर ATM  से PF की निकासी को लेकर सबसे बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। जल्‍द इसके लागू होने की उम्‍मीद है. एटीएम से पीएफ की निकासी लागू होने के बाद पीएफ के पैसे तक सदस्‍यों की पहुंच आसान हो जाएगी. फिर सेविंग अकाउंट की तरह, पीएफ अकाउंट से भी ATM कार्ड के जरिए पैसा निकाल सकते है।
EPFO ने बना दिया नया रिकॉर्ड
ईपीएफओ के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 8.31 करोड़ क्लेम सेटलमेंट किया गया है। पिछले साल 6.01 करोड़ क्लेम से तुलना में यह एक बड़ा उछाल है। इसमें से 5.51 करोड़ क्लेम एडवांस या आंशिक विड्रॉल से जुड़े रहे है।  जानकारी के अनुसार, ईपीएफओ ने 71.11% एडवांस क्लेम 3 दिन में निपटाए, जो पिछले साल यह आंकड़ा 59.19% था.6.68 करोड़ क्लेम बिना चेक इमेज अपलोड, 1.59 करोड़ खातों में बिना employer मंजूरी बैंक लिंक, 70.55 लाख ट्रांसफर क्लेम ऑटो-प्रोसेस और 29.34 लाख सदस्यों ने खुद प्रोफाइल अपडेट किया. अप्रैल 2026 के दौरान 61.03 लाख क्लेम सेटलमेंट किया गया. वहीं 98.70% क्लेम 20 दिन से कम में निपटाए गएहै।
नई पहल: E-PRAAPTI पोर्टल
ईपीएफओ की ओर से एक नई पहल की भी शुरुआत की है, जिसके तहत निष्क्रिय PF खातों को सक्रिय करने के लिए नया प्लेटफॉर्म आधार आधारित एक्सेस से पुराने खाते जोड़ना आसान हो जाएगा ।  इसका फायदा UAN से लिंक न होने वाले खातों को मिलेगा और भविष्‍य में बिना मेंबर ID वाले यूजर्स को भी सुविधा मिलेगी ।

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मिर्जापुर में ट्रक और बोलेरो के बीच हुई टक्क्र में 11 लोग जिन्दा जले, बोलेरों में निकलने का मौका ही नहीं मिला

ट्रॉले से टकराकर बोलेरो में तुरंत आग लग गई। - Dainik Bhaskar

मिर्जापुर. उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार की देर रात एक बेकाबू ट्रकक ने पीछे से बोलेरो, कार और एक कंटेनर को जोरदार टक्कर मार दी। इस जबरदस्त घटना में 11 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। ऐसा बताया जा रहा है कि टक्कर लगते ही बोलेरो में भीषण आग लग गयी। जिससे उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकलने का मौत तक नहीं मिल पाया और सभी जिन्दा जल गये। एसपी अपर्णा राजत कौशिक ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। सभी 11 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत कार्य के लिये घटनास्थल पर मौजूद है।
क्या है घटनाक्रम
मध्यप्रदेश से चना लादकर आ रहे एक ट्रक का अचानक ब्रेक फेल हो गया, जिससे वह बेकाबू हो गया। ट्रक ने बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। इससे बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी लदे ट्रेलर में जा घुसी। बोलेरो धू-धू कर जलने लगी। हादसा ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ।
बोलेरो सवार सभी लोग प्रयागराज के मांडा क्षेत्र के हाटा के बताए जा रहे हैं। ये लोग मैहर धाम से दर्शन करके वापस लौट रहे थे। हालांकि, बोलेरो में सवार लोगों की संख्या अभी तक साफ नहीं हो सकी है। बोलेरो जिगना थाना क्षेत्र के हाटा की बताई जा रही है। वहीं, हादसे में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग तेज होने से रेस्क्यू प्रभावित हुआ है।

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टच एंड गो- पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर वायुसेना ने दिखाया दम, राफेल, मिराज करेंगे टच डाउन

राफेल, मिराज ने किया टच डाउन, 4 साल पहले मोदी का प्लेन किया गया था लैंड
सुल्तानपुर. अरवल-कीरी स्थित एयरस्ट्रिप पर बुधवार की दोपहर 2 बजे वायुसेना का 2 दिवसीय विशेष रिहर्सल शुरू हो रहा है। भारतीय वायुसेना के फायटर प्लेन एक्सप्रेस वे को वैकल्पिक रनवे के रूप में उपयोग करने के लिये ‘‘टच एंड गो’’ का अभ्यास करेंगे। मिराज, राफेज, जगुआर और तंेजस जैसे फायटर प्लेनों इसमें शामिल किया गया है।
स्थानीय प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लेने के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया है। सेना के हेलीकॉप्टर से अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं का समझा। यह अभ्यास आपातकालीन लैडिंग की क्षमता को और ज्यादा मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस विशेष अभ्यास में वायुसेना के सुखोई-30एमकेआई, मिराज-2000, और जगुआर जैसे घातक लड़ाकू विमानों अपनी रफ्तार का दम भरते हुए ‘‘टच एंड गो’’ का ड्रिल करेंके। लड़ाकू विमानों के साथ सी-295, एएन-32 जैसे भारी मालवाहक जहाज भी एक्सप्रेस वे की एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग की अभ्यास करेंगे। यह युद्धाभ्यास कठिन परिस्थितियों में सड़क को रनवे बनाने की सेना की तैयारी का हिस्सा है।
रूट डायवर्जन यातायात पर लागू
इस अहम निर्णय सैन्य अभ्यास की वजह से पूर्वाचल एक्सप्रेस वे पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिये पहले ही रूट डायवर्जन कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रिहर्सल के बीच सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। एयर स्ट्रिप के आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रख रही है। स्थानीय लोगों से में भी इस अभ्यास को लेकर काफी उत्साह है। क्योंकि उन्हें भारतीय वायुसेना की ताकत और लड़ाकू विमानों के हैरतअंगेज करतबों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा।

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सीरियल ब्लास्ट की थी योजना, जेल में दी गयी ट्रेनिंग, NIA कोर्ट ने लश्कर‘-ए-तैयबा के 7 आतंकियों को सुनाई सजा

नई दिल्ली. NIA  की स्पेशल कोर्ट ने 2023 के बेंगलुरू जेल में कट्टरपंथी बनाने के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए मास्टरमाइंड टी. नसीर सहित 7 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। सभी दोषियों मको 7 साल की सख्त कैद और 48 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई गयी है।इस संबंध में टी नसीर के अलावा सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिद, तबरेज, सैयद मुदस्सिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी और सलमान खान को सजा सुनाई गयी है।
बेंगलुरू में थी आतंकी अटैक की तैयारी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बेंगलुरू शहर में आतंकी हमले की तैयारी कर रहे थे। प्रतिबंधित संगठन के एंटी-इंडिया एजेंडें को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे थे। यह मामला सबसे पहले जुलाई 2023 में बेंगलुरू सेंट्रल क्राइम (CCB) ने दज्र किया था। जब कुछ अपराधियों के पास से हथियार, गोला बारूद और डिजीटल डिवाइस बरामद किये गये थे। बाद में जांच NIA को सौंप दी गयी।
एनआईए की जांच में एक ओर बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया गया। जिसमें टी नसीर को जेल से कोर्ट ले जाते समय फरार कराने की योजना बनायी गयी थी। नसीर 2008 बेंगलुरू सीरियल ब्लास्ट मामले में पहले से ही आरोपी था। इस केस में एनआईए ने कुल 11 आरोपियों और एक फरार आरोपी जुनैद अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से सलमान खान को रवांडा से प्रत्यप्रित कर भारत लाया गया था। फिलहाल आरोपी जुनैद अहमद की तलाश जारी है।

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LPG किल्लत की वजह से सूरत रेलवे स्टेशन से पलायन करने वालों मजदूरों का सैलाब

सूरत. मिडिल-ईस्ट युद्ध और LPG  संकट का प्रभाव भारत के अलग-अगलग इलाकों में देखने को मिल रहा है। कंपनियों की बिडिंग पर ताले लगने शुरू हो गये है। दूर दराज के श्रमिकों पलायन करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। सूरत में उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को यात्रियों का रेला उमड़ रहा है। उत्तरप्रदेश-बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीट हासिल करने के लिये हजारों लोग स्टेशन पहुंचे। इस बीच लाठीचार्ज के बाद भगदड़ जैसे हालात देखने को मिले हैं।
सुबह लगभग 11.30 बजे जब उधना-हसनपुर ट्रेन के लिये यात्रियों में लाइनों में खड़ा किया जा रहा था। तभी कुछ लोगों ने लाइन तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस और आरपीएफ के जवानों को भीड़ को काबू करने के लिये लाठीचार्ज करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यात्री पुलिस की डंडेबाजी से बचने के लिये लोहे की जालियों के ऊपर से कूंदते हुए दिखाई दिये है।
यह कोई पहली बार नहीं है। जब रेलवे स्टेशन पर भीड़ उमड़ते देखा गया है। लेकिन इस बार एलपीजी क्राइसिस के कारण लोग पलायन कर रहे है। पिछले एक -दो माह से यात्री यहां से पलायन कर रहे है। अब समर वैकेशन भी शुरू हुआ है। ऐसे में भीड़ इकट्ठा होने के पीछे 2 कारण है। रेलवे के अपने दावे है। लेकिन जो तस्वीरें सामने आयी है। जो साफ दिखाती है कि उधना रेलवे स्टेशन पर लगातार यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ रहा है।
गैस संकट से सूरत की वीविंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर
गैस किल्लत से सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। लगभग 30 प्रतिशत 3 लाख श्रमिक पलायन कर चुके है। जिससे उत्पादन घटकर 6.5 करोड़ मीटर से 4.5 करोउ़ मीटर प्रतिदिन रह गया है। इंडस्ट्री को 15 हजार गैस सिलेंडर की आवश्यकता है। लेकिन सप्लाई धीमी है। हालात नहीं सुधरे तो और श्रमिकों के जाने और नुकसान बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

 

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मणिपुर के विष्णुपुर में फैला भारी तनाव, सादा कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों को देखकर भड़के लोग, झड़प् में 18 जख्मी

इंफाल. मणिपुर के विष्णुपुर जिले के थिगुंनेई इलाके मंगलवार की दोपहर लगभग 1त्र30 बजे तनाव फैल गया। जब प्रदर्शनकारियों ने सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों का ले जा रही 3 गाडि़यों को रोक लिया। ट्रोंगलाओबी बम धमाके में 2 बच्चों की मौत से गुस्सायें स्थानीय लोगों ने बोलेरो, स्विफ्ट और वर्ना गाडि़यों की चैकिंग की । गाडि़यों में सवार लोगों ने स्वयं को असम राइफल्स का सैनिक बताया। लेकिन पहचान पत्र नहीं दिखा पाने पर प्रदर्शनकारियों का शक गहरा गया।
भीड़ ने 5 लोगों को बंधक बना लिया। जबकि अन्य भाग निकले, इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने 2 गाडि़यों को आग के हवाले कर दिया। इस पूरी घटना और सुरक्षा बलों की कार्यवाही में 5 महिलाओं समेत लगभग 18 लोग मामूली घायल हो गये हैं। सुरक्षाबलों ने बादमें बंधक बनाये व्यक्तियों को अपनी हिरासत में ले लिया।
नारकोटिक्स ऑपरेशन बनाम उग्रवादी शक
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हथियारों से लैस ये शख्स संदिग्ध कुकी उग्रवादी हो सकते हैं। हालांकि, एक सुरक्षा अधिकारी ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ये कर्मी एक नशीली दवाओं के मामले से जुड़े ऑपरेशन का हिस्सा थे।  दरअसल, इम्फाल एयरपोर्ट पर 7 किलो मॉर्फिन के साथ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बल सादे कपड़ों में क्वाकटा की ओर जा रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने टिड्डिम रोड को ब्लॉक कर दिया और निंगथौखोंग व नामबोल जैसे स्थानों पर सुरक्षा बलों से भिड़ गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मणिपुर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने आंसू गैस के गोले, धुआं बम और कुछ जगहों पर गोलियों का इस्तेमाल किया। जिला अस्पताल के पास आंसू गैस छोड़े जाने से कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत और चोटें आईं. ताजा हिंसा के बाद बिष्णुपुर जिले में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। घाटी के 5 अन्य जिलों में सुबह 5 से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है, लेकिन मौजूदा हालातों के मद्देनजर बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई है. सुरक्षा बल पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रख रहे हैं, जिससे हिंसा को दोबारा भड़कने से रोका जा सके।

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अवैध खनन रोकने में मध्यप्रदेश की सरकार रही फेल, वनरक्षक की हत्या का जिम्मेदार कौन-सुप्रीम कोर्ट

मुरैना. वनरक्षक की हत्या और चम्बल नदी पर बने पुल की नींव तक अवैध खनन के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार पर कड़ा रूख अपनाया है। हाईकोर्ट ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाये है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के बीच में कहा है कि यदि रेत माफिया पुल की नींव तक खोद रहे है। वन अधिकारियों को कुचलकर मार रहे है। ऐसे में राज्य सरकार की भूमिका पर प्रश्न खड़े होते है। हाईकोर्ट ने पूछा कि यदि पुल गिर जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

भास्कर ने ग्राउंड रिपोर्ट में पिलर के नीचे गड्‌ढों का खुलासा किया था।
ऑफीसर की मिली भगत से हो सकती है
हाईकोर्ट ने कहा है कि यह घटनायें संकेत देती हैकि यदि या तो राज्य सरकार अवैध खनन रोकने में असफल रही है या फिर इसमें ऑफीसरों की मिलीभगत हो सकती है। होईकोर्ट ने टिप्पणी की कि सब राज्य सरकार की निगरानी में हो रहा है जो बेहद चिंताजनक है।
पुुल की नींव तक खुदाई
राजस्थान और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे -44 का चम्बल पुल मुरैना के राजघाट क्षेत्र में स्थित इस पुल की कई पिलरों के नीचे तक रेतमाफिया द्वारा लगभग 15 फीट तक खुदाई किये जाने की बात सामने आई है। जिससे संरचना की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो गया है। क्या मुरैना पुलिस प्रशासन को चम्बल नदी में अवैध रेत उत्खनन होता दिखाई नहीं देता क्या प्रशासन अंधा है। अवैध उत्खनन रोकने क्या-क्या प्रयास किये गये। यह क्यों रूक नहीं पा रहा है। इस सब की जानकारी सुप्रीम कोर्ट ने तलब की है।
वनरक्षक को कुचल कर मारने की रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने वनरक्षक की हत्या के मामला में अभी तक की जांच की स्थिति रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज पेश करने के निर्देश दिये है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। जो 17 अप्रैल को सुनाया जायेगा।

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