शाहहजहांपुर स्थित गंगाएक्सप्रेसवे की 3.5 किमी लम्बी एयरस्ट्रिप पर राफेल और सुखोई ने किया टच डाउन

शाहजहांपुर. यूपी अब देश की रक्षाशक्ति का नया आधार बनता जा रहा है। उन्नाव (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे) सुल्तानपुर (बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे) के बाद अब शाहजहांपुर स्थित गंगा एक्सप्रेस वे की 3.5 किमी लम्बी एयरस्ट्रिप पर भी भारतीय वायुसेना ने पहली बार युद्धस्तरीय अभयास कर इतिहास रच दिया है। इस अभ्यास में राफेल, मिराज-2000, सुखोई-30, मिग-29, और जगुआर जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने दिन की लैण्डिंग -टेकऑफ की रिहर्सल की। अब रात में भी यही अभ्यास किया जायेगा।
इस अभ्यास में भाग लेने वाले प्रमुख फाइटर जेट्स
राफेल: आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और लंबी दूरी की मेटेओर मिसाइल से लैस, यह विमान सभी मौसम में ऑपरेशन की क्षमता रखता है.
SU-30 MKI: भारत-रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह ट्विन-सीटर फाइटर लंबी दूरी तक स्ट्राइक करने में सक्षम है और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें लेकर उड़ान भर सकता है.
मिराज-2000: फ्रेंच मूल का यह विमान हाई-स्पीड डीप स्ट्राइक में दक्ष है और न्यूक्लियर कैपेबल है.
मिग-29: यह तेज गति, ऊंची उड़ान और राडार चकमा देने की क्षमता वाला लड़ाकू विमान है.
जगुआर: यह ग्राउंड अटैक और एंटी-शिप मिशन में प्रयोग होने वाला सटीक स्ट्राइक विमान है.
C-130J सुपर हरक्यूलिस: यह भारी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट विशेष बलों की तैनाती, आपदा राहत और रेस्क्यू मिशन में प्रमुख भूमिका निभाता है.
AN-32: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान और जवानों की ढुलाई के लिए उपयुक्त ट्रांसपोर्ट विमान.
गंगा एक्सप्रेसवे 594 किमी लम्बा है
यूपीडा के एसीईओ श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया है कि गंगा एक्सप्रेसवे 4 ग्रुप्स में बन राहा है। तीन ग्रुप (2,3,4) को अडानी बना रहा है। और एक ग्रुप को आईआरबी कम्पनी द्वारा पीपीपी मॉडल पर बनाया जा रहा है। रायबरेली-प्रयागराज की ओर बने ग्रुप-4 को छोड़कर मुख्यमंत्री ने बाकी तीनोंग्रुप्स का भ्रमण किया और प्रगति का जायजा भी लिया है। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को आपस में जोड़ते हुए मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किमी लम्बा है। एक्सप्रेसवे का भूमिपूजन पीएम नरेन्द्र मोदी ने 18 दिसम्बरि 2021 को शाहजहांपुर में किया था। इसकी शुरूआत मेरठ-बुलंदशहर मार्ग एनएच-334 पर मेरठ के बिजौली ग्राम से होगी और समापन प्रयागराज बाईपास एनएच-19 पर जुडापुर दांदू गांव पर होगी।
गंगा एक्सप्रेसवे की विशेषतायें
ग्ंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 6 लेन में किया जा रहा है जिसकी जरूरत पड़ने पर 8 लेन में विकसित किया जा सके।
इसके राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की चौड़ाई 120 मीटर है जबकि डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा है।
यह एक्सप्रेसवे 4 ग्रुप्स में विभाजित है और प्रत्येक ग्रुप में 3 पैकेज है।

