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आग की अफवाह यात्री पातालकोट की चपेट में 3 महिलायें 1 बच्चे की घटनास्थल पर हुई मौत

आग की अफवाह के बाद ट्रैक पर उतरे यात्री हादसे का शिकार (Photo: ITG)मुरैना. एमपी के मुरैना में ट्रेन से कटने से 4 यात्रियों की मौत हो गयी है। आग लगने की अफवाह के बाद उदयपुर इंटरीसिटी एक्सप्रेस से नीचे उतर रहे 4 यात्रियों दूसरी ट्रेन की चपेट आने की वजह से कट गये। मृतकों में 3 महिलायें और एक बच्चा शामिल है।
ग्वालियर की तरफ से मुरैना जा रही उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में किसी वजह से आग लगने की अफवाह फैल गयी। इसी बीच पास के ट्रैक पर धौलपुर की तरफ से पातालकोट एक्सप्रेस गुजर रही थी, ट्रेन से उतरे यात्रियों को दूसरी लाइन पर तेज रफ्तार से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस का अंदाजा नहीं था 3 महिलायें और एक बच्चा ट्रेन की चपेट में आ गये और घटनास्थल पर उनकी मौत हो गयी।
मृतकों के नाम
▪️ आफरीन (35 वर्ष)
▪️ अशद (4 वर्ष)
▪️ सकुंतला (60 वर्ष)
▪️ वीरमा देवी (58 वर्ष)
मोबाइल ब्लास्ट की सूचना के बाद घबराए यात्री
बागेश्वर धाम से लौट रही यात्री पूजा के अनुसार, कोच में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। चेन पुलिंग के बाद ट्रेन रुकते ही यात्री घबराकर नीचे उतर गए और ट्रैक की ओर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही RPF, GRP और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों की तलाश और राहत कार्य शुरू किया गया। रेलवे ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है और प्रारंभिक कारणों की पुष्टि की जा रही है।
ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री ने क्या बताया?
ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री ने बताया, “अचानक किसी ने चेन खींच दी और चिल्लाने लगा कि आग लग गई है, आग लग गई है. इसके बाद लोग तुरंत ट्रेन से उतरने लगे. जब यात्री दूसरी तरफ पटरी पार कर रहे थे, तभी उधर से पातालकोट एक्सप्रेस आ रही थी. इसी दौरान कुछ लोग उसकी चपेट में आ गए और हादसा हो गया. एक पूरा परिवार भी इसमें फंस गया. परिवार में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे थे.”

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यूएस-ईरान के शांति समझौते के बाद खुलेगा होर्मुज, ईरान को मिलेंगे 25 अरब डॉलर

नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच पीस डील को लेकर महीनों चल रही खींचतान अब खत्म होने वाली है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित शांति समझौते (पीस डील) का एक ड्राफ्ट सामने आया है। जिसमें परमाणु कार्यक्रम से लेकर तेल व्यापार, होर्मुज स्ट्रेट और अरबों डॉलर फ्रीज किये हुए तक कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया गया है।
एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने बताया है कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान ने यह वादा किया है कि वह न तो परमाणु हथियार बनायेगा और न ही किसी अन्य तरीके से उन्हें हासिल करने का प्रयास करेगा। यह अमेरिका की सबसे बड़ी मांगों में से एक रही हैं। ड्राफ्ट के अनुसार ईरान के पास मौजूद उच्चस्तर पर सवंर्धित (हाईली एनरिच्ड) यूरेनियम का संवर्धन स्तर भी कम किया जायेगा। हालांकि यह प्रक्रिया कैसे होगी। इस पर अभी आखिरी फैसला नहीं हुआ है। दोनों पक्ष अगले 60 दिनों के अंदर इसकी तकनीकी रूपरेखा तय करेगी।
पीस डील होने के बाद ईरान को फ्रीज्ड 25 अरब डॉलर मिलेंगे
इस समझौते का सबसे बड़ा आर्कषण ईरान के फ्रीज्ड फंड को लेकर ईरानी अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिका लगभग 25 अरब डॉलर फ्रीज किये गये फंड को जारी करने पर सहमत हो गया है। इसमें डायरेक्ट कैश ट्रांसफर, क्षेत्रीय देशों के सहयोग और वित्तीय क्रेडिट लाइन जैसी व्यवस्थायें शामिल हो सकती है। इसके अलावा अमेरिका कुछ वक्त के लिये ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों में भी छूट देगा। इससे ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोबारा तेल बेच सकेगा। तेल से होने कमाई अपने पास रख सकेगा।

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22 सांसद है हमारे साथ, TMC की बागी सांसद काकोली घोष का दावा, अलग गुट के लिये स्पीकर से करेंगे मांग

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 से अधिक सांसद पार्टी छोड़ने के लिये तैयार है। यह सांसद अब स्वयं को एक अलग गुट बनाना चाहते है। एनडीए (बीजेपी) का साथ देने की बात कह रहे हैं। सोमवार को यह सब लोकसभा स्पीकर से मिलने जा रहे है। टीएमसी यानी ममता बनर्जी की पार्टी इस समय बड़ा घमासान चल रहा है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ती जा रही है। टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार जो इस बागी गुट की लीडर बन गयी है। उन्होंने कहा है कि उनके साथ अब 22 सांसद हैं इससे पहले उन्होंने 20 का दावा किया था अब 2 नये सांसद और जुड़े है। लेकिन उनके नाम अभी नहीं बताये गये है। काकोली घोष ने कहा है कि जब वह लोग औपचारिक रूप से शामिल होंगे। तभी नये नाम सामने आयेंगे।
क्यों स्पीकार से मुलाकात
सेमवार को यह सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने वाले है। मांग यह है कि उन्हें एक अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता दी जाये। यानी कि वह टीएमसी से अलग एक नया पार्लियामेंट्री ब्लॉक बनाना चाहते है। काकोली ने स्वयं कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं।
19 सांसदों के दस्तखत वाला दस्तावेज
शुक्रवार को एक कागज सामने आया जिस पर 19 TMC सांसदों के दस्तखत हैं।  इन नामों में काकोली घोष दस्तीदार, सताब्दी रॉय, बापी हल्दर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित माल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी यानी देव, जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय शामिल हैं।   इस बागी गुट ने यह भी कहा है कि वो केंद्र में BJP की अगुवाई वाली NDA सरकार को समर्थन देंगे । यानी यह सिर्फ पार्टी से अलग होना नहीं है, बल्कि सीधे विरोधी खेमे में जाने की तैयारी है।

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बजरंग दल के नेता की हत्या के बाद बवाल, आगजनी, पत्थरबाजी, आरोपियों के घर का बुलडोजर गिराया, हत्या के 4 आरोपी गिरफ्तार

मौत की खबर फैलते ही भीड़ ने जगह-जगह पर आग लगा दी।
देहरादून. उत्तराखंड के देहरादून में हिन्दू-मुस्लिम पक्ष के बीच हुए विवाद में बजरंग दल से जुड़े युवक की हत्या के बाद विकासनगर के सहसपुर थाना इलाके के बैरागीवाला गांव में तनाव भड़क गया। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घरों का आग के हवाले कर दिया है। जबकि कई जगह पथरिाव की घटनाये भी सामने आई है।
हालात विगड़ने पर प्रशासन ने एहतियातन इलाके में इंटरनेट सेवा बन्द कर दी थी। जिसे लगभग 3 घंटे के बाद फिर शुरू कर दिया गया। घटनास्थल पर कई थानों का पुलिस बल और पीएसी तैनात की गयी है। पुलिस ने हत्या के मामले में 12 नामजद और 30-35 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अभी तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के बाद प्रशासन ने आरोपियों के घर बुलडोजर से गिरा दिये है। फिलहाल बैरागीवाला गांव में भारी पुलिस बल तैना है। प्रशासन ने बताया है कि स्थिति काबू में है। हालांकि एहतियात के तौर पर दसुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गयी है।
पूरा विवाद…
खेत में पानी लगाने और पैसे को लेकर हुआ विवाद- विकासनगर के सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में एक विशेष समुदाय के परिवार और पीड़ित परिवार के बीच विवाद चल रहा था। मृतक के पिता के अनुसार, घटना से एक दिन पहले सेटरिंग के 14 हजार रुपए के लेन-देन को लेकर बातचीत हुई थी।
शनिवार शाम को जब उनके बेटे ने पैसे दिए, तो वहां भीड़ जमा हो गई और लोगों को भड़काया गया। इसी दौरान खेत के कुलावे (ट्यूबवेल) से पानी डालने को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।
एक की मौत, 3 घायल- हमले में सिर पर हथौड़ा लगने से विनोद कुमार की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद रविवार सुबह इलाके में तैनाव फैल गया।
भारी तनाव और PAC- घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई है।

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यूएस-ईरान डील 14 जून को होगी, ट्रम्प का तुरंत खुलेगा होर्मुज ऑफ स्ट्रेट

नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया है कि ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित समझौते पर 14 जून को हस्ताक्षर होने वाले है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक बदलाव करार देते हुए कहा है कि डील के बाद होर्मुज स्ट्रैट को तत्काल प्रभाव से खोल दिया जायेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि प्रस्तावित समझौते का सबसे अहम पहलू ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा है। उनके अनुसार यह डील इस बात की गारंटी देगी कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार नहीं बनायेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस समझौते को न्यूक्लीयर हथियार नहीं बनाने की दीवार बताया। उन्होंने कहा हैकि ईरान अब किसी भी माध्यम से परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ने कहा है कि समझौते के तहत ईरान को परमाणु हथियार खरीदने, विकसित करने या किसी अन्य तरीके से हासिल करने की अनुमति नहीं होगी। उनका दावा है कि इस व्यवस्था से इलाके में स्थिरता बढ़ेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के तत्काल बाद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिये दोबारा खोल दिया जायेगा।

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राममंदिर में की दान चोरी की निष्पक्ष जांच एसआईटी हो -ट्रस्ट

लखनऊ. यूपी के अयोध्या स्थित राममंदिर में जो पैसा भक्तदान करते है। उसकी कथित तौर पर चोरी को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गयाहै। इस मामले में विवाद इतनी तेजी से फैली कि अब स्वयं राम मंदिर का ट्रस्ट मैदान में आ गया है। ट्रस्ट ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से सीधे अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की जांच एक एसआईटी यानी विशेष जांच दल से करवाई जाये। राममंदिर में श्रद्धालु जो पैसे दान करते है। उन्हें दान पात्रों में डाला जाता है यह दान पात्र यानी वह बक्से या डिब्बे जिनमें भक्त पैसे डालते हैं। इन्हीं दान पात्रों से पैसे चोरी होने की बात कहीं जा रही है। अब इस कथित चोरी को लेकर बाजार में तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगी। कोई कुछ कह रहा था तो कोई कुछ, इन अफवाहों ने मामले को और उलझा दिया तो लोगों में भ्रम की स्थिति बन गयी।
एसआईटी जांच की मांग क्यों
ट्रस्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर माना है। राम मंदिर की दान राषि से जुड़ा यह मामला सिर्फ पैसों की चोरी नहीं है। बल्कि यह भक्तों की आस्था और भरोसे का सवाल भी है। करोड़ों लोग इस मंदिर में श्रद्धा से दान करते हैं। ऐसे में अगर उस दान की चोरी होती है। उस पर अफवाहें भी फैलती है तो यह बेहद संवेदनशील मामला बन जाता है। ट्रस्ट चाहता है कि एसआईटी जांच से यह बात एकदम साफ हो जाये कि आखिर हुआ क्या था कितनी चोरी हुई है और कौन जिम्मेदार है। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिये क्या कदम उठाने चाहिये।
मुख्यमंत्री योगी से अनुरोध क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी का राम मंदिर से गहरा जुड़ाव है। अयोध्या और राम मंदिर उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक रही है. SIT का गठन करना राज्य सरकार के अधिकार में आता है।  इसलिए ट्रस्ट ने सीधे मुख्यमंत्री योगी से यह अनुरोध किया।

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तीसरी आंख-भारत की तीसरी आंख को 25 जून को मिलेगा फायनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस, इससे वायुसेना की बढ़ेगी शक्ति

नई दिल्ली. भारत की स्वदेशी हवाई निगरानी और टोही क्षमताओं के क्षेत्र में 25 जून को एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) आगामी 25 जून को बेंगलुरू स्थित सेंटर फॉर एयबोर्न सिस्टम्स में स्वदेशी हवाई चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली नेत्र ‘नेत्र’ (Netra AEW&C) के लिये फायनल ऑपरेशन क्लीयरेंस का ऐलान करने के लिये पूरी तरह तैयार है।
यह ऐलान भारतीय वायु सेना के लिये विकसित किये गये इस स्वदेशी रणनीतिक प्लेटफॉर्म के विकास, परीक्षण और परिचालन साइकिल की सफल समाप्ति का प्रतीक है। एफओसी मिलने का सीधा मतलब यह है कि यह सिस्टम अब युद्ध या किसी भी सैन्य संकट के बीच पूर्ण पैमाने पर मोर्चे पर तैनात होने के लिये पूरी तरह तैयार और प्रमाणित हो चुका है।

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क्या बागी गुट ही असली TMC होगा

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार के बाद पार्टी के अन्दर हुई नाराजगी अब खुले विद्रोह में बदलती नजर आ रही है। लोकसभा में टीएमसी के 19 सांसदों द्वारा अलग गुट बनाने की मांग किये जाने के बाद पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है।
टीएमसी के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपने अलग गुट की मांग को आगे बढ़ायेंगे। यदि बागियों को पर्याप्त संख्या का समर्थन मिलता है। लोकसभा में टीएमसी की मान्यता और नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। टीएमसी में बगावत की आग एक दिन में नहीं भड़की । इसके पीछे राजनीतिक महत्वकाक्षायें, पद और पॉवर की चाहत की लम्बी कहानी है। इसमें उन सांसदों के नाम है। जिन्होंने आधिकारिक तौर पर टीएमसी से अलग गुट बनाने की प्रक्रिया का अगाज किया था। इस चिट्ठी में कुल 19 सांसदों के हस्ताक्षर है और यह पत्र भी 18 मई को लिखा गया था।
असली टीएमसी क्या बागी गुट ही बन जायेगा
आपको बता दें कि लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद है। 19 ने पहले ही मंसूबे साफ कर दिये है। इसमें सयानी घोष का नाम नहीं था। सयानी घोष ने बाद में पाला बदलने का प्लान बनाया। सबसे आखिरी में बागवत की कल्याणी बनर्जी ने अगर कल्याण बनर्जी और सयानी घोष को भी जोड़ दें। बागियों की संख्या 21 हो जाती है। जो कि टीएमसी के कुल सांसदों की संख्या के दो तिहाई से भी ज्यादा है। ऐसे में लोकसभा स्पीकर बागियों को ही असली टीएमसी घोषित कर दे ंतो हैरानी नहीं होगी। ममता बनर्जी से पार्टी छीनने के लिये बागियों का सिर्फ 19 सांसदों का समर्थन चाहिये।

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RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पत्नी की सर्जरी और बच्चों की देखभाल का आधार पर मांगी जमानत, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

जबलपुर. आरटीओ में तैनात रहे करोड़पति पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई की गयी थी। अस्थाई जमानत (टेम्प्रेररी बेल) आवेदन पर सुनबाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरखित रख लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस पर एक-दो दिन में फैसला आ सकता है। सौरभ शर्मा ने पत्नी की सर्जरी और बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए जमानत अर्जी दायर की है। आपको बता दें कि सौरभ शर्मा प्रदेश के बहुचर्चित आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉड्रिंग मामले के मुख्य आरोपी है।
गर्मियों की छुट्टियों के बीच जस्टिल विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इससे पहले कि जिला अदालत और हाईकोर्ट दोनों ही सौरभ शर्मा की नियमित जमानत यचिकाये खारिज कर चुके हैं। इस बार सौरभ शर्मा ने पत्नी दिव्या तिवारी की सर्जरी और 2 बच्चों की देखभाल का आधार बनाकर 60 दिन की अस्थाई जमानत की मांग की है। इससे पहले जबलपुर हाईकोर्ट में 108 करोड़ रूपये की संपत्ति, 51 किलो सोना और मनी लॉड्रिंग से जुड़े तथ्यों का हवाला देते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। अब हाईकोर्ट में दायर 60 दिन की अस्थाई जमानत याचिका पर फैसला आना बाकी है।
बच्चों की देखभाल और पत्नी की सर्जरी का आधार बनाकर मांगी जमानत
सौरभ शर्मा ने अपनी जमानत याचिका में कहा गया है कि उसकी पत्नी दिव्या तिवारी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही है। याचिका के अनुसार,उसे डिविएटे डनेजल सेप्टम क्रॉनिक साइनसिस्टम और नॉक संबंधी जटिल समस्या है। जिसके चलते डॉक्टर ने फंक्शनल एंडोस्कोपी साइनस सर्जरी की सलाह दी है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऑपरेशन के बाद भी देखभाल के लिये पति की मौजूदगी आवश्यक है। जमानत याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि उसके 2 नाबालिग बच्चे अमीर और सुबीर तरह से अपने माता-पिता पर ही निर्वाह है। पत्नी के अस्पताल में भर्ती रहने और सर्जरी के बाद रिकवरी के दौरान बच्चों की देखभाल करने वाला कोई अन्य जिम्मेदार सदस्य नहीं है। इस मानवीय आधार पर उसे 60 दिन की अस्थाई जमानत दी जाये।
ईडी ने परिवार और करीबी लोगों के नाम पर संपत्तियां होने का किया दावा
ईडी के मुताबिक, चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और रोहित तिवारी जैसी हस्तियां उसकी कंपनियों से जुड़ी है। पत्नी दिव्या तिवारी, मां उमा शर्मा, सास रेखा तिवारी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर जमीन, कंपनियां, स्कूल, प्रोजेक्ट, पेट्रोल पंप और अन्य संपत्तियां होने का दावा जांच एजेंटीयों ने किया है, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब कथित तौर पर पूरा आर्थिक साम्राज्य इतने लोगों के सहारे संचालित हो रहा था, तो पत्नी के इलाज और बच्चों की देखभाल के लिए सौरभ शर्मा को आखिर क्यों जमानत अर्जी दायर करनी पड़ रही है।

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8th Pay Commission-8वें वेतन आयोग से पहले मिलने अनुमान DA Hike

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार के कर्मचारी-पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इसके तहत कितनी सैलरी बढ़ेगी और कब तक खातों में आयेगी। इसे लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो पायी है। इस दौरान महंगाई के आंकड़ों में ऐसी संभावनायें बढ़ती दिखाई दे रही है। 8वें वेतन पे से पहले केन्द्रीय कर्मचारियों को जुलाई से महंगाई भत्ते में वृद्धि का तोहफा मिल सकता है।
मिलेगी राहत
एक ओर जहां लाखों केन्द्रीय कर्मचारी 8th Pay Commission के तहत वेतन में बड़े संशोधन की सिफारिशों लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं इस इंतजार के बीच उन्हें महंगाई भत्ते में वृद्धि के रूप् में एक छोटी, लेकिन तत्काल राहत मिल सकती है। श्रम ब्यूरो द्वारा जारी नये महंगाई के आंकड़ों ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है। 8th Pay Commission के सामने कर्मचारी संघ यह तर्क मजबूती के साथ रख रहे है कि महंगाई के चलते बढ़ती कीमतों ने जीवन यापन की लागत को लगातार बढ़ाने का काम किया है और खर्च करने की शक्ति कमजोर हुई है।
DA Hike 3%  मिल सकता है
केन्द्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 60% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। ताजा कैलकुलेशन के आधार पर देखें तो यह 63% हो सकता है। यानी कि 3प्रतिशत DA Hike  की उम्मीद है हालांकि अंतिम दर मई-जून 2026 के लिये AICPI-IW के आंकड़ों और उसके बाद कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
8th Pay Commission से कर्मचारियों की डिमांड
कई कर्मचारी संगठनों ने तर्क दिया है कि बढ़ती महंगाई औरे जीवन यापन के बढ़ते खर्चो केलिये वेतन में अहम संशोधन की आवश्यकता है। 8th Pay Commission के सामने रखी गयी है। प्रमुख मांगों में हाई फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन में संशोधन, महंगाई भत्ता का मूल वेतन में विलय और मजबूत पेंशन सुरक्षा शामिल है। कुछ कर्मचारी यूनियनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। गौरतलब है कि वेतन और पेंशन को लेकर चर्चा जारी रहने के बीच, 8वें वेतन आयोग ने ज्ञापन प्रस्तुत करने की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया है। आयोग ने यह भी कहा है कि ज्ञापन सिर्फ उसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही जमा किये जाने चाहिये औरा हार्डकॉपी, भौतिक दस्तावेज, ईमेल या पीडीएफ पर विचार नहीं किया जायेगा।

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