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सबसे लंबे समय तक PM रहने का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी के नाम

नेहरू 4398 दिन रहे, मोदी को 4399 हो गए
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के नाम आज बुधवार को एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया। यह रिकॉर्ड इसलिए काफी अहम है क्योंकि भारत जैसे देश में, जहां जनता चुनाव पर सरकार पलट देती है, ऐसे हालात में देश की जनता ने 3 बार BJP को सरकार चलाने का मौका दिया और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। देश में अभी तक सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था। नेहरू 4398 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे थे, पर मोदी ने प्रधानमंत्री रहते हुए आज 4399 दिन पूरे कर लिए और अभी उनके 3 साल का कार्यकाल शेष है।
अंतर यह है
नेहरू जब पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तो उन्हें जनता ने नहीं चुना था। उन्हें अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरण के वक्त प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। पर मोदी जब पहली बार प्रधानमंत्री बने तो जनता ने उन्हें गुजरात से सीधे दिल्ली भेजा। प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने से पहले मोदी 3 बार लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे।इतिहास रचने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। उन्होंने कहा कि विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनता का विश्वास अर्जित कर सकता है। उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया।
हर मोर्चे पर फतह
मोदी ने अपने बूते पर 3 बार सिर्फ दिल्ली में ही सरकार नहीं बनाई, उन राज्यों में भी भगवा फहराया जहां माना जा रहा था कि BJP जड़ें तक नहीं जमा पाएगी। ताजा उदाहरण पश्चिम बंगाल है, तो इससे पहले 30 साल बाद UP में 2017 में वापसी की थी। दिल्ली भी वापस ली तो ओडिशा में भी लंबे समय बाद BJP की सरकार बनी। पूर्वोत्तर में तो सिर्फ बीजेपी ही नजर आती है। आज देश के 22 राज्यों में बीजेपी/एनडीए की सरकार है।
आगे अग्निपरीक्षा
मोदी ने सबसे लंबे समय तक PM  रहने का रिकॉर्ड तो अपने नाम कर लिया। इससे यह भी तय है कि इस रिकॉर्ड तक पहुंचना अब किसी नेता के लिए ख्वाब से कम नहीं होगा। पर आने वाले समय में मोदी को कड़ी परीक्षा से गुजरना है। भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। भारत की जीडीपी को वहां पहुंचाना है जहां भारत, जर्मनी-अमेरिका को टक्कर दे सके। मोदी विकसित भारत के विजन को लेकर पहले ही आगे बढ़ चुके हैं। यह सब चुनौतियां तब हैं जब खाड़ी युद्ध के चलते दुनिया भर के देशों की आर्थिक हालत प्रभावित हो रही है।
दिल्ली में आज जश्न
मोदी सरकार के आज ही 12 साल पूरे हुए।
इस मौके पर भारत मंडपम में एक बैठक रखी गई है।
इसमें एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के अलावा एनडीए के 35 सहयोगी दलों के 75 वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
इस बैठक में विकसित भारत के सपने पर मंथन होगा।
रोड मैप तैयार किया जाएगा।

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28 वर्ष की उम्र में राजनीति में रखा कदम, शिवलिंग विवाद और अब पाला बदल, सयानी की जुबानी

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की सियासत की सबसे चर्चित चेहरों में से एक सयोनी घोष का ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की नजदीकी माना जाता रहा है। लेकिन सत्ता बदलते ही पाला बदल लिया है। सयानी भी टीएमसी के उन बागी सांसदों की फेहरिश्त में शामिल हो गयी है। जिन्होंने लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला कमो पत्र लिखकर सदन में अलग बैठने और एनडीए को समर्थन करने का फैसला किया है।
हीरोइन से राजनेता बनी सयानी घोष ने अपने करियर की शुरूआत बहुत कम उम्र में की थी। 2010 में उन्होंने महज 17 वर्षीय बांग्ली फिलम में कदम रखा और समूचे बंगाल में उन्हें पहचान मिली। राजनीति में आने से पहले ही सयानी घोष सांस्कृतिक जगत का एक चर्चित चेहरा बन चुकी थी। जिसके बाद 28 साल की आयु में सियासत में कदम रखा औरे बहुत ही तेजी से ममता बनर्जी के भरोसेमंदर बन गयी है। सयानी घोष बंगाल की राजनीति में एक प्रमुख युवा चेहरा है। ममता बनर्जी के नजदीकी नेता बनने से लेकर सयानी घोष के सियासी पाला बदलने की कहानी काफी रोचक है।
अभिनेत्री से कैसी सयानी बनी नेता
सयानी घोष बंगाली सीरियल से अपनी अभिनय क्षमता साबित करने के बाद बांग्ला सिनेमा (टॉलीवुड) का रुख किया. 2011 में उन्होंने फिल्म ‘शत्रु’ में एक छोटी भूमिका निभाई, जिसने उन्हें काफी बड़ा बना दिया. ये उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई और उन्हें बंगाली सिनेमा में एक पहचान मिली है।   यही नहीं सयानी केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने थियेटर (रंगमंच) में भी काम किया, जिसके चलते बंगाल के सामाजिक आंदोलन के जुड़े हुए लोगों की बीच अपनी जगह बनाई है।
अब बदल रही सियासी पाला
सयानी घोष अपने पांच साल के सियासी सफर में ख़ुद को ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की करीबी की तरह पेश करती हैं और अपने भाषणों में बार-बार ममता बनर्जी का ज़िक्र करती है।  सयानी ममता बनर्जी की तरह ही साड़ी पहनती हैं और कई बार उन्हीं की तरह चप्पल पहनकर सभाएं करती है।   इतना ही नहीं ममता कई बार कह चुकी हैं कि वो ममता बनर्जी को फ़ॉलो करती हूं। ममता बनर्जी को अपना राजनीतिक आदर्श और अभिषेक बनर्जी को नेता बताने वाली सयानी घोष बंगाल की सत्ता बदलते ही सियासी मिजाज भी बदल रहा. सयानी भी टीएमसी की उन बागी नेताओं की फेहरिश्त में शामिल हो गई है।  जो अभिषेक बनर्जी को लोकसभा संसदीय दल के TMC  के नेता पद से हटाना चाहती हैं और काकोली घोष को बनाना चाहते हैं. इतना ही नहीं संसद में अलग बैठने और एनडीए को समर्थन करना चाहता है.

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Meta का पहला AI सेंटर भारत के जामनगर में खुलेगा

नई दिल्ली. फेसबुक की पैरेंट कम्पनी मेटा अब भारत में अपना पहला आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस (एआई) डेटा सेंटर ओपन करने जा रही है। मेटा ने इसके लिये रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ पार्टनरशिप की है। यह डेटा सेंटर गुजरात राज्य के जामनगर में शुरू किया जायेगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में सेंटर तैयार करेगी। जिसके बाद मेटा इसमें अपना ऑपरेशन शुरू करेगा। मेटा का यह एआई डेटा सेंटार के एआई मिशन को पॉवर देने का काम करेगा।
मेटा और रिलायंस पार्टनरशिप के तहत तैयार होने वाले एआई डेटा सेंटर 168 मेगावॉट कैपिसिटी के साथ शुरू किया जायेगा और बाद में इसका एक्सटेंशन किया जायेगा। यह सेंटर आने वाले 2 वर्षो में शुरू होगा।
रिलायंस निर्माण कर रही मेटा एआई डेटा सेंटर
रिलायंस इस फैक्ट्री का निर्माण करेगी। जबकि मेटा अपने एआई सिस्टम को सपोर्ट देने के लिये इसका उपयोग करेगी। यह सपोर्ट फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्रॉडक्ट में काम करता है। यह प्रोजेक्ट मार्क जकरबर्ग की उस बड़ी प्लानिंग को आगे बढायेगा। जिसको वह पर्सनल सुपर इंटेलीजेंस भी कहते हैं।
डेटा सेंटर को सर्विस देगी रिलायंस इंडस्ट्रीज
पार्टनरशिप के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज डेटा सेंटर के पूरे लाइफसाइकल के दौरान एंड-टू-एंड सर्विस देगी। इसमें डेटा सेंटर का डिजायन, डवलपमेंट, यूटिलिटी मैनेजमेंट, नवनीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और पूरी तरह से फुलीमैनेज्ड ऑपरेशन सर्विसेज को शामिल किया गया है।
रिलायंस अपनी स्थिति को मजूबत करेगी
पार्टनरशिप के तहत रिलायंस भारत में हाइपरस्केल AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सिंगल-विंडो सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के रूप में अपनी स्थिति को मजूबत करेगी. ग्राहकों को एक ही कंपनी के जरिए डेटा सेंटर से जुड़ी सभी प्रमुख सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

 

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12 परमाणु हथियार के साथ भारत वार के लिये तैयार

नई दिल्ली. स्वीडन के थिंक टैंक स्टॉक होम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) की नयी रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 12 परमाणु हथियार तैनात किये है। रिपोर्ट के अनुसार शांतिकाल में इतने बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों की तैनाती पहली बार दर्ज की गयी है। वहीं, चीन ने भी अपने परमाणु हथियारों की तैेनाती की संख्या 2025 के 24 से बढ़ाकर 2026 में 34 कर दी है।
सीपरी ने सोमवार का अपनी एसआईपीआर एयरबुक 2026 जारी करते हुए कहा है कि दुनिया के देश अब राष्ट्रीय शकित के साधन के रूप् में परमाणु हथियारों पर पहले से ज्यादा निर्भर होते जा रहे है। दुनियाभर में करीब 4,012 परमाणु वॉरहेड ऐसे है जो मिसाइलें और विमानों के साथ तैनात स्थिति में है। SIPRI ने सोमवार को अपनी SIPRI Yearbook 2026 जारी करते हुए कहा कि दुनिया के देश अब राष्ट्रीय शक्ति के साधन के रूप में परमाणु हथियारों पर पहले से अधिक निर्भर होते जा रहे हैं.
 दुनिया के किन 9 देशों के पास हैं परमाणु बम?
रिपोर्ट में नौ परमाणु हथियार संपन्न देशों का उल्लेख किया गया है. ये हैं: अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल.
वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2,100 से 2,200 तैनात वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों पर हाई परेशनल अलर्ट की स्थिति में रखे गए हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से लगभग सभी वॉरहेड रूस और अमेरिका के हैं, जबकि कुछ संख्या फ्रांस और ब्रिटेन की है. हालांकि, SIPRI का आकलन है कि चीन और भारत भी अब शांतिकाल के दौरान कभी-कभी मिसाइलों पर कम संख्या में परमाणु वॉरहेड तैनात कर सकते हैं.
जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार: भारत के पास 12 तैनात परमाणु वॉरहेड हैं. चीन के पास 34 तैनात परमाणु वॉरहेड हैं, जो 2025 के 24 से 10 ज्यादा हैं. तैनात परमाणु वॉरहेड की संख्या के मामले में रूस सबसे आगे है. अमेरिका के पास 1,770, रूस के पास 1,796, फ्रांस के पास 280 और ब्रिटेन के पास 120 तैनात परमाणु वॉरहेड हैं.

 

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जम्मू कश्मीर- जोजिला टनल फायनल ब्रेकथ्रू पूरा, लद्दाख -श्रीनगर के बीच सीधा होगा जुडाव

श्रीनगर. भारत के लिये राष्ट्रीय सुरक्षा और स्ट्रेटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से आज का दिन एक नया इतिहास रचने जा रहा है। दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर बन रही आधुनिक तकनीक की नायाब मिसाल ‘‘जोजिला टनल’’ का आज मंगलवार 9 जून 2026 का अपना आखिरी ‘ब्रेक थ्रू’ हासिल होगा।


केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी स्वयं इस ऐतिहासिक ब्लास्ट और अंतिम ब्रेकथ्रू के मौके पर मौजूद रहेंगे। नेशनल हाइवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों के अनुसार यह बड़ी कामयाबी तय समय से 6 माह पहले ही हासिल कर ली गयी है। टनल निर्माण में ब्रेकथ्रू का मतलब पहाड के अन्दर आर-पार रास्ता खुल जाना है। जब इंजीनियर और मजदूर पहाड़ के दोनों छोरों से एक साथ खुदाई शुरू करते है। बीच में आकर दोनों रास्ते आपसस में मिल जाते है। उसे ब्रेकथ्रू कहते हैं।

जोजिला सुरंग से लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी. (Photo- ITGD)

एशिया ही नहीं, दुनिया के इतिहास में नंबर-1 बनेगी ये टनल- गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस ब्रेकथ्रू को भारतीय इंजीनियरिंग के इतिहास का एक सुनहरा पन्ना बताया. उन्होंने कहा, ‘आज का दिन भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास का सुनहरा दिन है. क्योंकि ये टनल 14 किलोमीटर लंबी है और स्टेट ऑफ आर्ट हैं। मुझे अभी बताया गया कि अब तक हम इसे एशिया का सबसे लंबा टनल कह रहे थे. लेकिन ये वर्ल्ड के इतिहास में भी नंबर 1 पर जाएगा, ये जानकर मुझे बहुत खुशी है. ये लेह और लद्दाख के लोगों के लिए लाइफलाइन हैं।’
सिन्हा ने सुरंग के निर्माण में जुटे कार्यबलों की तारीफ करते हुए आगे कहा, ‘मैं इस प्रोजेक्ट में काम करने वाले सभी इंजीनियरों को बधाई देता हूं । जिन्होंने इतनी ऊंचाई पर मुश्किल परिस्थितियों में काम किया है. हम सभी जानते हैं कि कनेक्टिविटी से ही विकास होता है. पिछले 12 सालों में इस क्षेत्र में बहुत काम हुआ हैं।

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सीजेरियन डिलेवरी के बाद वेंटिलेर पर पहुंची महिलायें, 6 महिलाओं की किडनी फेल

जयपुर. राजस्थान मेुं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं। कोटा के बाद अब बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सीजेरियन डिलेवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल होने का मामला सामने आया है। इन महिलाओं में एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इस घटना केबाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है।
कैसे हुई किड़नी फेल वजह नहीं मालूम
ऐसा बताया जाता हैकि सभी महिलाओं का हाल ही में पीबीएम अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन से डिलेवरी कराई गयी थी। ऑपरेशन के कुछ वक्त बाद इन महिलाओं की तबियत बिगड़ने लगी है। जांच के बीच पता चला है कि उनकी किड़नी प्रभावित हुई है। कुछ मामलों में किड़नी फंक्शन पर गंभीर रूप से हालत खराब हो गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है। उन्हें विशेष इलाज दिया जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच करवाई जा रही है। मरीजों की मेडीकल हिस्ट्री, ऑपरेशन के दौरान उपयोग की गयी दवाओं, इंजेक्शन, फ्लूइड और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है। फिलहाल किड़नी फेल होने की वजहों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

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इंजीनियर के लॉकरों में मिले 2 करोड़ कैश, 13 प्लॉट, 5 मल्टीस्टोरी बिल्डिंग 27 साल पहले 6000 रूपये वेतन पर हुई थी नियुक्ति


भुवनेश्वर. ओडिशा के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठनाथ बेहरा के कब्जे से करोड़ों की रूपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। बेहरा कुंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (आईटीडीए) में पदस्थ है। उनका 1999 में जूनियर इंजीनियर के पद पर अपॉइंटमेंट हुआ था। ओडिशा विजिलेंस को बेहरा के पास आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद भुवनेश्वर के विशेष न्यायाधीश (विजीलेंस) के सर्च वारंट के आधार पर विजिलेंस ने शुक्रवार को भुवनेश्वर, जाजपुर, बारिपदा और कंधमाल जिले के कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस बीच 5 बहुमंजिला इमारतें, 13 प्लॉट, सोने की ज्वेलरी और बैंक लॉकरों से लगभग 2.4 करोड़ कैश बरामद हुआ है। सभी संपत्तियों की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। इसे हाल के वर्षो की सबसे बड़ी आय से ज्यादा संपत्ति की कार्यवाहियों में एक माना जा रहा है।

छापेमारी की 3 तस्वीरें…

इंजीनियर की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो लॉकर से 2 करोड़ मिले।
इंजीनियर की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो लॉकर से 2 करोड़ मिले।
विजिलेंस टीम बरामद कैश को 4 से 5 बैगों में भरकर अपने ऑफिस लेकर आई, जिनकी गिनती बैंक मशीनों से कराई जा रही है।
विजिलेंस टीम बरामद कैश को 4 से 5 बैगों में भरकर अपने ऑफिस लेकर आई, जिनकी गिनती बैंक मशीनों से कराई जा रही है।
सभी बरामद कैश 500-500 के नोट हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरी संपत्ति की कीमत बताई जाएगी।
सभी बरामद कैश 500-500 के नोट हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरी संपत्ति की कीमत बताई जाएगी।

भुवनेश्वर में 4 बहुमंजिला आलीशन बिल्डिंग
भुवनेश्वर के 4 इलाकों के अलावा जाजपुर जिले के धर्मशाला स्थित पैतृक घर, रिश्तेदारों के आवास, सरकारी र्क्वाटर और ऑफिस में भी तलाशी ली गयी। कार्यवाही में 2 एएएसपी, 5 डीएसपी और भारी तादाद में अन्य अधिकारियों को लगाया गया है। जांच में अभी तक 5 बड़ी इमारतों का पता चला है। इनमें भुवनेश्वर स्थित नीलाद्री बिहार में करीब 10,500 वर्गफीट क्षेत्रवाली 4 मंजिला इमारत सबसे बड़ी है। इसके अलावा सैलश्री बिहार में 3 मंजिला भवन, पटिया में 2 मंजिला मकान, चन्द्रशेखर में 2 मंजिला मकान है।
जाजपुर जिले के धर्मशाला में पैतृक जमीन पर भी 2 मंजिला इमारत बनी है। बिजिलेंस को बेहरा और उनके परिवार के नाम पर 13 प्लाट भी मिले है। इनमें 4 प्लॉट भुवनेश्वर, जाजपुर जिले के धर्मशाला और एक बारिपदा में स्थित हैं भुवनेश्वर में और भी जमीन होने की जानकारी सामने आयी है।
पत्नी के बैंक लॉकरों से निकले 2 करोड़ कैश
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग ठिकानों से सिर्फ 2.66 लाख कैश नकद बरामद किए। हालांकि जांचकर्ताओं को पता चला कि बेहरा की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो लॉकर हैं। लॉकर खोले जाने पर करीब 2 करोड़ कैश मिले। नोटों की गिनती बैंक की मशीनों से कराई जा रही है। इसके अलावा सोने के गहनों का वजन और कीमत का आकलन किया जा रहा है। विजिलेंस टीम बैंक खातों और अन्य इन्वेस्टमेंट की भी जांच कर रही है।
बैकुंठ नाथ बेहरा ने 16 अगस्त 1999 को जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका शुरुआती वेतन 6,000 रुपए महीना था। 31 अक्टूबर 2016 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन मिला।
फरवरी 2026 में उन्हें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बनाया गया और बलिगुड़ा ITDA में पोस्टिंग मिली। अभी उनका मासिक वेतन करीब 80 हजार था। विजिलेंस एसपी सुशांत कुमार बिस्वाल ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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घरेलू LPG सिलेंडर 29 महंगा, 3 महीने में दूसरी बार कीमत में इजाफा

नई दिल्ली. घरेलू एलपीजी सिलेंडर 29 रुपए महंगा हो गया है। नई दरें आज रात 12 बजे से लागू हो गई हैं। दिल्ली में अब 14.2 किलोग्राम वाला गैस सिलेंडर 913 से बढ़कर 942 का मिलेगा। तीन महीने में दूसरी बार एलपीजी की कीमत बढ़ाई गई है। इससे पहले 7 मार्च को एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 बढ़ाए गए थे। इस तरह 3 महीने के अंदर घरेलू सिलेंडर 89 रुपए महंगा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी ऊर्जा लागत और घरेलू बिक्री पर नुकसान के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं।

7 मार्च को LPG सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए गए थे। - Dainik Bhaskar
कंपनियों को प्रति सिलेंडर 703 नुकसान का दावा
सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकारी तेल कंपनियों को हर घरेलू सिलेंडर पर करीब 703 का नुकसान हो रहा था। दाम बढ़ने से बावजूद सिर्फ आंशिक भरपाई होगी। 2026 से पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 50 का इजाफा किया था। 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 31 तक बढ़ाए गए थे। 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी ₹11 का इजाफा किया गया था, जिससे इसकी कीमत 821.50 हो गई।

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वैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया में एंट्री, टीम इंडिया के सेलेक्शन ने दिये भविष्य के संकेत

नई दिल्ली. आयरलैंड और इंग्लैंड के बीच टी-20 सीरीज के अलावा एशियन गेम्स 2026 के लिये भारतीय टीम का सेलेक्शन 6 जून शनिवार को हुआ। चयनकर्ताओं ने जो टीम चुनी है। उससे बड़े संदेश निकलकर सामने आये है। आईसीसी मेन्स टी-20 विश्वकप 2026 में भारत को चैम्पियन बनाने वाले कप्तान सूर्यकुमार को न सिर्फ कप्तानी से हटाया गया बल्कि टी-20 से भी बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गयी है।
सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। जिन्हें पहली बार भारतीय सीनियर टीम में मौका मिला है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में अपने तूफासनी प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरने वाले वैभव अब टीम इंडिया की जर्सी में नजर आयेंगे। पिछले कुछ दिनों से श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने की खबरें सामने आ रही थी। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। श्रेयस ने आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2023 में खेला था। लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें फिर से टीम में जगह दिला दी।
एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी
आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी.

 

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होर्मुज स्ट्रेट को फिर से शुरू यूएस ठिकानों पर अटैक की ईरान ने बताई पूरी टाइमलाइन

नई दिल्ली. ईरान-अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट में टकराव जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। तीन दिनों में दूसरी बार है जब ईरान ने कुवैत -बहरीन पर मिसाइलें दागी है। ताजा हमले में होर्मु स्ट्रेट की ओर भी चार मिसाइलें दागी गयी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉपर्स (आईआरजीसी) ने खुलासा किया कि कुवैत और बहरीन की ओर दागी गयी 7 मिसाइलें दरअसल अमेरिकी कार्यवाही के जवाब में चलाई गयी थी।
ळालांकि अमेरिका ने बताया है कि इनमें से कोई भी मिसाइ अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी है। ईरानी न्यूज एजेंसी फारस और तस्नीम के अनुसार आईआरजीसी ने हमले की पूरी टाइमलाइन जारी की है। ईरान का दावा है कि विवाद की शुरूआत तब हुई जब अमेरिकी सेना की निगरानी में 4 तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से निकलनेकी कोशिश कर रहे थे। आरआरजीसी के अनुसार इन टैंकरों को लेकर ईरानी नौसेना ने चेतावनी जारी की थी।
होर्मुज की तरफ भी ईरान ने दागी मिसाइलें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा इससे अलग है। अमेरिका के मुताबिक, ईरान ने कुवैत और बहरीन की तरफ कुल सात मिसाइलें दागीं, लेकिन कोई भी अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंची है। अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि उसने होर्मुज स्ट्रेट की तरफ बढ़ रहे चार ईरानी ड्रोन मार गिराए और जवाबी कार्रवाई में केश्म द्वीप और ईरान के दक्षिणी तट पर मौजूद तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया है। IRGC ने अपने बयान में अमेरिका को कड़ी चेतावनी भी दी है। संगठन ने कहा कि अगर इस तरह की कार्रवाई दोबारा हुई तो जवाब सीमित नहीं रहेगा। उसने दावा किया कि ऐसी स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट को तेल और गैस निर्यात के लिए पूरी तरह बंद किया जा सकता है।

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