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एक IAS की सेवा समाप्त, 2 IAS ओर PCS सहित 12 पर गिरी गाज, 54 करोड़ की डील ने हिला दिया पूरी नौकरशाही को

देहरादून. उत्तराखंड की नौकरशाही में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि एक जमीन खरीद के मामले में प्रशासनिक तंत्र की इतनी बड़ी परतें उधेड़ दी हों। एक आईएएस अफसर बर्खास्तगी की संस्तुति, 2 आईएएस और एक पीसीएस अफसर के खिलाफ कठोर कार्यवाही, कुल 12 अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन और मुकदमें की तलवार लटकी हैं।
लगभग 14 करोड़ रूपये कीमत बताई जा रही है। भूमि का 54 करोड़ रूपये में खरीदने के आरोपों से यह मामला शुरू हुआ था। सीएम पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने जिस सख्ती के साथ कार्यवाही की है। उसने सचिवालय से लेकर जिलों तक एक स्पष्ट संदेश पहुंचाया है। सरकारी धन से जुड़े मामलों में अभी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
कैसे खुलासा हुआ मामले का
अप्रैल 2025 में हरिद्वार नगर निगम द्वारा की गयी एक भूमि खरीद अचानक सुर्खियों में आ गया। आरोप लगा है कि जिस जमीन की वास्तविक कीमत करीब 14 करोड़ रूपये के आसपास थी। उसे लगभग 54 करोड़ रूपये में खरीद लिया गया। प्रकरण सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक सवाल उठने लगे। आखिर इतनी बड़ी राशि खर्च करने का निर्णय किन आधारों पर लिया गया? क्या जमीन की वास्तविक जरूरत थी। क्या खरीद प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप् थी? इन सवालों के जवाब तलाशने केलिये सीएम पुष्करसिंह धामी ने शासन में सचिव रणवीर चौहान को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
सस्पेंशन से लेकर बर्खास्तगी तक
मामला सामने आने के बाद सरकार ने तत्कालीन कलेक्टर कमेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त वरूण चौधरी और एसडीएम अजयवीर सिंह को निलंबित कर दिया था। उस वक्त भी इस कार्यवाही अभूतपूर्व माना गया था। लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही का दायरा और बढ़ गया। अब मामला केवल निलंबन तक सीमित नहीं है। बल्कि तक आईएएस अधिकारी की सेवा समाप्ति की संस्तुति तक पहुंच गया है।
अब केंद्र सरकार की भूमिका अहम
चूंकि मामला अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों से जुड़ा है, इसलिए अंतिम निर्णय की प्रक्रिया में केंद्र सरकार की भी भूमिका रहेगी. राज्य सरकार ने दोनों आईएएस अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है।  इसके बाद केंद्रीय स्तर पर भी मामले की समीक्षा   है। कुछ बड़े अधिकारियों का कहना है कि राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार के खिलाफ घोषित ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है।  सरकार का दावा है कि चाहे अधिकारी कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि सरकारी धन के उपयोग में अनियमितता या नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो कार्रवाई तय है।

 

 

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ग्वालियर में 5 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाई पटवारी

ग्वालियर. लोकायुक्त पुलिस ने ग्वालियर में शुक्रवार शाम तहसील तानसेन के हल्का गूंधारा मे पदस्थ महिला पटवारी रेखा शाक्य को किसान से रिश्वत की दूसरी किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी जमीन के सीमांकन और नामांतरण दाखिल-खारिज की फाइल आगे बढाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रही थी। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है, साथ ही संबंधित विभाग को भ्रष्ट पटवारी पर कार्रवाई के लिए लिखा है।
15000 रुपए की रिश्वत मांग रही थी
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि सिरसौद मुरार निवासी मंशाराम ने 16 जून 2026 को लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर में एक लिखित श्किायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि ग्राम गूंधारा में उसकी बहन गुड्डी की जमीन का सीमांकन होना था। उसकी पत्नी सावित्रीबाई के नाम पर जमीन का नामांतरण होना था। इस कार्य को करने के एवज में हल्का पटवारी रेखा शाक्य पत्नी कृष्णकांत शाक्य लगातार चक्कर कटवा रही थी और 15000 रुपए की रिश्वत मांग रही थी।
शिकायत मिलते ही लोकायुक्त एसपी ने मामले की सत्यता जांचने के लिए प्राथमिक सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान जब पीड़ित मंशाराम पटवारी से मिला, तो आरोपी रेखा शाक्य ने सौदेबाजी करते हुए शिकायतकर्ता से एडवांस के रूप में 3,500 रुपए ले लिए। वॉयस रिकॉर्डर और लोकायुक्त की जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि शत-प्रतिशत सही पाई गई, जिसके बाद शुक्रवार को ट्रैप की रणनीति तैयार की गई।

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यात्री ट्रेन में यात्रा करने से पहले जान लें आपके अधिकार, रेलवे के 7 नियम आवश्यक

नई दिल्ली. भारत में प्रतिदिन लाखों यात्री ट्रेन में यात्रा करते है। ट्रेन का सफर सस्ता, आरामदायक और सुविधाजनक मानते है। लेकिन कई बार यात्रियों को रेलवे के नियमों की सही जानकारी नहीं होने से वह यात्रा के बीच परेशानी का सामना करते है। अगर आप भी अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं तो रेलवे के कुछ आवश्यक जानकारी के बारे में जानना आपके के लिये बेहद जरूरी है। यह नियम आपके अधिकारों की रक्षा करते है सफर का सुरक्षित बनाने के लिये।
महिला या बच्चे को रात को ट्रेन नहीं उतारा जा सकता
कई बार ऐसा होता है कि कोई महिला या नाबालिग बच्चा बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो ऐसी स्थिति में रेलवे उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। नियमों के मुताबिक अगर कोई अकेली महिला या नाबालिग बच्चा रात के समय ट्रेन में टीटीई उसे रात में किसी स्टेशन पर जबरन नहीं उतार सकता है। इसकी शिकायत रेलवे अधिकारियों या हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते है।
ट्रेन छूट जाये तो दूसरे यात्री को मिल जायेगी सीट
बहुत से यात्रियों का लगता है कि अगर वह अपने कोच में समय पर नहीं पहुंच पाये तो उनकी सीट किसी और यात्री दे दी जायेगी। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है। अगर आप किसी कारणवश अपनी निर्धारित कोच में नहीं चढ़ पाये तो दूसरे कोच में सवार हो जाये तो घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकतर ट्रेनों में सभी कोच आपस में जुड़े होते है। बाद में अपनी सीट तक पहुंच सकते है। टीटीई भी कुछ स्टेशनों तक आपके जाने का इंतजार करता है। इसलिये सीट तत्काल किसी दूसरे यात्री का नहीं दी जा सकती है।
टीटीई रात 10 बजे के बाद नहीं जगा सकता
रेलवे के नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय यात्रियों के आराम के लिये माना जाता है। इस बीच टीटीई सामान्य परिस्थितियों में सो रहे यात्री को सिर्फ टिकट चेक करने के लिये नहीं जगा सकता। हालांकि यह नियम उन यात्रियों पर लागू नहीं होता जो रात में किसी स्ट्रेशन से ट्रेन में चढ़ें हो। ऐसे यात्रियों का टिकट चेक करना आवश्यक हो सकता है।
ट्रेन छूट जाये जाये तो आपकी सीट किसी ओर को मिल जायेगी
बहुत से यात्रियों को लगता है कि अगर वह अपने कोच में समय पर नहीं पहुंच पाये तो उनकी सीट किसी और का दे दी जायेगी। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है कि अगर आप किसी कारणवश अपनी निर्धारित बोगी में नहीं चढ़ पाये और दूसरी बोगी में सवार हो गये। घबराने की आवश्यकता नहीं है। अधिकतर ट्रेनों में सभी कोच आपस में एक – दूसरे से जुड़े होते है। आप बाद में अपनी सीट तक पहुंच सकते है। टीटीई भी कुछ स्टेशनों तक आपके आने का इंतजार करता है। इसलिये सीट तत्काल किसी दूसरे यात्री का नहीं दी जा सकती है।
मिडिल बर्थ रात को खोलने का सही समय क्या है
स्लीपर और एसी थ्री टियर कोच में मिडिल बर्थ को लेकर अक्सर यात्रियों के बीच बहस हो जाती है। रेलवे नियम के मुताबिक मिडिल बर्थ रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही खोली जा सकती है। दिन के समय नीचे वाली सीट पर बैठे यात्रियों का बैठाने का पूरा हक होता है। अगर कोई यात्री दिन में मिडिल बर्थ खोलकर बैठने की जगह नहीं देता है तो उसकी शिकायत की जा सकती है। वहीं रात को 10 बजे के बाद ही मिडिल बर्थ खोलने से रोकना भी गलत माना जाता है।
जरूरत पड़ने पर यात्रा बढ़ा सकते हैं
कई बार सफर के दौरान अचानक योजना बदल जाती है और आपको तय स्टेशन से आगे जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में रेलवे आपको यात्रा बढ़ाने की सुविधा देता है। आप टीटीई से संपर्क कर सकते हैं और अतिरिक्त किराया देकर आगे के स्टेशन तक यात्रा जारी रख सकते है।  इससे आपको नया टिकट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती और सफर भी आसानी से पूरा हो जाता है।
रात में तेज आवाज में गाने सुनना मना 
रेलवे यात्रियों के आराम का खास ध्यान रखता है. इसलिए रात के समय मोबाइल पर तेज आवाज में गाने सुनना, वीडियो देखना या स्पीकर पर बात करना उचित नहीं माना जाता. अगर किसी यात्री की वजह से दूसरे यात्रियों की नींद या आराम में परेशानी होती है, तो उसकी शिकायत की जा सकती है. बेहतर यही है कि रात में हेडफोन या इयरफोन का इस्तेमाल किया जाए.
RPF और GRP  का क्या काम है?
कई लोगों को लगता है कि आरपीएफ और जीआरपी टिकट भी चेक कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। RPF  (रेलवे सुरक्षा बल) और GRP  (सरकारी रेलवे पुलिस) का मुख्य काम यात्रियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।  सामान्य परिस्थितियों में टिकट जांचने का अधिकार केवल अधिकृत रेलवे कर्मचारियों और टीटीई के पास होता है। अगर कोई व्यक्ति टिकट चेकिंग के नाम पर अनावश्यक परेशान करता है, तो उसकी शिकायत रेलवे अधिकारियों से की जा सकती है।
यात्रा के दौरान अपने अधिकार जरूर जानें
रेल यात्रा के दौरान अपने अधिकारों और रेलवे के नियमों की जानकारी होना बहुत जरूरी है।   इससे आप किसी भी गलतफहमी, विवाद या परेशानी से बच सकते है। सही जानकारी होने पर आप अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर रेलवे से मदद भी ले सकते है।
ट्रेन में सफर करने से पहले रेलवे के इन जरूरी नियमों को जान लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। चाहे बात टिकट चेकिंग की हो, मिडिल बर्थ के नियमों की या फिर रात में यात्रियों के अधिकारों की, इन नियमों की जानकारी आपको अनावश्यक परेशानी से बचा सकती है।  अगली बार जब भी ट्रेन से यात्रा करें, तो इन नियमों को जरूर याद रखें. सही जानकारी ही सुरक्षित, आरामदायक और सुखद यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी है।

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भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइली को रूस भी इसे सेना में करेगा शामिल

नई दिल्ली. भारत और रूस के संयुक्त प्रयासों से बनाई गयी दुनिया की सबसे तेज और सटीक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस  मिसाइल ने वैश्विक रक्षा बाजार में एक नया इतिहास रच दिया है अभी तक जिस मिसाइल तकनीक के लिये भारत विदेश ताकतों पर निर्भर रहता था। आज उसी भारत से रूस जैसा महाशक्ति देश ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल सिस्टम खरीदने की तैयारी कर रहा है।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के प्रमुख डॉ. जयतीर्थ आर जोशी ने नागपुर में आयोजित एक रक्षा कार्यक्रम के इतर इसकी पुष्टि की है। रूस अपनी सेना में ब्रह्मोस को शामिल करने का इच्छुक है। इसक लिये द्विपक्षीय बातचीत बेहद एडवांस्ड स्टेज में पहुंच चुकी है। भारत जल्द ही रूस को इन घातक प्रणालियों की आपूर्ति शुरू कर सकता है।

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प्रधानमंत्री नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम से व्हीसी के जरिए करेंगे संबोधित

ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष के मुख्य आतिथ्य में होगा आयोजन
ग्वालियर, – रोजगार सृजन, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 19 जून को ग्वालियर में राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों के साथ भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सम्पूर्ण भारत में 200 स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नई दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर में 200 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे। साथ ही योजना के तहत हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित करेंगे।
क्षेत्रीय आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ग्वालियर सत्य वर्धन गौतम ने बताया कि यह कार्यक्रम देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसके माध्यम से रोजगार संवर्धन, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार तथा औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत प्रथम बार रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को 15 हजार रुपये तक की सहायता तथा अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। योजना का लक्ष्य आगामी दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन को प्रोत्साहित करना है।
ईपीएफओ ग्वालियर क्षेत्राधिकार में इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को लगभग 3.98 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जिससे रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार को नई गति मिलेगी।
ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में 19 जून को राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह विशिष्ट अतिथि व विधायक श्री मोहन सिंह राठौर के रूप में उपस्थित रहेंगे। साथ ही जनप्रतिनिधियों, उद्योग एवं व्यापारिक संगठनों, नियोक्ताओं, श्रमिक संगठनों तथा 800 से अधिक लाभार्थियों की सहभागिता रहेगी। पात्र लाभार्थियों एवं नियोक्ताओं को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा, नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे तथा उत्कृष्ट योगदान देने वाले नियोक्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही रोजगार सृजन, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों की जानकारी भी दी जाएगी।

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भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद आरा हाइवे पर लगाया जाम तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

भोजपुर. पुलिस पर पिस्टल तानने और फायरिंग करने के आरोपी भरत तिवारी का बुधवार को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया है। पुलिस की इस कार्यवाही पर सवाल उठ रहे है। भारत के गांव वालों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने के बावजूद पुलिस ने उसे 4 गोलियां मारी।
इस एनकाउंटर से गुस्साये लोगों ने गुरूवार को भरत तिवारी की लाश रखकर आरा-बक्सर फोरलेन हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों की वजह से हाइवे लगभग 6 घंटे जाम रहा है। सड़क से जाम हटाने पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है। इसमें कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि भरत कोई अपराधी नहीं था। उसने हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गोलियां क्यों मारी। गोली चलानी भी थी तो घुटने के नीचे मारनी चाहिये थी। लेकिन उसक जांघ के ऊपर गोली दागी गयी। प्रदर्शन खत्म होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को महुली घाट ले जाया गया। जहां उसका अंतिम संस्कार किया जायेगा।

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ग्वालियर में मसालों में बदला मिलावट का ट्रेंड, मिला रहे स्टार्च, बढ़ रहा लोगों का वजन

ग्वालियर. दाल बाजार अब मिलावटखोरों का नया हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। मुनाफाखोरी की होड़ में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों ने अब मिलावट का तरीका भी बदल दिया है। मसालों का वजन बढ़ाने के लिए पहले जहां अवैध रूप से लकड़ी के बुरादे का इस्तेमाल किया जाता था, वहीं अब उसकी जगह स्टार्च ने ले ली है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि, धनिया पाउडर में चावल का आटा मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा है। मामले में संबंधित कारोबारी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। ग्वालियर चंबल में मिलावट का मीटर हाई है, यहां भिंड, मुरैना से नजदीकी के चलते मिलावट का दूध, घी आम बात है।
स्टार्च का सेवन करने से मोटापा बढ़ना तय
एक्सपर्ट्स की मानें तो लंब समय तक स्टार्च का सेवन करने से मोटापा बढ़ना तय है। यही नहीं इसकी अधिकता से किडनी सिकुड़ने की संभावना भी बेहद ज्यादा होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दाल बाजार स्थित एक पिसाई केंद्र से धनिया पाउडर का सैंपल लिया। इसी सैंपल की लैब जांच में स्टार्च की पुष्टि हुई है। विभाग ने उनके यहां से तीन सैंपल लिए थे, जिनमें दो पास हो गए, जबकि धनिया सैंपल फेल हो गया। खाद्य सुरक्षा निरीक्षक बीएस सिरोमणी ने बताया कि, धनिया में चावल का आटा मिलाया गया था।
मिलावट से भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है
बाजार विश्लेषकों के अनुसार मसाले महंगे होने के कारण थोड़ी-सी मिलावट से भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। पहले हल्दी में चावल का आटा और धनिया में लकड़ी का बुरादा मिलाने के मामले सामने आते थे, लेकिन लकड़ी से वजन ज्यादा नहीं बढ़ता था। यही वजह है कि अब मिलावटखोर सीधे चावल के आटे यानी स्टार्च का इस्तेमाल करने लगे हैं। धनिया की पिसाई के दौरान चावल का आटा मिलाने से सामान्य उपभोक्ता के लिए मिलावट पहचान पाना लगभग असंभव हो जाता है।

 

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वायुसेना के अधिकारी की पत्नी से दुष्कर्म, धर्मान्तरण का भी प्रयास, रोते हुए बोली -मुझे छोड़ दो, मौलाना फरार

आरोपी कुछ पढ़ते हुए महिला पर फूंक मार रहा था। महिला के गुहार लगाने के बावजूद वह उसके हाथ नहीं छोड़ता है।

नागपुर. भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी की 24 वर्षीय पत्नी से रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मान्तरण क मामले में 2 लोगों का गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया है कि मामले का मुख्य आरोपी अयाज ताज मदारे पीडि़त के साथ स्कूल में एक ही क्लास पढ़ता था। एक वीडियो सामने आया है जिसमेंआरोपी अयाज महिला क हाथ पकड़कर कर कुछ पढ़ रहा है। महिला कहती है कि तुम्हें लड़ने की बहुत आदत है ना, हाथ छोड़ों ना…..छोड़ो। इसके बाद वह लगातार ‘मुझे छोड़ दो’ कहकर रोती और विरोध करती है। लेकिन आरोपी जोर से उसके हाथ पकड़े रहता है।
पीडित के अनुसार घटना साल भर पुरानी है। आरोपी उस पर कुछ शब्द पढ़कर फूकता था। इसके बाद उसका रेप करता था। महिला की शिकायत पर सोनेगांव पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर के 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का रहने वाला एक आरोपी मौलाना फरार है।
महिला प्रॉपर्टी डीलर, पति दूसरे शहर में पोस्टेड
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के पति भारतीय वायुसेना में हैं और फिलहाल दूसरे शहर में पोस्टेड है। महिला प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। फरवरी 2025 में आरोपी अयाज ने प्लॉट खरीदने के बहाने उससे संपर्क किया था।
FIR के मुताबिक, आरोपी ने महिला को वर्धा रोड स्थित एक होटल में बुलाया। महिला का आरोप है कि वहां उसे नशीला पदार्थ मिला जूस पिलाया गया। बेहोशी की हालत में उसके साथ रेप किया गया और उसकी फोटो-वीडियो बना ली गईं। बाद में इन्हीं आपत्तिजनक वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया। आरोपी ने कई बार उसका यौन शोषण किया और उससे करीब 4 लाख रुपए भी वसूले। महिला ने आरोप लगाया कि उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया गया और धार्मिक रस्मों के नाम पर कई गतिविधियां कराई गईं।
शिकायत के मुताबिक, तीनों उसे एक सुनसान जगह पर ले गए। मौलाना ने वहां पीड़ित से जबरन ‘कबूल है’ कहलवाया। इसके बाद उसे धर्मांतरण पूरा होने की बात कही गई और बताया कि उसका अयाज मदारे से निकाह हो चुका है।

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टेलीग्राम पर केन्द्र सरकार ने नीट एग्जाम तक के लिये लगाई अस्थाई रोक

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थाई रोक लगा दी है। केन्द्र सरकार ने यह फैसला री-नीट एग्जाम के चलते लिया है। टेलीग्राम के कई ग्रुप पर नीट का पेपर लीक होने के आरोप लगते रहे है। अब भारत में नीट एग्जाम दोबारा होने जा रहा है। जिसके लिये 21 जून की तारीख तय की गयी है।
एनटीए की सिफारिशों केआधार पर सकरार ने यह फैसला लिया है कि सूचना प्रोद्यगिकी अधिनियम 2000 की धार 69ए के अंतर्गत यह आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के एक्सेस का एक निर्धारित और सीमित अवधि के लिये प्रतिबंधित किया जायेगा। यह प्रतिबंध 22 जून 2026 का समाप्त हो जायेगा।
प्लेटफार्म को ऑर्डर दिये गये हैं कि भारत में पहले पोस्ट किये मैसेज पर से मैसेज एडिट की सुविधा का भी बन्द करने के लिये कहा है। यह समय 30 जून 2026 का समाप्त होगा। यह कदम प्लेटफॉर्म के उस स्पेशल स्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इसके माध्यम से राष्ट्रीय परीक्षाओं में संबंध में परीक्षा के बाद नकली पेपर लीक के सबूतस तैयार किये जाने की कई घटनायें सामने आई है।

 

 

 

 

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TMC के बागी सांसद NCPI में ही क्यों हुए शामिल

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सभी बागी सांसदों ने रविवार को एनसीपीआई में विलय करने का ऐलान किया है और साथ ही इन सांसदरों ने ममता का साथ छोड़कर भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए को समर्थन देने की भी बात कहीं है। लेकिन सिर्फ पाला बदलना इतना आसान नहीं था।
अगर वह सीधे एनडीए के साथ जाते तो उनकी लोकसभा की सीट जा सकती थी। इससे बचने के लिये उन्होंने एक रास्ता निकाला। इन्होंने एक ऐसी छोटी सी पार्टी में स्वयं को मिला लिया। जिसका नाम शायद ही किसी ने सुना हो। नाम है ‘‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’’ यानी कि एनसीपीआई और इसी के माध्यम से इन्होंने अपनी सांसदी भी बचाई और एनडीए का समर्थन करने की बात कहीं है। ममता बनर्जी जी पार्टी को विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिली। इस हार के बाद से ही पार्टी की कलह खुलकर सामने आने लगी है।
दिलचस्प बात यह है कि जिस पार्टी के चुनावी पोस्टरों पर कभी लिखा गया था। अपने अधिकार बचाने के लिये राजनीतिक दल बदलुओं को ठुकराइये’’ आज उसी पार्टी में टीएमसी के बागी सांसदों के शामिल होने का दावा किया गया है।
क्या -क्या हुआ रविवार को
श्रविवार को इन बागी सांसदों का दिन बेहत व्यस्त रहा। सबसे पहले यह सभी केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्रसिंह से मिले और इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। एक चिट्ठी दी। इस चिट्ठी में उन्होंने लोकसभा में टीएमसी सांसदों से अलग बैठने की जगह मांगी है। इसके कुछ घंटों बाद इन्होंने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया। एनडीए को समर्थन देने की बात भी कहीं है। बागी गुट यही नहीं रूकना चाहता है। टीएमसी के एक और बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने संकेत दिया है कि उनका गुटा जुलाई में यह मांग करेगा कि ‘‘असली टीएमसी’’ का नाम और पार्टी उन्हें मिले। उनका तर्क है कि जब आपके पास पार्टी के दो तिहाई सांसद हों तो आप असली पार्टी होने का दावा कर सकते है। बागी सांसद जगदीश चंन्द्र वर्मा बसुनिया ने पहले कहा था कि वह सोमवार को लोकसभा स्पीकर के पास जाकर असली टीएमसी होने के रूप में मान्यता मांगेंगे।

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