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LNG टैंकरों की अचानक बढ़ी डिमांड, होर्मुज ब्लॉकेड के बीच धड़ाधड़ मिल रहे नये ऑर्डर

नई दिल्ली. ईरान युद्ध ने होर्मुज पर ब्रेक लगा दिया गया है। जिससे खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई रूक सी गयी है। इन हालातों में भी प्राकृतिक गैस ढोने वाले लिक्विफाइड नेचुरल गैस कैरियर जहाजों के नये ऑर्डर इस वर्ष फिर से बढ़ने का अनुमान है। उद्योग जगत के अधिकारियों का कहना है कि 2025 में आई गिरावट के बाद एलएनजी उत्पादन बढ़ने और ईधन ढोने वाले जहाजों की मांग बढ़ने से यह तेजी आने की उम्मीद है।
अमेरिका -ईरान युद्ध से सप्लाई बाधित होने और आने वाले वक्त में शिपिंग की मांग घटने की आशंकाये भी है। जिससे मालभाड़ा दरों पर दबाव पड़ सकता है। इसके बावजूद गैस ढोने वाले टैंकरों के नये ऑर्डर मिल रहे है। पिछले साल के अंत से ही दक्षिण कोरिया और चीन के शिपयार्ड!स को अधिक ऑर्डर मिलने लगे हैं। कंसल्टेंसी फर्म पोटेन एंड पार्टनर्स और ड्रेयरी के मुताबिक, पहली तिमाही में 35 नये एलएनजीसी जहाजों केनिर्माण के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं।
होर्मुज ब्लॉकेड से सबसे ज्यादा प्रभावित कतर भी नए जहाज खरीद रहा
लेकिन दूसरी तरफ, युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से LNG सप्लाई बाधित हुई है।  दुनिया के सबसे बड़े गैस निर्यातकों में शामिल कतर पर इसका बड़ा असर हुआ है जो हर साल 1.28 करोड़ टन निर्यात करता है।  होर्मुज संकट ने उसकी इस क्षमता को 3 से 5 साल के लिए प्रभावित कर दिया है।  इससे शिपिंग मांग घट सकती है और मालभाड़ा दरों पर दबाव आ सकता है।
कतर, जिसके पास 100 से ज्यादा LNGC जहाज हैं, अगले 3-4 साल में 70 से 80 नए जहाज अपने बेड़े में जोड़ेगा. वहीं UAE की ADNOC अगले 36 महीनों में अपने बेड़े को दोगुना कर 18 जहाज तक ले जाने की तैयारी में है। विश्लेषकों का कहना है कि इनमें से कई नए जहाज उन LNG प्रोजेक्ट्स के लिए बनाए जा रहे थे, जिनमें अब देरी हो रही है. अगर देरी लंबी चली तो ये जहाज खुले बाजार में किराये पर आएंगे, जिससे दरें और कम हो सकती हैं. पोटेन एंड पार्टनर्स और ड्रेवरी का अनुमान है कि इस साल रिकॉर्ड 90 से 100 LNGC जहाज डिलीवर किए जाएंगे, जबकि 2025 में यह संख्या 79 थी ।

 

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