शिवपुरी की 103 एकड़ जमीन में लगेगी डिफेंस फैक्ट्री, ड्रोन और गोला-बारूद बनाया जायेगा, 2 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

शिवपुरी. मध्यप्रदेश के शिवपुरी के के पाली गांव में अभी तक खेती के लिये जाना जाता था। यहां टमाटर, गेहूं और चने की फसलें पैदा की जाती थी। लेकिन कुछ माह के बाद यही इलाका डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की वजह से पहचान बनेगा। कोलारस इलाके पालीगांव के पास अड़ाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस लगीाग 2500 करोड़ रूपये की लागत से डिफेंस यूनिट स्थापित कर रही है। इससे करीब 2 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। 5 जुलाई को सीएम मोहन यादव, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और अडाणी समूह के अधिकारी इसका भूमिपूजन करेगें।
भूमिपूजन से पहले परियोजना स्थल और पालीगांव में जिला प्रशासन की टीम पहुंची। खेतों के बीच फैली जमीन पर अभी सन्नाटा है। लेकिन गांव में सबसे अधिक चर्चा इस बात की है क्या अब स्थानीय युवाओं को नौकरी के लिये गुजरात और महाराष्ट्र नहीं जाना होगा। इस परियोजना को पूरे इलाके की आर्थिक तस्वीर बदलने वाले निवेश के रूप में देख रहे हैं।
रेलवे और हाइवे यही बनी सबसे बड़ी ताकत
पालीगांव का चयन सिर्फ संयोग नहीं है। प्रस्तावित फैक्ट्री राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के किनारे है। जिससे राजस्थान और गुजरात तक सीधा संपर्क मिलता है। पास में एनएच-46 भी है। जो भोपाल और राज्य के दूसरे हिस्सों से जोड़ता है। इस इलाके से रेलवे लाइन भी गुजरती है। ऐसे में भारी मशीनरी, कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही सड़क और रेल, दोनों से आसानी से हो सकेगी। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस स्थान का डिफेंस उद्योग के लिये रणनीतिक रूप से उपयुक्त मानते है।
ड्रोन, गोला-बारूद जैसे उपकरण बनाती है कंपनी
अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस पहले से रक्षा क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी छोटे हथियार, गोला-बारूद, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और आधुनिक रक्षा तकनीक से जुड़े उत्पाद बनाती है। माना जा रहा है कि शिवपुरी की यूनिट भी देश की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हालांकि कंपनी ने अभी यह सार्वजनिक नहीं किया है कि यहां कौन-कौन से रक्षा उत्पाद बनाए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से ऐसी जानकारी पहले साझा नहीं की जाती। पालीगांव के पास बनने वाली यह यूनिट शिवपुरी का अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश मानी जा रही है।

