दतिया कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने कहा राजेंद्र भारती ने BJP से चुनाव हराने के लिए पैसे लिए
दतिया. मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर भाजपा से फंडिंग ली। चुनाव हराने के लिए भीतरघात कर साजिश रची। मैंने राजेंद्रा भारती को कांग्रेस से निष्कासित करने की मांग की है। वहीं आरोपों पर भारती ने घनश्याम सिंह को कायर और डरपोक बताया। उन्होंने कहा कि वे संभावित हार के डर से ऐसे आरोप लगा रहे है। घनश्याम सिंह ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की सहमति और सहयोग से चुनाव लडा। चुनाव के फंड मैनेजमेंट में भी भाजपा से जुडे लोगों की भूमिका रही।

राजेंद्र भारती भाजपा से मिलकर काम कर रहें
बातचीत में घनश्याम सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार से लेकर मतदान तक राजेंद्र भारती ने उनके पक्ष में काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारती भाजपा नेताओं के साथ मिलकर काम करते रहे और उन्हें भाजपा से फंडिंग मिली। उन्होंने कहा कि भारती के समर्थकों और करीबियों के जरिए मतदाताओं के बीच पैसा बांटकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। इसकी शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष से की जा चुकी है। उन्होंने भारती को तत्काल पार्टी से निष्कासित करने की मांग की।
राजेंद्र भारती ने भाजपा के बडे नेताओं से संबंधों का फायदा उठाया
घनश्याम सिंह ने कहा कि भारती ने ऐसी राजनीतिक पिच तैयार की जो बेईमानी और भ्रष्टाचार पर आधारित थी। उपभोक्ता फोरम में 7 लाख रुपए के भुगतान पर समझौता होने के बावजूद मामला आगे ले जाया गया। 2023 का चुनाव जीतने के बाद भारती ने जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की। घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि विधानसभा में सवालों के जरिए अधिकारियों से निजी स्वार्थ साधा। भाजपा के बडे नेताओं से संबंधों का फायदा उठाया। भारती ने कभी मुख्यमंत्री मोहन यादव, नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया या कैलाश विजयवर्गीय की सार्वजनिक आलोचना नहीं की। घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को भारती ने कांग्रेस के खिलाफ खुला विद्रोह किया। करीब 1 हजार कार्यकर्ताओं को बुलाकर भाषण दिया। इसकी शिकायत उसी दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व से कर दी थी।

