प्लेन क्रैश के मामले में पायलट दोषी, विभागीय जांच शुरू
ग्वालियर.कोरोना की दूसरी में कोरोना की दवा लेकर आ रहे सरकारी विमान की ग्वालियर विमानतल पर दुर्घटना में केन्द्रीय जांच में पायलट की लापरवाही की तरफ इशारा कर रही है। नागर विमान महानिदेशालय द्वारा करायी जांच में भी पायलट को दोषी ठहराया गया है। ज्ञात हो कि 6 मई 2021को मध्यप्रदेश का स्टेट प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। प्रारंभिक जांच के बाद पायलटों को जिम्मेदार मानते हुए उनका लायसेंस एक साल के लिये निलंबित कर दिया गया था।
कैप्टन माजिद खान को पूरक आरोप पत्र जारी
अभी हाल ही में आयी ताजा जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के विमानन विभाग ने मुख्य पायलट कैप्टन माजिद खान को पूरक आरोप पत्र जारी किया है और साथ ही विभागीय जांच का जिम्मा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सतीशचन्द्र शर्मा को सौंपा है। ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित वायुसेना के एयरबेस उतरते समय यह नया विमान अरेस्टर बैरियर में फंस कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें दुर्घटना में विमान पूरी तरह से खत्म हो गया था। जिससे रिपयर करने के लिये अमेरिका की कंपनी ने आने से मना कर दिया था और बताया कि यह विमान उड़ाने भरने के लायक नहीं है और राज्य सरकार की लापरवाही भी सामने आयी कि प्रदेश सरकार ने उसका बीमा नहीं कराया था। जिसकी वजह से प्रदेश सरकार को नुकसान हुआ था। कोरोना महामारी से पीडि़त व्यक्तियों के उपचार के लिये यह स्टेट प्लेन और हेलीकॉप्टर से जगह -जगह पर दवाईया पहुंचायी जा रही थी। स्टेट प्लेन रेमडेसिविर इंजेक्शन लेकर ग्वालियर आया था।
जांच नागर विमानन महानिदेशालय ने अपनी एजेंसी करवायी
ऐसा बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच नागर विमानन महानिदेशालय ने अपनी एजेंसी करवायी है। इसमें पायलटों को दोषी माना गया है क्यों कि उन्होंने प्रक्रिया का पालन नहीं किया, प्लेन निर्धारित ऊंचाई से नीचे था इसलिये अरेस्टर बैरियर में फंस गया था कैप्टन माजिद खान से इस मामले में 7 दिनों में जबाव मांगा गया है । विभाग के सचिव एम सैलवेंद्रन ने बताया है कि विभागीय जांच की प्रक्र्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।
जेट प्लेन खरीदने का फैसला लिया
वहीं, दूसरी ओर राज्य सरकार को नया प्लेन की दरकार है लिहाजा जेट प्लेन खरीदने का फैसला लिया गया है बजट में इसके लिये 120 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। विमाान विभाग प्लेन खरीदने के लिये अगले सप्ताह में प्रस्ताव मंगायेगा।

