रेंहट नहर के ऊपर से निकलने वाले ब्रिज में आई दरार, एनएचएआई बोली -ब्रिज पूरी तरह से सुरक्षित, कलवट से निकलने वाले पानी को आगे शिफ्ट किया जायेगा
ग्वालियर. घांटीगांव और मोहना के बीच रेंहट की नहर के नजदीक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 बने ब्रिज सेटलमेंट (धसक रहा) हो रहा है। जिसकी वजह से ब्रिज में दरारें आ गयी है। ब्रिज दरार आने की वजह से नहर से जुड़े विभाग ने एनएचएआई का कई बार पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित किया है। लेकिन इससे संबधित विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाये है। विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।
क्यों धसक सकता है पुल
यह सब इसलिये हो रहा है कि ब्रिज के नीचे से निकलने वाली नाले को जो कि पूर्व में नाले से होकर जाने वाले नाले को ब्रिज पर ही खत्म कर दिया गया है। जिससे नाले का पानी ब्रिज की नींव के अंदर समा रहा है जिसकी वजह से पुल कमजोर हो रहा है। साथ ही पानी के कटाव की वजह से पेहसारी नहर जो तिघरा, वीरपुर, मामा का बांध, रायपुर का बांध और हिम्मतगढ को पानी देती है वह मिट्टी के कटाव की वजह से नहर का पानी पूरी तरह से सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है। साथ ही उसे वाटर बैक की वजह से नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रही है।
ब्रिज धसक रहा है
ब्रिज धंसकने के मामले के संबंध एनएचएआई से बात करके इस समस्या का समाधान कराता हूं।
राजीव समाधिया, एसडीएम, घांटीगांव।
रेंहट वाले मायनर ब्रिज स्ट्रक्चर को मैंने जल संसाधन विभाग के साथ मौके पर चेक किया ब्रिज पूरी तरह से सुरक्षित है कलवट से डिस्चार्ज होने वाले पानी रोकने की कार्यवाही कर रहे हैं। इससे नहर में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आयेगी।
उमाकांत मीणा, एनएचएआई ग्वालियर

