सौरभ शर्मा मामले में ब्यूरोक्रेट्स–नेताओं से पूछताछ के लिए सिग्नल का इंतजार
भोपाल. आरटीओ के पूर्व करोड़पति कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के ठिकानों से मिले ट्रांसफर-पोस्टिंग के दस्तावेजों की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच शुरू कर दी है। इसमें ईडी कुछ नेताओं और अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है। इसके लिए दिल्ली मुख्यालय से मशविरा मांगा है। उधर, भोपाल में ईडी के डिप्टी डायरेक्टर तुषार श्रीवास्तव का दिल्ली तबादला हो गया है। विभागीय सूत्रों की दलील है कि ये सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। श्रीवास्तव के साथ 53 अफसरों के तबादले किए गए हैं। ईडी ने 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद का लिंक तो डॉक्यूमेंट कर दिया है, लेकिन सौरभ से ये नहीं उगलवा पाई है कि ये किसका है। अब तक की जांच में ईडी ने जो प्रॉपर्टी सीज की हैं, उसका हिसाब देने के लिए सौरभ और उसके रिश्तेदारों-दोस्तों को 15 मार्च की डेडलाइन दी है।
हरे रंग की डायरी में मिले हिसाब की कड़ी जोड़ी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को ग्वालियर सिटी सेंटर स्थित सौरभ के घर से हरे रंग की एक डायरी मिली थी। इस डायरी में 66 पन्ने हैं। इसमें टीएम और टीसी जैसे कोड वर्ड के आगे नंबर लिखे हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि ये नंबर इन लोगों को दिए गए रुपयों के हैं। एजेंसी का संदेह इसलिए भी पुख्ता है, क्योंकि सौरभ के ठिकानों से परिवहन विभाग के ट्रांसफर-पोस्टिंग के दस्तावेज और सरकारी नोटशीट मिली है। साथ ही टोल नाकों के रसीद-कट्टे भी मिले हैं। ये सबूत भी मिले हैं कि सौरभ नौकरी से इस्तीफा देने के बाद भी परिवहन विभाग में सक्रिय था। सूत्रों का कहना है कि ईडी ने सौरभ से पूछताछ में इसे वेरिफाई भी कर लिया है। साथ ही शरद जायसवाल और चेतन सिंह गौर से भी सारे सवाल पूछे हैं। अब सिर्फ ये वेरिफाई होना बाकी है कि उनकी प्रॉपर्टी के लिए भुगतान किसने किया था।

