नकली नोटों की देशभर में सप्लाई करने वाले मास्टर माइंड राजेंद्र तिवारी को पकड़ने के लिए ग्वालियर पुलिस अब बिहार पुलिस की मदद लेगी
ग्वालियर. सिवान (बिहार) से 100, 200 व 500 के नकली नोटों की देशभर में सप्लाई करने वाले मास्टर माइंड राजेंद्र तिवारी को पकड़ने के लिए पुलिस अब बिहार पुलिस की मदद भी लेगी। पुलिस अब तक नकली नोट के रैकेट से जुड़े चार आरोपितों को पकड़ चुकी है। राहुल व रूसी करकुल्ला को जेल भेज चुकी है। पुलिस ने अब तक पड़ताल में 2 लाख 32 हजार रुपये के नकली नोट भी बरामद किए है। जांच में दो और आरोपित दिलशेर खान व राजेंद्र तिवारी का नाम सामने आया था।
दिलशेर खान गोरखपुर की जेल में है और अब पुलिस का पूरा फोकस सिवान के राजेंद्र तिवारी पर है। पुलिस को शंका है कि नकली नोट रैकेट का सरगना राजेंद्र तिवारी है और इसका नेटवर्क आंध्र प्रदेश, तेलांगना, मुंबई, नागपुर, कोलकाता, आगरा व गोरखपुर तक फेला हुआ है। यह रैकेट अब तक लाखों रुपये के नकली नोट देशभर में चला चुका है। पुलिस अब राजेंद्र तिवारी को पकड़ने के लिए बिहार पुलिस से मदद लेगी। पुलिस ने बिहार पुलिस से आरोपित की जन्म कुंडली मांगी है। पुलिस की दो पार्टी बिहार व गोरखपुर में डेरा डाले हुए है।
एजेंट के जरिए खुलासा हुआ
पुरानी छावनी तिराहे से राहुल निवासी बदनापुर को 20 दिन पूर्व नकली नोट चलाते हुए पकड़े जाने के बाद इस रैकेट के महत्वपूर्ण क्लू पुलिस के हाथ लगे थे। पुलिस राहुल के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए रूसी करकुल्ला तक पहुंची। रूसी करकुल्ला से युसूफ खान लवड प्रसाद तक पहुंची थी। पुलिस इनसे 2 लाख 32 हजार रुपये के निकली नोट बरामद कर चुकी है। पुलिस अब पता लगा रही है कि यह नकली नोट सिवान में ही छपते है या फिर किसी स्ािान पर छापकर इन्हें देशभर में भेजा जाता है। सिवान के राजेंद्र तिवारी के पकड़ में आने के बाद पुलिस रैकेट की अंतिम कड़ी तक पहुंच सकेगी।

