LPG किल्लत की वजह से सूरत रेलवे स्टेशन से पलायन करने वालों मजदूरों का सैलाब
सूरत. मिडिल-ईस्ट युद्ध और LPG संकट का प्रभाव भारत के अलग-अगलग इलाकों में देखने को मिल रहा है। कंपनियों की बिडिंग पर ताले लगने शुरू हो गये है। दूर दराज के श्रमिकों पलायन करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। सूरत में उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को यात्रियों का रेला उमड़ रहा है। उत्तरप्रदेश-बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीट हासिल करने के लिये हजारों लोग स्टेशन पहुंचे। इस बीच लाठीचार्ज के बाद भगदड़ जैसे हालात देखने को मिले हैं।
सुबह लगभग 11.30 बजे जब उधना-हसनपुर ट्रेन के लिये यात्रियों में लाइनों में खड़ा किया जा रहा था। तभी कुछ लोगों ने लाइन तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस और आरपीएफ के जवानों को भीड़ को काबू करने के लिये लाठीचार्ज करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यात्री पुलिस की डंडेबाजी से बचने के लिये लोहे की जालियों के ऊपर से कूंदते हुए दिखाई दिये है।
यह कोई पहली बार नहीं है। जब रेलवे स्टेशन पर भीड़ उमड़ते देखा गया है। लेकिन इस बार एलपीजी क्राइसिस के कारण लोग पलायन कर रहे है। पिछले एक -दो माह से यात्री यहां से पलायन कर रहे है। अब समर वैकेशन भी शुरू हुआ है। ऐसे में भीड़ इकट्ठा होने के पीछे 2 कारण है। रेलवे के अपने दावे है। लेकिन जो तस्वीरें सामने आयी है। जो साफ दिखाती है कि उधना रेलवे स्टेशन पर लगातार यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ रहा है।
गैस संकट से सूरत की वीविंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर
गैस किल्लत से सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। लगभग 30 प्रतिशत 3 लाख श्रमिक पलायन कर चुके है। जिससे उत्पादन घटकर 6.5 करोड़ मीटर से 4.5 करोउ़ मीटर प्रतिदिन रह गया है। इंडस्ट्री को 15 हजार गैस सिलेंडर की आवश्यकता है। लेकिन सप्लाई धीमी है। हालात नहीं सुधरे तो और श्रमिकों के जाने और नुकसान बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

