डिजीटल अरेस्ट कर 1.58 करोड़ रूपये ठगने के आरोप में मुरैना से 2 चचेरे भाई गिरफ्तार
ग्वालियर. रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी से 1.58 करोड़ रूपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने मुरैना के पोरसा से शुक्रवार की रात 2 चचेरे भाईयों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि दोनों टेलीग्राम क माध्यम से विदेशी (चायनीज) नेटवर्क से जुड़े थे। ठगी की रकम को बायनेंस के जरिये से क्रिप्टोकरेंसी में बदल आगे भेेजते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 3 चेक बुक, 2 मोबाइल और 3 सिमकार्ड इनके कब्जे से जब्त किये गये है। इससे पहले इस मामले में नासिक के एक लोहा व्यापारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसके खाते में ठगी की रकम की पहली लेयर पहुंची थी।

ईडी+सीबीआई के अधिकारी बनकर ठगे थे
जनकगंज निवासी सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मचारी मीनाक्षी नाखरे को ठगों ने स्वयं को सीबीआई और ईडी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल कर डिजीटल हाउस अरेस्ट कर लिया था। मनी लॉड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे अलग-अलग बैंकों की एफडी तुडवाकर 1.58 करोड रूपये कथित जांच के नाम पर विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिये थे।
आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस
बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री तलाशने पर पुलिस को मुरैना के पोरसा निवासी राहुल तोमर के एकाउंट में ठगी के 4 लाख रूपये मिलने का पता चला। पूछताद में राहुल ने बताया कि उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खातो अपने चचेरे भाई रोहित तोमर को उपयोग करने के लिये लिया दिया था। इसके बाद पुलिस ने रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रोहित ने स्वीकार किया था कि वह टेलीग्राम के माध्यम से विदेशी नेटवर्क के संपर्क में था। ठगी की रकम में बाइनेंस पर यूएसडीटी खरीदकर आगे ट्रांसकर करता था। डीएसपी क्राइम मनीष यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है। जिन-जिनि एकाउंटों में ठगी की रकम पहुंची है, उनकी भी जांच पड़ताल की जा रही है।

