मेले में सैलानियों के लिये बेहतर से बेहतर सुविधाएँ जुटाएँ – प्रभारी मंत्री
कोविड-19 से निपटने की तैयारी, शहर की स्ट्रीट लाईट, साफ-सफाई, खेलो इंडिया सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की समीक्षा
ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि ऐतिहासिक श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला में सैलानियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ। मेला परिसर में साफ-सफाई, पेयजल का पर्याप्त प्रबंध हो। साथ ही सम्पूर्ण मेला परिसर में आवागमन भी सुगम बना रहे। शनिवार को ऊर्जा मंत्री के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर मेले की तैयारी, खेलो इंडिया व ग्वालियर खेल महोत्सव की तैयारी, कोविड-19 के मद्देनजर अस्पतालों में एहतियात बतौर पुख्ता इंतजाम, शहर की सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई व स्ट्रीट लाईट, जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन नल-जल योजनाओं सहित सरकार के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की।
यहाँ व्हीआईपी सर्किट हाउस मुरार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी, स्मार्ट सिटी की सीईओ श्रीमती नीतू माथुर, मुख्य अभियंता जल संसाधन आरके झा व अपर कलेक्टर एचबी शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को सक्रिय करने और जेएएच के ट्रामा सेंटर के विस्तार पर बल दिया। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना के लिये भोपाल स्तर पर वे व्यक्तिगत रूप से प्रयास करेंगे। उन्होंने माधव डिस्पेंसरी में खाली हुए स्थान को ट्रामा सेंटर के रूप में उपयोग करने की बात कही।
मिलावटखोरी को सख्ती से रोकें
प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि मिलावटखोरी को सख्ती से रोकें। साथ ही कहा कि निर्माणाधीन खाद्य एवं औषधि विभाग की लेबोरेटरी का जल्द से जल्द उदघाटन कराएँ, जिससे ग्वालियर में ही खाद्य पदार्थों में मिलावट की जाँच हो सके। शहर की कानून एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी विशेष बल दिया। साथ ही कहा कि यातायात व्यवस्था व पुलिस सहायता केन्द्रों के लिये अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिये भोपाल स्तर से प्रयास किए जायेंगे।
ग्वालियर में आगामी फरवरी माह में खेलो इंडिया के तहत आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं एवं 5 से 16 जनवरी तक ग्वालियर खेल महोत्सव की पुख्ता तैयारी करने के भी प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण अंचल में शेष नल-जल परियोजनाओं का काम भी जल्द से जल्द शुरू करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 357 नल-जल परियोजनायें मंजूर हुई थीं। इनमें से 55 परियोजनाओं का काम पूर्ण हो चुका है।

