Author: Mahesh Jha

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लोकायुक्त की रेड में राजस्व निरीक्षक को 80 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

जबलपुर. लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार की सुबह राजस्व विभागमें पदस्थ एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) को 80 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्व निरीक्षक ने व्यापारी से जमीन के सीमांकन के एवज में एक लाख रूपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए उसे उसके घर के बाहर रिश्वत लेते हुए दबोचा है। व्यापारी रोहित जैन ने अपने साथियों के साथ ग्राम क्लोन, तहसील शहपुर में मटर प्लांट स्थापित करने के लिये जमीन खरीदी थी। जमीन का नामान्तरण हो चुका था। लेकिन सीमांकन की प्रक्रिया बाकी थी। इसके लिये उन्होंने शहरपुरा में पदस्थ राजस्व निरीक्षक करणसिंह लोधी से संपर्क किया था।
व्यापारी रोहित जैन ने बताया है कि सभी दस्तावेज देखने के बाद राजस्व निरीक्षक ने कुछ कमियां बताई थी। जिन्हें बाद में पूरा कर लिया गया। इसके बावजूद सीमांकन करने के एवज में एक लाख रूपये की रिश्वत की डिमांड की गयी। रोहित जैन का कहना था कि पिछले लगभग 2 महीने से वह सीमांकन के लिये चक्कर लगा रहे थे। लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर काम टाल दिया जाता था।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल
परेशान होकर व्यापारी ने लोकायुक्त एसपी को लिखित शिकायत दी। शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को आरोपी ने रतन कॉलोनी स्थित अपने निवास के पास शिकायतकर्ता को रुपए लेकर बुलाया था।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत व्यापारी ने आरोपी को 80 हजार रुपए दिए। जैसे ही उसने रकम स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद ट्रैप कार्रवाई कर राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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स्वर्णरेखा नदी से जुड़े बांधों का अपग्रेडेशन करेगा जल संसाधन विभाग, डीपीआर आने के बाद ही कार्यवाही शुरू होगी, अतिक्रमण हटायेगा विभाग

ग्वालियर. महानगर ग्वालियर की जीवन रेखा कहीं जाने वाले स्वर्णरेखा नदी को पुनर्जीवित करने के लिये जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने एक अहम पहल की है। नदी में जल प्रवाह बहाल करने और जल संग्रहण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वीरपुर, मामा का बांध, हनुमान और गिरवाई बांध के अपग्रेडेशन की तैयारी शुरू कर दी गयी है। यह बांध स्टॉपडेम के रूप में बने है। इस परियोजना के लिये विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) हालांकि तैयार कर ली गयी है। पेमेंट के अभाव में डीपीआर विभाग के सुर्पुद नहीं की गयी है।
इस परियोजना के लिये विस्त्त परियोजना रिपोर्ट तैयार की गयी है। बांधों के सर्वेक्षण और जल संरक्षण से संबंधित विस्तृत योजना बनाने का कार्य भोपाल की एक विशेषज्ञ कम्पनी को सौंपा गया है। कम्पनी एक महीने के अन्दर डीपीआर विभाग को सौंपी जायेगी। जिसके बाद आगे की कार्यवाही और निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा।
WRD हटवायेगा अतिक्रमण
जल संसाधन विभाग की योजना में बांधों का गहरीकरण क्षतिग्रस्त भागों की मरम्मत और जुड़े हुए जल मार्गो व नहरों का सुधार कार्य भी शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नदी में पूरे वर्षा पर्याप्त जलप्रवाह बना रहें। जल संरक्षण की स्थिति मजबूत हों। स्वर्णरेखा नदी पुर्नजीवन परियोजना को नगर निगम की अमृत 2.0 योजना से भी जोड़ा गया है। इस योजना के तहत नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिये दोनों किनारों पर सीवर लाइन बिछाई जायेगी। शहर के नालों को ट्रैप करके गन्दे पानी को सीधे नदी में जाने से रोका जायेगा। इसके अतिरिक्त नदी और बांधों के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही भी की जायेगी।
नाले का रूप ले चुकी स्वर्णरेखा नदी
पहले इन बांधों से स्वर्णरेखा नदी में स्वच्छ जल का निरंतर प्रवाह बना रहता था। इससे शहर की पेयजल आपूर्ति और आसपास के क्षेत्रों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती थी। हालांकि, वर्षों की उपेक्षा, अतिक्रमण और गाद जमने के कारण इन बांधों की क्षमता में लगातार गिरावट आई है। परिणामस्वरूप, नदी कई स्थानों पर नाले का रूप ले चुकी है और अधिकांश बांधों की जल संग्रहण क्षमता भी काफी कम हो गई है।

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UP  में 10%  अब बिजली महंगी नहीं होगी, नियामक आयोग ने UPPCL के प्रस्ताव पर लगाई रोक

लखनऊ. उत्तरप्रदेश विद्युत नियामक आयोेग ने राज्य के करोड़ो बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। यूपी पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा जून माह के बिलों में प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिजल टैरिफ वसूली पर रोक लगा दी है। विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस अतिरिक्त वसूली को नियमों के विरूद्ध बताते हुए नियामक आयोग में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने यूपीपीसीएल से इस मामले में स्पष्टीकरण मांग लिया है। निर्देश दिया है कि अंतिम फैसला आनेतक बिलों में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं जोड़ा जायेगा। उपभोक्ता परिषद की इस पहल से उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला बड़ा आर्थिक बोझ फिलहाल टल गया है।
गौरतलब है कि बिजली दरों में वृद्धि का फैसला ऐसे वक्त आया था। जब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती और आपूति संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही है। गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ता पहले से ही बिजली संकट और अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे है। ऐसे में बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त भार पड़ने से आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ता है। हालांकि इस प्रस्ताव पर रोक लग गयी है। जिससे ग्राहकों ने राहत की सांस ली है।

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MP में 1 जुलाई से 1164 रूटों पर दौड़ेंगी सरकारी बसें

भोपाल. एमपी में 21 साल बाद सडकों पर फिर सरकारी बसें दौड़ेंगी। राज्य सरकार इसके लिए मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से बस सेवा बहाल करने जा रही है। सेवा की 1 जुलाई से शुरुआत होगी। इसके लिए सबसे पहले इंदौर संभाग को चुना है। क्रमवार यह सेवा अन्य संभागों में भी शुरू होगी। इसके लिए कुल 1164 मार्ग तय किए गए हैं। इन रूटों पर 5206 बसें चलेंगी। राज्य सरकार इन बसों को एक राज्य स्तरीय व 7 क्षेत्रीय कंपनियों के जरिए चलाएगी। परिवहन विभाग निगरानी करेगा। प्रदेश में एक से दूसरे जिलों, ग्रामीण क्षेत्रों और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तरप्रदेश, राजस्थान के प्रमुख शहरों तक दौड़ेंगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के संचालक मंडल की बैठक में परिवहन विभाग के रोडमैप को मंजूरी दे दी। बैठक में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह व मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसर भी मौजूद थे। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने तैयारियों का ब्योरा दिया।
निजी ऑपरेटरों से सरेंडर नहीं कराए जाएंगे परमिट
सरकार ने साफ किया, निजी ऑपरेटरों को वर्तमान में जो परमिट दिए गए हैं, उस पर सुगम लोक परिवहन सेवा के शुरू होने से असर नहीं पड़ेगा। बता दें, ऑपरेटरों को डर था कि परमिट सरेंडर कराए जाएंगे और नए सिरे से बसों का संचालन होगा। नई व्यवस्था में ऐसी कोई तैयारी नहीं है। सरकार ने नए रूट और नए समय पर बसें दौड़ाने का फैसला लिया है।

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ग्वालियर-चंबल के ‘पेच’ में अटकी भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति, सिंधिया ने थमाई लंबी सूची, दिल्ली में मंथन शुरू

ग्वालियर. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की कार्यसमिति की सूची लेकर सोमवार को फिर प्रदेश भाजपा के नेता दिल्ली पहुंच गए हैं। जहां कार्यसमिति को अंतिम रूप देने के लिए मंथन किया जा रहा है। दिल्ली रवाना होने से सप्ताहभर पहले प्रदेश अध्यक्ष ने शिवपुरी प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री से बंद कमरे में एक घंटे कार्यसमिति के मुद्दे पर चर्चा की थी। प्रदेश कार्यसमिति में सबसे बड़ा पेच ग्वालियर-चंबल अंचल का फंसा हुआ है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया निगम मंडलों व प्राधिकरणों में हुई नियुक्तियों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। उनके नेतृत्व के सामने बड़ा सवाल है कि जब इन लोगों को पार्टी में आए साढ़े छह वर्ष के लगभग हो गए हैं, तो फिर मूल और बाहर से आए कार्यकर्ताओं में संगठन स्तर पर भेद क्यों किया जा रहा है। सिंधिया ने प्रदेश कार्यसमिति में समर्थकों को समायोजित करने के लिए लंबी सूची थमा दी है। दूसरी तरफ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी सिंधिया की सूची पर नजर रखे हुए हैं। प्रदेश नेतृत्व के सामने मुश्किल है कि कार्यसमिति को इस बार 100 के आसपास सीमित रखना है। जबकि विशेष परिस्थितियों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की कार्यसमिति की संख्या 600 के लगभग पहुंच गई थी। उम्मीद की जा रही है दिल्ली में मंथन के एक सप्ताह में प्रदेश कार्यसमिति का गठन हो जाएगा।
सबसे लंबी सूची सिंधिया की
प्रदेश अध्यक्ष ने दो माह पहले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने दावा किया था दो दिन कार्यसमिति घोषित कर पहली बैठक ओरछा में की जाएगी। इस दावे को पूरे दो माह हो गए हैं, लेकिन कार्यसमिति फाइनल नहीं हो पाई है। समूचे प्रदेश के नेताओं से कार्यसमिति के लिए नाम भोपाल मंगा लिए गए हैं। बताया गया है कि सबसे लंबी सूची सिंधिया की है। पूर्व मंत्री इमरती देवी, ओपीएस भदौरिया, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, मुन्नालाल गोयल वर्तमान मंत्रियों व विधायकों को समायोजित करना चाहते है। सिंधिया की सूची में 15 से अधिक नाम हैं। केंद्रीय मंत्री का तर्क है कि निगम मंडलों व प्राधिकरणों के नियुक्तियों में उनसे जुड़े लोगों के साथ न्याय नही किया गया है। उनके नाम पर केवल इसलिए विचार नहीं किया गया है कि उनको स्थान मिलने पर पार्टी के मूल कार्यकर्ता नाराज हो जाएंगे। अब यह लोग भी पार्टी के मजबूती के लिए कंधे से कंधे मिलाकर काम कर रहे है।
विधानसभा अध्यक्ष की नजर
विधानसभाध्यक्ष ने प्रदेश कार्यसमिति में समायोजित करने के लिए अपनी सूची प्रदेश नेतृत्व को थमा दी है। यह सूची सिंधिया के मुकाबले कम हैं, लेकिन विधानसभाध्यक्ष से जुड़े सांसद भारत सिंह कुशवाह, शिवमंगल सिंह तोमर व संध्या राय का नाम भी जोड़ लिए जाएं तो यह संख्या सिंधिया से अधिक है। तोमर ने प्रदेश नेतृत्व तक संदेश पहुंचा दिया है कि सिंधिया के बराबर का ही प्रतिनिधित्व चाहिए। क्योंकि पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं का बाहर से आये लोगों से अधिकर अधिक है।
अब फैसला दिल्ली में होगा
प्रदेश कार्यसमिति को लेकर दिल्ली में मंथन चल रहा है। प्रदेश के नेता भी दिल्ली पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि वगैरह किसी को अतिरिक्त वजन दिए संगठन और चुनाव के परिदृश्य को ध्यान में रखकर प्रदेश कार्यसमिति की सूची फाइनल किया जाएगा और अंतिम फैसला भी दिल्ली में ही होगा। ताकि कार्यसमिति के जारी होने के बाद किसी तरह का विवाद सामने नहीं आए। इसके बाद ही अंचल के दोनों ध्रुव अपने-अपने समर्थकों के नामों को लेकर अड़े हुए हैं।

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वैभव सूर्यवंशी पर IIM इन्दौर में करेगा स्टडी, पता करेंगे 15 साल की उम्र में कैसे बने सिक्सर किंग


जयपुर. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) इन्दौर क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी 15, को केस स्टडी में शामिल करने जा रहा है। वैभव मॉल पर देश की पहली मल्टी डिसिप्लिनरी स्टडी होगी। जिसमें खेल-मनो विज्ञान प्रबंधन के एक्सपर्ट मिलकर छोटी उम्र में बड़ी सफलता का फॉर्मूला खोजेंगे।
राजस्थान रॉयल (RR) के ओपनर वैभव एक सीजन में सर्वाधिक 72 छक्के मार मार क्रिस गेल 59, का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोउ़ चुके है। उनकी हैरतंगेज बल्लेबाजी की दुनिया कायल है। ऐसे में आईएमएम इंदौर अभी तक उनके सक्सेस फॉमूले को डिकोड करने पर काम शुरू कर रहा है। आईएमएम के डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने बताया है कि यह स्टडी वैभव की उपलब्धियों का विश्लेषण करने के साथ उन सामाजिक, पारिवारिक, मनोवैज्ञानिक एवं संस्थागत कारकों को भी गहराई से समझेगी जो कम उम्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का आकार देते हैं।
वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत
प्रो. राय ने कहा कि IIM का मानना है कि वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत है। इसके पीछे व्यक्तिगत क्षमता के अलावा कड़ी मेहनत, परिवार का त्याग, समर्पण, मेंटर का योगदान भी अहम है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा उपहार हो सकती है, पर उसे स्थायी उत्कृष्टता में बदलने के लिए सही मूल्य, संतुलित सोच, मजबूत समर्थन तंत्र व दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है। मैनेजमेंट फैकल्टी डॉ. आरती चोपड़ा कहती हैं कि वैभव पर स्टडी भविष्य के प्रबंधकों व नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत मूल्यवान है। 5’7 हाइट और 55 किलो वजन के वैभव अपनी जबर्दस्त बैट स्पीड और टाइमिंग के दम पर गेंद को बाउंड्री पार भेजते हैं।

 

 

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MP में UCC लागू करने को लेकर CM मोहन यादव ने जारी किया वीडियो

भोपाल. मध्य प्रदेश में सामान नागरिक संहिता को लागू करने की कवायद तेज हो चुकी है। इसी कडी में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने इस वीडियो में कहा कि सरकार मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ रही है। मैं प्रदेश वासियों से अपील करता हूं कि कमेटी को अपने सुझाव अवश्य दें। कुछ हफ्ते पहले सीएम मोहन यादव ने एमपी यूसीसी की आधिकरिक वेबसाइट को लॉन्च किया था। इसमें राज्य के सभी लोगों से यूसीसी बिल को लेकर सुझाव मांगे थे। इसी को लेकर सीएम ने वीडियो जारी प्रदेश वासियों से अपील की है।
जनता वेबसाइट पर दें सुझाव
सीएम ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज के नेतृत्व में अलग-अलग विद्वानों वाली एक कमेटी बनाई गई है जो सभी जिलों में हर धर्म के लोगों से सुझाव इकट्ठा करेगी। इसका लक्ष्य इन सुझावों को इकट्ठा करना और मध्य प्रदेश में यूसीसी को लागू करने में तेजी लाना है। उन्होंने कहा कि जनता के सुझाव इकट्ठा करने के लिए एक वेबसाइट लॉन्च की गई है जहां वह अपने सुझाव सरकार तक पहुंचा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जज रंजना प्रसाद देसाई कमेटी की अध्यक्ष
बता दें कि, 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रसाद देसाई की अध्यक्षता में कमेटी का गठन यूसीसी किया गया है। इसके साथ ही इस कमेटी में पांच सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह, कानूनविद अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया को शामिल किया गया है। यह 6 सदस्यीय कमेटी 60 दिनों में अपनी रिपोर्ट सरकार के समक्ष पेश करेगी।

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ग्वालियर में फिर धंसी करोड़ों की चेतकपुरी-महल रोड, 4 फीट गहरा गड्ढा देख सहमे राहगीर

ग्वालियर. ग्वालियर की चर्चित चैतकपुरी महल रोड एक बार फिर धंस गई है। लगभग 4 करोड रुपये की लागत से बनी इस सडक पर अचानक करीब 4 फीट गहरा सुरंगनुमा गड्डा बन गया। सडक के बीच बने इस खतरनाक गड्डे को देखकर राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत फैल गई है। लोग दूरी बनाकर वाहन निकालते नजर आए।
भ्रष्टाचार को लेकर जमकर नाराजगी जताई
हैरानी की बात यह है कि अभी मानसून शुरू भी नहीं हुआ है। प्री-मानसून की हल्की बौछारें तक नहीं पडीं और सडक की परतें जवाब देने लगी। गड्डे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार को लेकर जमकर नाराजगी जताई। कई लोगों ने इसे भ्रष्टाचार की सुरंग बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
पिछले साल भी देशभर में चर्चा में आई थी महल की सडक
करीब 11 महीने पहले इसी सडक का बडा हिस्सा धंस गया था। चेतकपुरी से सिटी सेंटर जाने वाले मार्ग पर लगभग 10 फीट गहरा सुरंगनुमा गड्डा बन गया था जिसने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी थी। पहली ही बारिश में सडक धंसने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे थे। जांच में सामने आया था कि ठीक से काम्पैक्शन किए बिना ही डामर की परत बिछा दी गई थी। इसके अलावा ड्रेनेज की व्यवस्था न होने के कारण पानी बैठने से सड़क अंदर से खोखली हो गई थी। मामला इतना बढ़ा कि भोपाल से जांच दल को ग्वालियर आना पड़ा था और लापरवाही के आरोप में चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था।

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MP के 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ग्वालियर में मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर एकत्रित होकर आंदोलन का शंखनाद करेंगे

ग्वालियर. लंबित मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार दो जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। हड़ताल के पहले दिन कर्मचारी पड़ाव स्थित मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर एकत्रित होकर आंदोलन का शंखनाद करेंगे। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।
32 हजार कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मवीर शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में संविदा कर्मचारियों की महापंचायत आयोजित की गई थी। इस दौरान संविदा कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविदा नीति भी जारी की गई, लेकिन आज तक उसका पालन नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर एक वर्ष पूर्व सहमति बनी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। इसी के चलते संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश की कार्यसमिति के निर्णय के अनुसार प्रदेशभर के लगभग 32 हजार कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन के तहत अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।
इन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
संजीवनी क्लिनिक सेवाएं
टीबी नियंत्रण कार्यक्रम
बच्चों का नियमित टीकाकरण
आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की सेवाएं
एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) की व्यवस्थाएं
एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) की सेवाएं
संघ का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सामने आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

 

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अगर शेड्यूल के हिसाब से काम नहीं हुआ तो उन पर दर्ज कराई जाएगी FIR

ग्वालियर 01 जून 2026 – स्वर्णरेखा नदी में बनाई जा रही एलिवेटेड रोड निर्माण के कारण डाली गई मिट्टी को हटाने एवं क्षतिग्रस्त सीवर लाइन व चैम्बर को ठीक करने के कार्य का नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने निरीक्षण किया। इसके साथ ही स्वर्णरेखा नदी में एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य के दौरान डैमेज हुए सीवर चैंबर एवं लाइन को देखा। नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने अधिकारियों को धीमी गति से कार्य करने पर नाराजगी जताई साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी के अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर शेड्यूल के हिसाब से काम नहीं हुआ तो उन पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण यंत्री श्री एसएल बाथम, कार्यपालन यंत्री श्री शिशिर श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग कार्यपालन यंत्री श्री जोगेन्द्र सिंह यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वर्णरेखा नदी में एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य के दौरान काफी मिट्टी नदी में एकत्रित है। इस मिट्टी को हटाने का कार्य निर्माणाधीन एजेंसी कर रही है। नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने पूर्व में मिट्टी हटाने के निर्देश दिए थे, इस दौरान एजेंसी ने निगमायुक्त को शेड्यूल बनाकर कार्य करने का आश्वासन दिया था। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय को शेड्यूल के हिसाब से कार्य नहीं मिला। इसके चलते निगमायुक्त ने निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए नया शेड्यूल बनाकर देने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं लगातार आपके द्वारा दिए गए शेड्यूल के हिसाब से कार्य को क्रॉस चेक कराउंगा। अगर काम में जरा भी लापरवाही मिली तो आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
हनुमान बांध से छप्पर वाला पुल तक किया निरीक्षण
नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने आज सुबह 7 बजे से निरीक्षण प्रारंभ किया। हनुमान बांध से प्रारंभ हुआ निरीक्षण तारागंज पुल, जीवाजीगंज पुल होते हुए छप्पर वाले पुल पर खत्म हुआ। निगमायुक्त ने स्वर्णरेखा नदी के किनारे-किनारे चलते हुए प्रत्येक पाइंट का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
गंदगी पर लगी फटकार
स्वर्णरेखा नदी पर निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय को गंदगी दिखी। निगमायुक्त ने इस पर संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि अगर कार्य में लापरवाही बरती तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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