कलेक्ट्रट में खाद्य और चुनाव शाखा की बिजली सप्लाई ठप्प
ग्वालियर. पिछले 4 दिनों कलेक्ट्रेट में बिजली गुल है। इससे लोग मतदान सूची में नाम जुड़वाने वाले और गलती सुधारने वाले प्रतिदिन वापिस लौट रहे है। स्थिति यह है कि 50 से ज्यादा कर्मचारी अंधेरे में काम करने के लिये विवश हैं कलेक्ट्रेट के सी-ब्लॉक में सबसे ज्यादा परिशानी है। इसी ब्लॉक में निर्वाचन और खाद्य विभाग को कार्यालय है। दोनों विभाग में मरम्मत का काम इसलिये नहीं हो पा रहा है। क्योंकि केवल खरीदने के लिये बजट नहीं है। यह कार्यालय भले ही कलेक्ट्रेट में लग रहे हैं। इन्हें कलेक्ट्रेट की नजारत शाखा अपना नहीं मानती है।
इस वजह नाजिर ने किसी भी तरह की मदद से मना कर दिया है। 2 दिन पूर्व ऐसी ही परेशानी ट्रेजरी में भी की थी। लेकिन उन्होंने अपने स्तर पर केवल खरीद ली। यदि ऐसा न होता है तो 26 हजार कर्मचारियों का वेतन भी अटक सकता है। कलेक्ट्रेट में 29 जुलाई को ट्रांसफार्मर में ब्लॉस्ट हुआ था। इसके बाद 50 से अधिक कम्प्यूटर, पखे, ट्यूब लाइट व फोटो कॉपी मशीन खराब हो गयी थी। ब्लॉस्ट के बाद सी-ब्लॉक के 10 से अधिक कार्यालयों में बिजली गुल है। इनमें से कुछ में सप्लाई चालू हो चुकी है। लेकिन 2 विभाग में अभी भी अंधेरा छाया है।
कलेक्ट्रेट बिजली गुल होने पर कलेक्टर रूचिका चौहान ने रातों रात महंगी केबिल डलवाई गयी है। जिससे पूरी कलेक्ट्रेट लाइट और कम्प्यूटर काम कर रहे है। ग्वालियर जिले के 26 हजार कर्मचारियों का समय पर वेतन भी मिल चुका है। जहां तक खाद्य और निर्वाचन शाखा के अंदर का मेंटीनेंस वर्क होना है इनके मद में मेंटेनेंस के लिये पैसा रहता है। यह कार्यालय अपने मदों से इंटरनल मेटेंनेंस करा सकते है।

