8वें वेतन आयोग की कट-ऑफ डेट…डेढ़ लाख कर्मचारियों को 24 घंटे के अंतर के कारण 10 साल का पेंशन घाटा संभव
31 दिसंबर 2025 को रिटायर होने वालों पर असर
भोपाल-केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों में हड़कंप मच गया है। मामला 1 जनवरी 2026 को प्रस्तावित कट-ऑफ डेट का है। यदि सरकार ने इस नियम में बदलाव नहीं किया, तो 31 दिसंबर 2025 को रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारी महज 24 घंटे के अंतर से एक दशक (10 साल) पीछे चले जाएंगे। हर साल औसतन 1.5 से 2 लाख होते हैं सेवानिवृत्त : वर्तमान में देश में लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68 लाख पेंशनभोगी हैं। हर साल औसतन 1.5 से 2 लाख कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं। यदि 31 दिसंबर 2025 तक के मामलों को 8वें वेतन आयोग में कैलेंडर नहीं किया गया, तो लगभग 1.5 लाख कर्मचारी और उनके परिवार नए वेतनमान और बढ़ी हुई पेंशन के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
एक दिन का फर्क, पेंशन में बड़ा अंतर
7वें और 8वें वेतन आयोग का अंतर- 31 दिसंबर को रिटायर होने वालों की पेंशन पुराने बेसिक पे पर फिक्स होगी, जबकि 1 जनवरी को रिटायर होने वालों का बेसिक पे और फिटमेंट फैक्टर बढ़कर मिलेगा। अगले 10 साल तक घाटा: एक बार पेंशन फिक्स होने के बाद इन कर्मचारियों को अगला बड़ा संशोधन 2036 में (9वें वेतन आयोग के समय) ही मिल सकेगा।
केंद्रीय कर्मचारी परिसंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यशवंत पुरोहित का कहना है कि 31 दिसंबर 2025 को रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी आठवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। इन पहलुओं को पे कमीशन के विचार क्षेत्र में शामिल किया जाए।
पे कमीशन की टीम फिलहाल बेंगलुरु, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और कोचीन जैसे राज्यों का दौरा कर सर्विस कंडीशन और स्टेकहोल्डर्स से चर्चा कर रही है। आठवां केंद्रीय वेतन आयोग 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु का दौरा करेगा, जहां वह स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करेगा। सितंबर के महीने में आयोग का पुडुचेरी 9 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ (पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश) का 16 से 18 सितंबर 2026 का दौरा प्रस्तावित है। मप्र के दौरे की अभी तारीख तय होना है।
मप्र में 1 लाख केंद्रीय कर्मचारी
मप्र में केंद्रीय कर्मचारियों की संख्या 1 लाख है। इनमें रेलवे समेत अन्य केंद्रीय विभागों में इनकम टैक्स, पोस्टल और अन्य केंद्रीय विभागों के कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। केंद्रीय वेतन आयोग के लिए 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जो 30 जून 2027 को पूरा होगा। इससे पहले केंद्रीय कर्मचारियों का 6 सितंबर को हैदराबाद में बड़ा धरना हो रहा है जिसमें देश भर के केंद्रीय कर्मचारी शामिल हो रहे हैं, जिसमें मप्र के केंद्रीय कर्मचारी भी शामिल हैं। इस धरने प्रदर्शन का आयोजन सिंगल एजेंडा पेंशन है जिसमें एनपीएस और यूपीएस पेंशन को हटाकर ओपीएस ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू किए जाने की मांग की जा रही है।

