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मध्यप्रदेश पुलिस में अब नियमित प्रमोशन से भरेंगे पद

15 हजार पुलिसकर्मियों को मिलेगा नियमित प्रमोशन
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस में 4 वर्षों से लागू कार्यवाहक प्रभार की व्यवस्था अब समाप्त होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने इंस्पेक्टर रैंक तक किसी भी पुलिसकर्मी को उच्च पद का कार्यवाहक प्रभार देने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित नियमित पदोन्नतियों का रास्ता भी साफ हो गया है। विभागीय तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आगामी सप्ताह से विभिन्न रैंक के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रमोशन आदेश जारी होने की संभावना है।
स्पेशल डीजी (प्रशासन) आदर्श कटियार की ओर से जारी आदेश में प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अब किसी भी स्तर पर नए कार्यवाहक प्रभार की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब प्रदेश सरकार सभी विभागों में नियमित पदोन्नति प्रक्रिया तेज करने के निर्देश पहले ही दे चुकी है।
4 साल पहले प्रमोशन रुकने पर शुरू हुई थी व्यवस्था
प्रदेश में करीब एक दशक तक नियमित पदोन्नति नहीं होने से हजारों पुलिसकर्मी एक ही पद पर कार्यरत थे। इसे देखते हुए वर्ष 2021 में तत्कालीन सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के रूप में कार्यवाहक प्रभार देने का निर्णय लिया था। इसके तहत पात्र पुलिसकर्मियों को एक रैंक ऊपर का पदभार और उससे जुड़े अधिकार तो मिल जाते थे, लेकिन वेतन और अन्य वित्तीय लाभ मूल पद के अनुसार ही मिलते थे। पिछले 4 वर्षों में प्रदेशभर में करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों को इस व्यवस्था के तहत उच्च पद का कार्यवाहक प्रभार दिया गया। इनमें आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से एएसआई, एएसआई से सब-इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर से डीएसपी स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं।
पुलिस विभाग में वर्तमान में एक लाख से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों की नियमित पदोन्नति लंबित है। पीएचक्यू ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केपी. वेंकटेश्वर राव की अध्यक्षता में समिति बनाकर विभिन्न रैंक की फिटनेस सूची तैयार कराई है। अधिकांश सूचियां तैयार हो चुकी हैं और फिलहाल प्रशासन शाखा उनकी अंतिम जांच कर रही है।
इस क्रम में जारी होंगे प्रमोशन आदेश
विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रमोशन आदेश चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे। सबसे पहले सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर पदोन्नति सूची जारी होगी। इसके बाद हवलदार से सहायक निरीक्षक के प्रमोशन आदेश जारी किए जाएंगे। फिर एएसआई से सब-इंस्पेक्टर तथा प्लाटून कमांडर से सूबेदार की सूची आएगी। महीने के अंत तक प्रधान आरक्षक से एएसआई की पदोन्नति सूची जारी होने की संभावना है। आरक्षक से प्रधान आरक्षक पदोन्नति की प्रक्रिया जिला एवं यूनिट स्तर पर पूरी की जाएगी।
कार्यवाहक अफसरों को मिलेंगे नियमित पद
पीएचक्यू के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में उच्च पदों पर कार्यवाहक प्रभार संभाल रहे अधिकांश पुलिसकर्मी नियमित पदोन्नति सूची में शामिल होंगे। इससे वे उसी पद पर नियमित रूप से नियुक्त हो जाएंगे और उन्हें वेतन एवं अन्य सेवा लाभ भी नए पद के अनुसार मिल सकेंगे। इसके अलावा कार्यवाहक डीएसपी के रूप में कार्य कर रहे इंस्पेक्टरों और डीएसपी पद के लिए पात्र अधिकारियों की सूची भी गृह विभाग को भेज दी गई है। इस स्तर की पदोन्नतियों के आदेश गृह विभाग जारी करेगा।
पोस्टिंग पर भी शुरू हुई कवायद
बड़ी संख्या में पदोन्नतियां होने के कारण नई पदस्थापनाओं की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन मिलेगा, उन्हें अधिकारी की नई जिम्मेदारियों के अनुरूप नई पोस्टिंग भी दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन शाखा अलग से स्थानांतरण और पदस्थापना की योजना तैयार कर रही है। कार्यवाहक प्रभार की व्यवस्था समाप्त होने और नियमित प्रमोशन शुरू होने से पुलिस विभाग में लंबे समय से रुकी कैरियर प्रगति फिर पटरी पर लौटेगी। इससे न केवल हजारों पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पद और वेतनमान का लाभ मिलेगा, बल्कि विभाग में रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्तियां होने से प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

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