सीएम शिवराज की कार के आगे लेट गयी युवती, नेता व अफसर कोई मदद नहीं कर रहा
ग्वालियर. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के वक्त एक युवती अचानक मुख्यमंत्री को आवाज लगाकर उनके काफिले को रोकने की कोशिश करने लगी। वो बार-बार मुख्यमंत्री जी की आवाज लगा रही थी, जब मुख्यमंत्री ने देखा तो उन्होंने भी तुरंत काफिला रूकवाया और युवती को बुला लिया उसके बाद सीएम ने उसकी परेशानी बताई। मुख्यमंत्री ने भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया, अंततः युवती खुश होकर लौट गई।
सीएम ने युवती को देख अपना काफिला रूकवाया
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सोमवार को स्थानीय बंधन वाटिका में आयोजित अम्मा महाराज के जन्म शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में भाग लेने आए थे। कार्यक्रम के बाद जैसे ही उनका काफिला कार्यक्रम स्थल से निकलने लगा तो नीतू माहौर नामक यह युवती वहां पहुंच गई। वो मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास कर रही थी। सुरक्षाकर्मियों ने उसे हटा दिया था जैसे ही मुख्यमंत्री आगे बढ़े तो युवती ने कार के आगे लेटने की कोशिश की। सीएम ने युवती को देख अपना काफिला रूकवाया और अपने पास बुलाया और उसकी समस्या पूछी।
राजनेताओं व अफसरों के चक्कर लगाए, कोई मदद नहीं मिली
आपको बता दें कि युवती अशोक कॉलोनी मुरार की रहने वाली है और उसकी मां शांति देवी माहौर कैंसर पीडि़त है और बिरला अस्पताल में इलाज चला था। वहां ऑपरेशन भी किया था लेकिन माधव डिस्पेंसरी में चिकित्सकों ने बताया कि उसकी मां को फोर्थ स्टेज का कैंसर है जिसका इलाज ग्वालियर में संभव नहीं है। महिला को इलाज के लिए बाहर ले जाना है लेकिन बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली इस युवती की मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया। युवती पिछले कई दिनों से राजनेताओं और अफसरों के चक्कर लगा रही है लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली।
मुख्यमंत्री शिवराज ने दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री शिवराज ने युवती की पूरी बात सुनी और कुछ दस्तावेज देखे इसके बाद सीएम ने युवती को मदद का आश्वासन दिया। युवती ने बताया कि उसने मजबूरी में सीएम की कार के सामने लेटने की कोशिश की क्योंकि वह बहुत परेशान हो चुकी है और मां को तिल-तिल कर मरते हुए देखना नहीं चाहती। युवती के अनुसार जनप्रतिनिधि और अफसर उसकी सुनवाई नहीं कर रहे है। सीएम ने उसका आवेदन लेकर जल्द से सहयोग करने का आश्वासन दिया।

