एक साल में चौथे ट्रांसफर से हतोत्साहित हूं-नेहा मारव्या
भोपाल. नेहा मारव्या सिंह 2011 बैच की आईएएस अधिकारी के लगातार हो रहे ट्रांसफरों में खुलकर नाराजगी जताई है। 5 सितम्बर को जारी ट्रांसफर लिस्ट में नाम आने के बाद उन्होंने आईएएस अधिकारियों के ग्रुप में अपना दर्ज बयां किया है। उन्होंने लिखा है कि पिछले एक साल में यह उनका चौथा तबादला है। सिर्फ 50 दिन में फिर ट्रांसफर होने से वह स्वयं का ‘‘बहुत हतोत्साहित’’ महसूस कर रही है।

नेहा ने अपने संदेश में आरोप लगाया है कि वह विभााग के कुछ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ विद्रोह जैसा माहौल बनाया है मेज थपथपाकर ट्रांसफर कराने की चेतावनी दी। उन्होंने अनुशासनहीनता, फाइलें रोकने और दुर्व्यवहार की शिकायत भी की है। लेकिन कार्यवाही की जगह उनका ही तबादल कर दिया गयाहै। उन्होंने लिखा है कि एक आईएएस अधिकारी होने के नाते वह सरकार के हर आदेश का सम्मान करती है। जहां भी जिम्मेदारी दी गयी। वहां पूरी निष्ठा से काम किया। लेकिन इस बार की कार्यवाही से वह बेहद निराश है। उन्होंने आईएएस एसोसियेशन से भी मामले में हस्तक्षेप और समाधान की उम्मीद जताई है।
एक साल में चौथा ट्रांसफर
ज्नवरी 2025 में नेहा मारव्या का पहली बार कलेक्टर की फील्ड पोस्टिंग मिली थी और उन्हें डिंडौरी का कलेक्टर बनाया गया था। लगभग 8 माह बाद ही उन्हें वहां से भी हटा दिया गयाथा। इसके बाद आदिम जाति विभाग में पोस्टिंग के बीच भी उनके कार्यकाल का लेकर विवाद सामने आये। अब पिछले एक साल में चौथी बार उनका ट्रांसफर हुआ है।
शनिवार को आई ट्रांसफर लिस्ट में भी नाम
सामान्य प्रशासन विभाग की 5 सितम्बर की ट्रांसफर लिस्ट में नेहा मारव्या को प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम बनाया गया है और साथ ही अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन के समक्ष पद घोषित किया गया है। इससे पहले उनके पास आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाओं के संचालक एमएपीसीईटी के प्रबंध संचालक, अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक और आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार था।

