अंबेडकर प्रतिमा को लेकर भीम आर्मी का प्रदर्शन,कार्यकर्त्ताओं के बैरिकेड पर चढ़ने का प्रयास, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन


ग्वालियर. ग्वालियर हाई कोर्ट में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भीम आर्मी ने मूर्ति को लेकर आज बडे आंदोलन का ऐलान किया था। ऐसे में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बिसारिया के नेतृत्व में बडी संख्या में मूर्ति समर्थक फूलबाग पर एकत्रित हुए। वहीं प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट है।

मानस भवन से कलेक्ट्रैट की ओर रवाना पुलिस ने रोका
मानस भवन से संबोधन के पश्चात कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए इससे पहले स्वर्ण रेखा नदी के पहले 2 बैरिकेट लगाये थे। भीम आर्मी के कार्यकर्त्ताओं ने पहले बैरिकेट का पार कर लिया लेकिन दूसरा बैरिकेट पार नहीं कर पाये। वहां मौजूद भारी पुलिस बल के साथ मौजूद एएसपी निरजन शर्मा ने उन्हें रोक दिया। भीम आर्मी भारत एक्ता मिशन के जिला संयोजक स्वतंत्र पाराशर के हस्ताक्षर से 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन में उपस्थित नीरज चंसौरिया, यशवंत सुरबैया, सत्यम सूर्यवंशी, नदकिशर सुनहरे, अहिरवार ,राम कुमार, लक्ष्मी मंडेलिया, विशंभर कटोरिया,विष्णु निगम ,रीतेश जाटव, संतोष गोयल,भीम प्रकाश उदय राज बौद्ध, प्रशांत जौहरी, हरीश खटीक, हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे । मौके पर एएसपी सुमन गुर्जर, टीआई रहीस खान, आलोक भदौरिया, संतोष यादव आदि के साथ भारी पुलिस बल मौके मौजूद था।
मूर्ति स्थापित करने का निर्णय फिलहाल टाल दिया
ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 19 मई को जबलपुर में चीफ जस्टिस के साथ दोनों पक्षों की बैठक हुई थी जिसमें मूर्ति स्थापित करने का निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है लेकिन मूर्ति लगाने के समर्थक अब आंदोलन की राह पर उतर आए। भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बिसारिया ने चेतावनी दी है कि जो लोग मूर्ति नहीं लगने देंगे उन्हें ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट तक भारी पुलिस फोर्स तैनात
बता दें कि भीम आर्मी सहित अन्य संगठनों ने ऐलान किया है कि वह फूलबाग मानस भवन से सभा को संबोधित करने के बाद कलेक्ट्रेट की ओर कूच करेंगे। जहां ज्ञापन सौंपना तय किया गया है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से फूलबाग से हाइकोर्ट, कलेक्ट्रेट तक भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक रास्तों को डायवर्ट किया गया है। फिलहाल प्रशासन का प्रयास है कि मार्च को आगे न बढ़ने दिया जाए। ज्ञापन कार्यक्रम भी सभा स्थल पर ही संभावित है।

