तिघरा डेम का जलस्तर 726 फीट तक पहुंचा, 38 प्रतिशत पानी शेष
ग्वालियर. तिघरा जलाश्य में अभी 38 प्रतिशत पानी है। बांध में उपलब्ध पानी से 132 दिन यानी कि दिसमबर के बाद तक सप्लाई हो सकेगी। इस मानसून में कम वर्षा से अभी जल संसाधन विभाग, नगर निगम का लोक स्वास्थ्य यात्रिकीय विभाग वेट एं डवांच की स्थिति में है। इस बीच शुक्रवार को पेहसारी बांध से तिघरा बांध में पानी की शिफ्टिंग शुरू कर दी गयी है।
शहर में पानी की सप्लाई को लेकर सितम्बर माह में बांध में पानी की उपलब्धता के मुताबिक प्लान बनाया जायेगा। शहर में वर्तमान में एक दिन छोड़कर पानी की शहर में सप्लाई की जा रही है। इस सप्लाई के लिये लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग, जल संसाधन विभाग से 8.74 एमसीएफटी पानी ले रहा है। इस उपलब्ध पानी से इसी मापदंड एक दिन छोड़कर दिसम्बर माह तक पानी की सप्लाई की जा सकेगी।
732 से जलस्तर कम होने पर बन सकती है संकट की स्थिति
तिघरा बांध का वर्तमान जलस्तर 726.3 फीट पर है। यदि मानसून सीजन में तिघरा का लेवल 732 से नीचे रहता है तो इस बार शहर में जल संकट की स्थिति बन सकती है। शहर में पानी की सप्लाई के लिए 2700 नलकूप भी हैं। नलकूपों के अधिकांश क्षेत्रों में तिघरा के पानी की सप्लाई होती है। पानी की कमीं को देखते हुए इन क्षेत्रों में तिघरा के पानी की जगह सिर्फ नलकूपों से सप्लाई के पानी की सप्लाई की जाए तो तिघरा में पानी बच सकता है।
ककैटो से आएगा 200 एमसीएफटी पानी
तिघरा बांध में कम पानी को देखते हुए ककैटो बांध से 200 एमसीएफटी पानी तिघरा बांध में लाने की तैयारी है। इस पानी के आने से जल संसाधन विभाग शहर में दिसंबर तक पानी सप्लाई कर सकेगा। मानसून की यदि यही स्थिति रही तो इस बार ऊपर के बांधों से सिंचाई के लिए पानी मिल पाना भी मुश्किल होगा, क्योंकि पीने के पानी का संकट है।
सितंबर में होगी तिघरा के पानी की समीक्षा, फिर बनेगा प्लान
इस बार कमजोर मानसून के कारण तिघरा में पानी की कमी है। हालांकि सितंबर तक अभी बरसात की संभावना है। सितंबर में तिघरा बांध सहित ऊपर के बांधों में पानी की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यदि बारिश की स्थिति इसी तरह बनी रहती है तो पानी बचाने के लिए दो दिन छोड़कर जलापूर्ति करने के निर्णय पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल बारिश की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उपलब्ध पानी के आधार पर आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।
शिशिर श्रीवास्तव, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, PHE

