फर्जी जमानतदारों के गिरोह का खुलासा 3 आरोपी फर्जी भू-अधिकार ऋण पुस्तिकाओं, सील सहित गिरफ्तार
ग्वालियर। विगत कई दिनों से आरोपियों को फर्जी कागजात के आधार पर पैसे लेकर जमानत कराने का रैकेट चलाये जाने के संबंध में सूचनाएं मिल रही थी। 21 दिसम्बर को एसपी अमित सांघी को जिला न्यायालय के पास कुछ लोग फर्जी भू अधिकार ऋण पुस्तिका लगाकर आरोपियों की जमानत करा रहे हैं तथा इन लोगों के द्वारा पूर्व में भी कई आरोपियों की न्यायालय में फर्जी दस्तावेज पेश कर जमानत कराई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी (अपराध) राजेश डण्डोतिया ने काईम ब्रांच की टीम को लगाया।
डीएसपी अपराध रत्नेश तोमर एवं विजय भदौरिया के थाना प्रभारी क्राईम ब्रांच दामोदर गुप्ता के क्राईम ब्रांच की टीम एवं थाना प्रभारी इन्दरगंज मिर्जा आसिफ बेग के साथ एक टीम को मुखबिर के बताये स्थान जिला न्यायालय के आसपास पहुंचकर तस्दीक की तो पुलिस टीम को मुखबिर के द्वारा बताई गई हुलिया के अनुसार तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखे। जिसमें से एक वृद्व व्यक्ति के पास में एक सूटकेश तथा दूसरे व्यक्ति के हाथ में एक थैला एवं तीसरे व्यक्ति के हाथ में एक प्लास्टिक की पॉलीथिन दिखाई दी। पुलिस टीम को देखकर तीनों संदिग्धों ने वहां से भागने का प्रयास किया, जिन्हे पुलिस टीम द्वारा घेरकर पकड़ लिया गया। पुलिस टीम द्वारा मौके से पकड़े गये संदिग्ध व्यक्तियों में से वृद्व व्यक्ति के पास मौजूद सूटकेश को खोलकर देखा गया तो विभिन्न न्यायालयों में जमानत दी गई कुल 9 भू-अधिकार ऋण पुस्तिकायें जिन पर विभिन्न पद मुद्रा लगी हुई हैं एवं 11 खाली भू-अधिकार ऋण पुस्तिकायें, 51 खाली पेपर, एक पॉलीथिन में विभिन्न पद मुद्रा की कुल 32 सीले, 6 सीलपेड, 6 आधार कार्ड एवं एक प्रिन्टर आदि सामग्री मिली। पकड़े गये दूसरे संदिग्ध के पास मिले थैले को चैक करने पर उसमें से जमानत दी हुई कुल 5 भू-अधिकार ऋण पुस्तिकायें जिन पर विभिन्न पद मुद्रा लगी हुई है, 6 खाली भू-अधिकार ऋण पुस्तिकायें, 19 खाली पेपर आदि दस्तावेज मिले। पुलिस टीम द्वारा पकड़े गये तीसरे संदिग्ध की पास जमानत दी हुईं 4 एवं 3 खाली भू-अधिकार ऋण पुस्तिकायें मिली तथा 13 खाली पेपर मिले। पुलिस टीम द्वारा पकड़े गये तीनों व्यक्तियों से उक्त सामग्री रखने एवं उसके उपयोग के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होने उक्त भू-अधिकार ऋण पुस्तिकायें फर्जी होना बताया तथा उनके द्वारा पुलिस को बताया गया कि वह स्वयं एसडीएम व तहसीलदार की फर्जी सील-सिक्का लगाकर भू-अधिकार ऋण पुस्तिकायें तैयार कर आरोपियों के परिजनों से रूपये लेकर फर्जी भू-अधिकार ऋण पुस्तिकायें लगाकर उनकी जमानत भरवाते थे। उनके द्वारा पूर्व में कई लोगों की इसी प्रकार जमानत देना बताया गया है, जिसके संबंध में पुलिस द्वारा छानवीन की जा रही है।

