मप्र के शासकीय कर्मचारियों को भी लागू हो पुरानी इंटक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
ग्वालियर. विद्युत कर्मचारी संघ फैडरेशन इंटक के क्षेत्रीय सचिव एलके दुबे ने संगठन के पत्र क्रमांक 71, 25 फरवरी के द्वारा पुरानी पेंशन प्रणाली को लागू करने हेतु मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर मांग की है | जैसा की पूर्व में भारत सरकार ने अधिसूचना 22 दिसम्बर 2003 के द्वारा परिभाषित लाभ पेंशन प्रणाली को हटाते हुए, एक नई पुनसंरचित परिभाषित अंशदान पेंशन प्रणाली ( वर्तमान में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली कहा जाता है) को लागू किया जो 1 जनवरी 2004 से केन्द्र सरकार की सेवा में आने वाले सभी नए कर्मचारियों (सशस्त्र बल के सिवाय) के लिए अनिवार्य है | इस नए पेंशन प्रणाली (NPS) को लागू करने के लिए भारत सरकार ने सभी राज्यों को स्वतंत्र किया हुआ है कि यदि राज्य चाहे तो अपने आधीन कर्मचारियों पर भी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS ) लागू कर सकते है | चूंकी NPS प्रणाली भारत सरकार भाजपा शासन काल की है इसलिए भाजपा शासित राज्यों ने आनन फानन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित ना करते हुए NPS प्रणाली जो की पूर्ण रूप से बाजार पर आधारित है को लागू कर दिया गया |
वर्तमान में जैसे ही इसके परिणाम स्पष्ट हुए तो सभी कर्मचारी संगठनों द्वारा NPS का पुरजोर विरोध किया जा रहा है | अभी हाल ही में पड़ोसी राज्य राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के भविष्य को संरक्षित करते हुए पुरानी पेंशन प्रणाली 1 जनवरी 2004 से नियुक्त सभी कर्मचारियों पर लागू करने हेतु आदेश जारी कर दिया है |

