जन उत्थान न्यास ने किया 2500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान
जीवन की पहली पाठशाला माता-पिता होते है: महापौर
ग्वालियर। सामाजिक संस्था जन उत्थान न्यास द्वारा आज जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने ढाई हजार (2500) से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान शॉल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र भेंटकर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, विधायक साहब सिंह गुर्जर, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता राम पाण्डे एवं सभी ब्लॉक अध्यक्ष मौजूद रहे।
इस मौके पर पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक समाज के पथ प्रदर्शक व राष्ट्र निर्माता होते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों और समाज को सही शिक्षा और दिशा देकर उन्हे आने वाली चुनौतियों के लिये तैयार करते हैं और उन्हें एक सभ्य नागरिक बनाने का प्रशंसनीय कार्य भी करते हैं। कार्यक्रम का संचालन विशिष्ट अतिथि एवं चेम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने किया। वही न्यास के कोषाध्यक्ष अवध सिंह धाकरे ने आभार व्यक्त किया।प्रारंभ में अतिथियों द्वारा सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जलन कर कार्यक्रम का शुभारंम्भ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ल ने कहा कि मनुष्य के जीवन में ज्ञान का बहुत अधिक महत्व होता है, ज्ञान के माध्यम से ही मनुष्य अपने समाज तथा अन्य वस्तुओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर पाता है। यह ज्ञान केवल किताबी ज्ञान तक ही सीमित नहीं है, ब्लकि जीवन जीने का तरीका, संस्कार, मानव मूल्य, विचार करने की क्षमता तथा कठिनाईयों का सामना करने का साहस आदि भी इस ज्ञान के भीतर समाहित है।
इस मौके पर महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कहा कि शिक्षक भारत के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में परंपरागत शिक्षा के साथ-साथ जीवन में आगे चलकर काम आने वाली वास्तविक शिक्षा का भी बोध करवाया जाता है। शिक्षा को एक गुरू के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। छात्र एक गिली मिट्टी के समान होते हैं, उन्हें कुम्हार की तरह आकार देना एक शिक्षक का ही कार्य है। महापौर ने कहा कि शिक्षक का सम्मान सबसे ऊपर है।

