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पदभारग्रहण करने पर कुलगुरू बोले -कुर्सी अपवित्र नहीं होती व्यक्ति अपवित्र होता है आकलन कीजिये समय आयेगा उतनी ताकत से विरोध कीजिये मैं आपके साथ खड़ा रहूंगा-डॉ. राजकुमार आचार्य

ग्वालियर. विश्विविद्यालय की कत्तर्व्य की पूर्ति होना है। आज का दिन भी अच्छा और कल का दिन भी अच्छा होगा। अभी जो भी कार्यवाही चल रही है। उसमें नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी वैसे तो कार्यवाही ईओडब्ल्यू को करना है। इस संबंध में ईओब्ल्यू द्वारा हमसें जो भी जानकारी मांगी जायेगी हम उस जानाकारी नियत समय उपलब्ध करायेंगे। हां, कॉलेजों की संबद्धता के प्रति हम सख्त रहेंगे और प्रक्रिया को पारदर्शी बनायेगे। जहां तक ईओडब्ल्यू की कार्यवाही को मैं समझूंगा उसके अनुसार कार्यवाही की जायेगी। विश्वविद्यालय की भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था तो मैं उसको समझूंगा उसी के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाये रखे यह आपकी मातृ संस्था है इसका मान रखिये। यह उद्गार नवनियुक्त प्रभारी कुलगुरू डॉ. राजकुमार आचार्य ने दोपहर 12.41 बजे पदभार ग्रहण करने के अवसर पर कहें।
एनएसयूआई ने कुलगुरू की कुर्सी पर गंगाजल छिंडका
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा शर्मा ने अपने साथियों के साथ एक लोटे में गंगाजल लेकर आये तो कुलगुरू ने इसे रोका बोला यह कुर्सी साफ है अगर आप लोग नहीं मानेंगे तो मैंय नियमानुसार कार्यवाही करूंगा। इसके बाद भी 2 बूंद गंगाजल छिंडक ही दिया। इस उन्हें मिष्ठान भी खिलाये। कुलगुरू और कृष्णा शर्मा के बीच हुई बातचीत गंगाजल छिड़कने के मौके पर बोले पूर्वजों की परंपरा रही है इससे मन की शुद्धि तो कुलगुरू बोले कुर्सी कभी अपवित्र नहीं व्यक्ति अपवित्र होता है और आगे अवसर आयेगा आकलन कीजिये आपको लगता है यह व्यक्ति अपवित्र है तो आप में जितनी ताकत है उतनी ताकत से विरोध कीजिये हम आपके साथ खड़े हैं। अगर आप करेंगे तो हम कानूनी कार्यवाही कर रहे इससे आपको नुकसान होगा।
यह है पूरा मामला
मंगलवार को मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय में धारा 52 लागू करने का आदेश जारी किया था। इसके साथ ही कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी सहित EC मेंबर्स को बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद डॉ. राजकुमार आचार्य को विश्वविद्यालय का नया कुलगुरु नियुक्त किया गया।बुधवार को जब डॉ. राजकुमार आचार्य पदभार ग्रहण करने पहुंचे, तो NSUI प्रदेश महासचिव कृष्णा भारद्वाज के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता भी वहां आ गए। जैसे ही NSUI महासचिव ने कुलगुरु की कुर्सी पर गंगाजल छिड़ककर धाेया, माहौल गर्मा गया। इस पर नवागत कुलगुरु डॉ. आचार्य ने NSUI कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।वहीं, मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्डों ने NSUI महासचिव से गंगाजल का लोटा छीना, जिससे छात्र नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा। हालांकि, वहां उपस्थित असिस्टेंट रजिस्ट्रार और अन्य प्रोफेसर्स ने समझाइश देकर माहौल शांत कराया। बाद में NSUI प्रदेश महासचिव कृष्णा भारद्वाज ने नवागत कुलगुरु को मिठाई खिलाई और कुलगुरु ने भी आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय छात्रों के हित में कार्य करेगा।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई –कुलगुरु
नवागत कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य ने कहा, “फर्जी कॉलेजों की जांच सख्ती से की जाएगी। कॉलेजों को दी जाने वाली संबद्धता प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सम्बद्धता घोटाले में EOW द्वारा आरोपी बनाए गए पूर्व कुलगुरु अविनाश तिवारी सहित 17 प्रोफेसर्स के खिलाफ भी जांच जारी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।”

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