विश्व स्तनपान सप्ताह -बच्चे के लिये मां का दूध अमृत है-डॉ. अजय गौड
ग्वालियर. डॉ. अम्बे ने कहा है कि बच्चे को मां दूध अमृत हैं इसमें बच्चे के जन्म से लेकर 6 महीने तक स्तनपान कराना आवश्यक है। माताओं के विश्वस्तनपान कराने के लिये 1 से 7 अगस्त के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डिब्बा बंद दूध से बच्चों का मानसिक विकास में बाधा है। वर्तमान में ब्रेस्ट फीडिंग 100 प्रतिशत होने के बजाय 40 प्रतिशत है। स्तनपान के बीच सामाजिक बैरियर है अन्य दूध से बच्चों में इंफेक्शन होजाता है।
भारतीय बाल अकादमी के जिलाध्यक्ष डॉ. घनश्याम ने बताया है कि इस दिशा में एनजीओ, सामाजिक संस्थायें काफी प्रयास कर रही है। जन्म से लेकर 6 माह तक बच्चों के लिये मां का दूध आवश्यक है।
कमलाराजा चिकित्सालय बाल एवं शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अजय गौड ने मातायें बच्चों को जन्म से लेकर 6 महीने लगातार स्तनपान कराये तो बच्चों का मानसिक विकास होता, बच्चों का दिमाग तेजी से काम करता है इन्ही उद्देश्य को लेकर माताओं के बीच जागरूकता लाने के लिये 7 दिवस का अभियान चलाया जायेगा। हमने डिलेवरी के समय नर्से, गायनिक डॉक्टर माताओं को बच्चे को स्तनपान कराना लाभदायक होगा, इसके लिये जागरूक करेगी। 6 महीने के स्तनपान कराने के बाद बाहर आहार ग्रहण कराये ।
सात दिवसीय स्तनपान सप्ताह
कमलाराजा चिकित्सालय के एएनसी /पीएनसी वार्ड में 1 अगस्त को गर्भावस्था (एएनसी) और प्रश्नोत्तर स्तनपान परामर्श दिया गया।
शनिवार को 2 अगस्त को दोपहर 12 बजे से केआरएच के मदर वार्ड में कठिन परिस्थितियों में स्तनपान के बारे में बताया जायेगा।
रविवार को 3 अगस्त को सेमीनार हॉल में दोपहर 12-1 बजे यूपी, पीजी और इंटर्न के लिये पोस्टर निर्माण एवं नारालेखन प्रतियोगिता ।
सोमवार को 4 अगस्त को ओपीडी में दोपहर 12-1 बजे के बीच स्तनपान वीडियो, पर्चे वितरण से माताओं को शिक्षित करना।
मंगलवार को 5 अगस्त की सुबह 7 बजे फ्लेग प्वॉइंट से साईकिल रैली एवं स्तनपान के लिये पदयात्रा।
बुधवार 6 अगस्त को 12 बजे जीआरएमसी के स्मार्ट क्लास रूम में यूजी क्विज का आयोजन।
गुरूवार 7 अगस्त को 12 बजे सेमीनार हॉल में शिशु एवं छोटे बच्चों के पोषण आईसीवायएफ की आवश्यक जानकारी पर सीएमई।

