रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, लोन महंगे नहीं होंगे
नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ने नए वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है। इसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और ईएमआई नहीं बढेगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 जून को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी से फैसलों की जानकारी दी।

इससे पहले अप्रैल में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। आरबीआई ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत की थी। आरबीआई जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते है। जब आरबीआई रेपो रेट घटाता है तो बैंक इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते है। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते है। इनमें से 3 आरबीआई के होते है जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते है। आरबीआई की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैेठकें होंगी। पहली बैठक 6 से 8 अप्रैल 2026 को हुई थी।
महंगाई को लेकर चिंता
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि हालांकि रिटेल महंगाई अभी टारगेट के दायरे में है लेकिन वेश्विक तनाव के कारण फ्यूल और एनर्जी की बढती कीमतें आगे चलकर खुदरा बाजार और आम जनता की जेब पर दबाव डाल सकती है।

