8th Pay Commission- क्या बैसिक सेलरी बढ़कर 69 हजार होगी, हैरान करेगा यह सच
नई दिल्ली. 8th Pay Commission के तहत बड़ा फैसला आने वाला है। जल्द ही कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर, बैसिक सैलरी और महंगाई भत्ते को लेकर ऐलान हो सकता है। अभी 8वें वेतन आयोग कीर टीम इस पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस दौरान सबसे चर्चित मुद्दा यह है कि केन्द्र सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18 हजार रूपये से बढ़कर करीब 69 हजार रूपये हो सकता है। अगर यह बदलाव होता है तो 1.2 लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। इसमें 50 लाख एक्टिव एम्पलॉयज और लगभ 70 लाख पेंशनर्स शामिल है। लेकिन अब सवाल है कि क्या सच में इसमें बदलाव होगा और अगर बदलाव भी हुआ तो क्या बेसिक मिनिमम सैलरी बढ़कर 69 हजार रूपये होगा।
दरअसल, 69 हजार रूपये का अमाउंट सिर्फ कर्मचारियों की मांग है। यह8th Pay Commission का आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है और ना ही सरकार इसे स्वीकार करने की कोई इच्छा जाहिर की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम सिफारिश ज्यादा संतुलित होने की संभावना है। जिसमें कर्मचारियों की अपेक्षाओं और सरकार की वित्तीय क्षमता के बीच संतुलन बनाये रखा जायेगा।
क्यों हो रही 69 हजार बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग
दरअसल, इसमें बड़ा रोल निभा रहा है फिटमेंट फैक्टर, वहीं फिटमेंट फैक्टर जो 7th Pay Commission के लागू होने पर 2.57 पर तय किया गया था। जिससे न्यूनतम मूल वेतन 6th Pay Commission के तहत 7 हजार रूपये से बढ़कर जनवरी 2016 से 18 हजार रूपये हो गया। इस बार केन्द्र सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली राष्ट्रीय परिषद -संयुक्त परामर्शदात्री समिति ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर इसे स्वीकार कर लिया जाता है। न्यूनतम मूल वेतन करीब 69 हजार रूपये तक बढ़ सकता है।
क्यों नहीं हो सकती है इतनी बढ़ोतरी
अधिकतर विशेषज्ञ का कहना है कि 3.83 के करीब का फिटमेंट फैक्टर केन्द्र सरकार पर और आखिर कई राज्य सरकारों पर भारी वित्तीय भार डालेगा। इसके बजाय कई विशेषज्ञों के अनुसार फिटमेंट फैक्टर के 2.0 और 2.1 के बीच कहीं स्थिर होने की उम्मीद करते हैं। जबकि अन्य वित्तीय स्थितियों के अनुमार के आधार पर इसके मौजूदा 2.57 के करीब रहने की संभावना है।

