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देश को कल मिलेगा स्वदेशी IAC Vikrant और क्या इसकी ताकत रेंज

दुनिया के 10 ताकतवर विमानवाहक युद्धपोतों में शामिल है IAC Vikrant. (फोटोः Indian Navy)
नई दिल्ली. भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत को कल पीएम नरेन्द्र मोदी कमीशन करेंगे। दुनिया के 10 सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट करियर में शामिल होने से भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जायेगी। वह सब कुछ जो इसे ‘समंदर का महाबली’ बनाती है।

IAC विक्रांत पर मौजूद AK-630 गन जब चलती है दुश्मनों के होश उड़ जाते हैं. (फोटोः Indian Navy)
देश को कल यानी 2 सितम्बर कोे अपना ताकतवर स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर IAC Vikrant  मिल जायेगा। पीएम नरेन्द्र मोदी कोच्चि में इसे भारतीय नौसेना का सौपेंगे। एयरक्राफ्ट करियर मतलब समुद्र में तैरता एयरफोस स्टेशन। जहां से फाइटर जेट्स, मिसाइलें, ड्रोन्स उड़कर दुशमन के छक्के छुड़ा सकते हैं। यह जल, जमीन और आसमान में शोले बरसा सकते हैं। आपको जानकर यह हैरानी होगी कि IAC Vikrant  दुनिया के 10 सबसे ताकतवर विमानवाहक युद्धपोतों में शामिल है।

इस युद्धपोत पर कामोव, रोमियो हेलिकॉप्टर और मिग-29 फाइटर जेट्स तैयार हैं. (फोटोः Indian Navy)
क्योंकि जिस भी देश के पास ज्यादा एयरक्राफ्ट करियर होते हैं। उसे किसी भी युद्ध में सफलता मिलती है। वह दुनिया के किसी भी देश को घेर सकता है। जहां से मिसाइलें, फायटर जेट्स, लड़ाकू हेलिकॉप्टर और स्पेशलज फोर्सेज कमाण्डों दुश्मन के इलाके में आसानी से हमला बोल सकते हैं। आईये जानते हैं इस शानदार एयरक्राफ्ट करियर की ताकत क्षमात, रेंज सुविधायें और हथियारों के बारे में।

16 बेड का अस्पताल जिसमें कई तरह के एक्सरे और सीटी स्कैन की सुविधा भी मौजूद है. (फोटोः ट्विटर/LCA Tejas Fans)
हथियारों के बारे में जानते हैं
IAC Vikrant  से 32 बराक-8 मिसाइलें दागी जा सकती है। लॉचिंग वर्टिकल सिस्टम से होती है। सतह से हवा में मार करने वाली बराक मिसाइलें 500 मीटर से 100 किमी तक हमला या बचाव के लिये दाग सकते हैं। 60 केजी का वॉरहेड ले जाने वाली मिसाइल का डेटोनेशन सिस्टम हार्ड टू किल है। इसकी अधिकतम गति 24़69 किमी प्रतिघंटा होती है।
इसके बाद इसमें 4 ऑटोब्रेडा 76एमएम के ड्यूल परपज कैनन लगे हैं। इसे रिमोट से चलाते हैं। यह 76.2 मिलीमीटर केलिबर की तोप है। 360 डिग्री घूमकर दुश्मन के विमान हेलिकॉप्टर, फायटर जेट या युद्धपोत पर फायरिंग कर सकती है। इसकी रेंज 16 से 20 किमी तक होती है। इसके अलावा विक्रांत पर 4 एके 630 प्वाइंट डिफेंस सिस्टम गन लगी है। यह एक घूमने वाली तोप होती है। जो टारगेट की दिशा में घूमकर फायरिंग करती रहती है। इसेे चलाने के लिये सिर्फ एक आदमी की आवश्यकता होती है। यह 10 हजार राउंड्स प्रतिमिनट की दर से फायरिंग करती है।

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IAC Vikrant की क्षमताओं को जानते हैं
IAC Vikrant को कोचीन शिपयार्ड में बनाया गया है। डिस्प्लेसमेंट 45 हजार टन है। यह अपने ऊपर 30 से 35 विमान ढो सकता है। लम्बाई 860 फीट और चौडाई 203 फीट है। कुल क्षेत्रफल 2.5 एकड है। अधिकतम गति 52 किमी प्रतिघंटा है। भविष्य में ब्रम्होस मिसाइलें भी तैनात की जा सकती है। इसमें जनरल इलेक्ट्रिक टरबाइन लगे हैं। जो इसे 1.10 लाख हॉसपावर की ताकत देते है। इसकी स्ट्राइक रेंज 1500 किमी है। लेकिन सेलिंग रेंज 15 हजार किमी है।
एयराक्राफ्ट करियर को बनाने में 76 प्रतिशत स्वदेशी सामग्रियों का उपयोग किया गया है।
IAC Vikrant पर तैनात फायटर जेट्स और हेलिकॉप्टर्स
IAC Vikrant  पर मिग-29के फायटर जेट्स, अमेरिकी एमएच-60आर मल्टीरोल नेवल हेलिकॉप्टर, भारतीय एएलएच धु्रव और कामोव केए-31 एईडब्ल्यू हेलिकॉप्टर तैनात होंगे। एमएच-60आर को रोमियों हेलिकॉप्टर भी बुलाया जाता है। भविष्य में इस पर दुनिया के बेस्ट नौसैनिक फायटर जेट्स की तैनाती की जा सकती है। जिसकेलिये फिलहाल राफेल, सुपर हॉर्नेट सहित कई फायटर जेट्स में जंग चल रही है।

 

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