भू-जल स्तर के कारणों का पता लगाने भितरवार अंचल पहुंचा भूजल वैज्ञानिकों का दल
यह दल गिरते भू-जल स्तर पर अपनी रिपोर्ट पेश करेगा
ग्वालियर सांसद विवेक शेजवलकर के भितरवार विधानसभा के बरई‚ रानीघाटी‚ आरोन‚ पाटई सहित 33 से भी अधिक गांव लगातार घटते भू-जल स्तर का मुद्दा लोकसभा में उठाने के पश्चात जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार की ग्राउंड वाटर एक्सपर्ट कमेटी, सेंट्रल बोर्ड भोपाल के वरिष्ठ भू-जल वैज्ञानिक डॉ राकेश सिंह के नेतृत्व में आये भू-जल वैज्ञानिकों के दल ने बुधवार को सांसद के साथ बैठक की। सांसद श्री शेजवलकर ने संसद में इन गांवों में लगातार घटते भू जल स्तर के कारणों एवं जल उपलब्ध कराने की संभावनाओं को लेकर जल विशेषज्ञ सर्वेक्षण टीम को भेजने की मांग केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री से की थी। सांसद की इसी मांग पर अब यह दल गिरते भू जल स्तर का पता लगाने एवं इन क्षेत्रों में जल कैसे उपलब्ध कराया जाये इस पर अपनी रिपोर्ट बनाकर पेश करेगा।
बैठक के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ राकेश सिंह के साथ, भूजल वैज्ञानिक श्रीके परमासिवम, डीके सौरे के साथ लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग के मुख्यं अभियंता पीके मैडमवार, कार्यपालन यंत्री वीके छारी, सहायक यंत्री संजीव गुप्ता , जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री आशुतोष भगत सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। दल के समक्ष ग्वालियर की भितरवार विधानसभा के 33 से अधिक गांवों की जल समस्या का उल्लेख करते हुये कहा कि इन गांवों में भू-जल स्तर 700 से 800 फीट तक नीचे चला गया है। किसान सिंचाई के लिये पानी के अभाव में पलायन करने के लिये मजबूर है । भूजल की वर्तमान स्थिति को सुधारने एवं समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत है। सांसद श्री शेजवलकर ने कहा कि यहां पर सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी की व्यवस्था होने से किसानों की आय बढेगी।
लोक स्वास्थय यांत्रिकी, जल संसाधन, कृषि, सिंचाई ,वन सहित अन्य विभागों के साथ समन्वय से इन गांवों में व्याप्त जल समस्या का निराकरण के लिये योजना साकार हो सकती है। लोकसभा में नियम 377 के तहत भितरवार विधानसभा के बरई‚ रानीघाटी‚ आरोन‚ पाटई सहित 33 से भी अधिक गांव में लगातार घटते भू-जल स्तर के कारण जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों की इस समस्या से सदन को अवगत कराते हुये इसके निदान की मांग की थी ।

