ग्वालियर में मिला मादा तेंदुआ, शिकार के लिए बिछाए जाल में पैर फंसने से हुआ बेकाबू
ग्वालियर. ग्वालियर के सातऊ के जंगल में उस समय दहशत फैल गई, जब एक तेंदुआ को लोगों ने झाड़ियों में देखा। तेंदुआ गुर्रा रहा था। कुशराज गांव के लोगों ने महिलाओं और बच्चों को घरों में सुरक्षित कर जंगल में सर्चिंग शुरू कर दी साथ ही, वन विभाग को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची, तो घनी झाड़ियों में तेंदुआ नजर आया। तत्काल घेराबंदी करने के लिए जाल बिछाया गया। यह देखकर टीम को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था। इस पर टीम ने चिड़ियाघर के डॉक्टरों की मदद से बेहोशी का इंजेक्शन शूट किया, जो तेंदुआ को लगा। उसके बेहोशी की हालत में आते ही वन विभाग की टीम ने लोहे के केज में उसे कैद किया। वह मादा तेंदुआ है। उसके पैर में शिकार के लिए बिछाया गया जाल फंसा था। यही कारण था कि वह तीन घंटे तक झाड़ियों में एक ही जगह मादा तेंदुआ खड़ी रही। अभी उसे चिड़ियाघर में रखा गया है। अभी उसका परीक्षण किया जाएगा।
तेंदुआ पर काबू पाने में वन विभाग की टीम को 3 घंटे लगे
जंगलों में अभी वन विभाग की टीम साल के अंत में होने वाले जानवरों की गणना में लगी थी। इसी बीच, वन विभाग को सूचना मिली कि ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास सातऊ गांव में एक तेंदुआ देखा गया है। वह जंगल में घनी झाड़ियों के बीच बैठा है। कुछ दूर कुशराज गांव है। जहां तेंदुआ है, वहां तक गांव के लोग मवेशी चराने जाते हैं। यह सूचना मिलते ही वन रेंज प्रभारी एचडी शर्मा, वनपाल पुरुषोतम सिंह जादौन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचे तो पहाड़ी से नीचे उतरने के रास्ते पर झाड़ियों के बीच एक जानवर था। उसकी दहाड़ और शरीर पर चिन्ह से साफ हुआ कि वह तेंदुआ ही है। इसके बाद देखा, तो उसके पैर में जाल फंसा हुआ था। यह एक तरह का स्टैंड होता है, जिसे स्थानीय शिकारी जानवरों के शिकार के लिए उपयोग करते हैं। तेंदुआ का एक पैर उसमें फंसा था। यही कारण था कि तेंदुआ वहां से न भाग पा रहा था और न ही लोगों पर हमला कर पा रहा था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुआ को बेहोश करने के लिए चिड़ियाघर से डॉ. उपेन्द्र, डॉ. गौरव परिहार भी जंगल पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने बेहोशी का इंजेक्शन गन में लगाकर शूट किया। इंजेक्शन लगने के बाद तेंदुआ बेहोश होने लगा। इसके बाद भी उसे काबू पाने में वन विभाग की टीम को 3 घंटे लग गए। किसी तरह उसे लोहे के केज में कैद किया गया और चिडियाघर लेकर लाया गया है।

