ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रद्युम्नसिंह तोमर को पहनाई चप्पलें
ग्वालियर. मध्यप्रदेश के ऊर्जामंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर ने 65 दिन के बाद चप्पलें पहन ली। केन्द्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें चप्पल पहनाई। यह इतिहास में पहली बार है जब सिंधिया घराने के किसी महाराज ने अपने हाथों से किसी को चप्पल पहनाई हों। ऊर्जामंत्री ने अपनी विधानसभा की 3 सड़कें नहीं बनने तक जूते-चप्पल त्याग दिये थे, इन सड़कों का अब 80 से 90% तक काम पूरा हो चुका है।
इस बीच सिंधिया ने ऊर्जामंत्री से कहा है कि आपका संकल्प जनता के हित में था और वह सफल हुआ है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के चप्पल पहनाये जाने के बाद ऊर्जामंत्री ने भी उनका आभार माना और कहा है कि मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया के सहयोग से यह हो पाया है।
20 अक्टूबर 2022 को त्यागे थे जूते-चप्पल
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर 20 अक्टूबर को भोपाल से लौटने के बाद अपनी विधानसभा क्षेत्र में निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां निरीक्षण के दौरान उन्होंने लक्ष्मण तलैया, गैंडेवाली सड़क और जेएएच रोड को खुदा पड़ा देखा था। स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया था कि किस तरह सड़क उनको दर्द दे रही हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। सड़कें बनाने के नाम पर महीनों से खुदी पड़ी हैं। इसके बाद जनता का दर्द खुद महसूस करने के लिए और सड़कों को जल्द बनवाने का संकल्प लेकर ऊर्जा मंत्री ने उसी दिन से चप्पल-जूते त्यागने की घोषणा कर दी थी। उनका कहना था कि वे खुद भी तब तक चप्पल नहीं पहनेंगे, जब तक कि ये तीनों सड़कें चलने लायक नहीं हो जाएंगी। कांग्रेस ने ऊर्जा मंत्री तोमर पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि वे अपनी ही सरकार में सड़कें नहीं बनवा पा रहे हैं, तो चप्पल नहीं, पद छोड़ देना चाहिए।

