MP के स्टेट हाईवेज पर वसूला जाएगा टोल, मेंटनेंस संभालेंगी निजी एजेंसियां
भोपाल. राज्य सरकार ने विधानसभा में मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक 2026 प्रस्तुत किया है। इस विधेयक के तहत सरकार कतिपय सड़कों को राज्य राजमार्ग घोषित कर सकेगी। राज्य राजमार्गों के संपूर्ण या किसी भाग के उपयोग के लिए निर्धारित दरों पर शुल्क वसूल सकेगी। राज्य राजमार्ग के विकास एवं रखरखाव के लिए किसी व्यक्ति के साथ सरकार समझौता कर सकेगी। राज्य राजमार्गों के बढ़ते मेंटेनेंस शुल्क को देखते हुए सरकार ये संशोधन करने जा रही है।
नए विधेयकों में ये होगा खास
निरसन विधेयक
मध्य प्रदेश सरकार 7 उन कानूनों को खत्म करने जा रही है जो मौजूदा समय में अप्रच लित हैं और महत्वहीन हो चुके हैं। इसके लिए विधानसभा में निरसन विधेयक लाया गया है। इनमें डेट कंसीलिएशन एकट (सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार रीजन) 1933, प्रोटेकशन ऑफ डेटर्स एकट (सेंट्रल प्रोविंस रीजन) 1937, फे माइन रिलीफ फंड एकट (सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार रीजन) 1937, रिलीफ ऑफ इनडेटेडनेस एकटस (सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार रीजन) 1939, विद्या मंदिर एकट (सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार रीजन) 1940, लेंड सर्वे एकट (सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार रीजन) 1947 शामिल हैं।
मध्य प्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य
सरकार ने विधानसभा में मध्य प्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 और मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विवि संशोधन विधेयक पेश किए हैं। ये दो विधेयक प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के लिए दो अलग-अलग विश्वविद्यालय बनाने और उनकी अधिकारिता तय करने के लिए हैं। आयुर्विज्ञान विवि पहले से जबलपुर में हैं, लेकिन अब एक और धन्वंतरि स्वास्थ्य विवि उज्जैन में बनाया जाएगा। ये भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, आयुष और अन्य स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों का अकादमिक और परीक्षा संबंधी प्रशासन संभालेगा। जबलपुर के तहत जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल संभाग के कॉलेज आएंगे।
एमपी कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता
ये विधेयक सौहार्दपूर्ण नियोक्त कर्मचारी संबंध सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। केन्द्र सरकार ने हाल ही में चार केन्द्रीय श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया है, जिनमें 29 श्रमविधानों को एकीकृत किया गया है। मप्र सरकार भी राज्य में लागू 6 श्रम विधानों को एक ही में समाहित कर रही है। काम के घंटे, वातावरण, महिलाओं से रात में काम कराने की शर्तें आदि भी इसमें तय की गई हैं।
एमपी वेट संशोधन विधेयक
इसमें वेट अपील बोर्ड में नियुक्त सदस्यों की आयुसीमा 65 के बजाय 67 वर्ष करने उपायुक्त द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध अपील बोर्ड के समक्ष अपील दायर करने की शक्ति प्रदान करने और किसी अपीलीय प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध अपील बोर्ड के समक्ष अपील 2 साल के अंदर फाइल करने जैसे प्रावधान हैं। इसके साथ कर प्रशासन में स्पष्टता लाने के लिए ये विधेयक प्रस्तुत किया गया है।





