आयकर विभाग करेगा सौरभ व दोनों सहयोगियों से पूछताछ
भोपाल. मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके दोनों सहयोगियों से पूछताछ करके लोकायुक्त पुलिस के बाद अब ईडी काली कमाई के तार खंगालने में जुटी है। हालांकि अभी तक की पूछताछ में एजेंसियों के हाथ ऐसा कोई तथ्य नहीं लग सका है, जिससे कार में बरामद 10 लाख की नकदी और 54 किलो ग्राम सोने के तार आरोपितों से जोड़ सके। अब जांच एजेंसियां तीनों आरोपितों और उनके संबंधियों की बेनामी संपत्तियां खंगालने में जुटी हुई हैं।
ईडी के बाद आयकर विभाग कोर्ट से तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की अनुमति मांगेगा। लेकिन जिस तरह से जांच एजेंसियां जांच को अंजाम दे रही हैं, उससे कई सवाल भी उठ रहे हैं। खास तौर पर लोकायुक्त पुलिस की जांच सवालों के घेरे में है। पता चला है कि लोकायुक्त पुलिस ने शुरू से ही मामले को रफा-दफा करने वाला रुख अपनाया। दरअसल, सामने आया है कि सौरभ शर्मा के यहां लोकायुक्त पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई करने में दो दिन का भी समय नहीं लगाया। चूंकि उसकी काली कमाई की शिकायत दूसरी जांच एजेंसियों के पास भी पहुंचने वाली थी। इसके चलते पुलिस ने पूरी पड़ताल किए बिना ही शिकायत मिलने के दूसरे दिन ही छापा डाल दिया। 18 दिसंबर को छापे की कार्रवाई की गई थी, जबकि 17 दिसंबर को ही शिकायत मिली थी।

